सोशल मिडिया आज के समय का एक ऐसा प्लेटफार्म है, जिससे हर उम्र के लोग जुड़े रहते हैं। लेकिन कहते हैं कि अति हर चीज़ की बुरी होती है और ऐसा ही खुमार है सोशल मीडिया का जिसने हर एक इंसान को इसका एडिक्ट बना दिया है। कुछ लोगों में इसकी दीवानगी इस हद होती है रात को जितने बजे भी उनका मोबाइल बीप करे वो एक्टिव हो जाते हैं।

और यही वजह है कि इसको ऑपरेट करते लोगों ने जितना दिल इससे लगाया है अपने पर्सनल रिलेशन्स में उतनी ही दूरियां बढ़ा ली हैं। अगर आप भी उनमे से एक हैं जो इस बात को महसूस करती हैं कि इंटरनेट और सोशल मीडिया आपकी पर्सनल लाइफ को एफ्फेक्ट कर रहा है, तो इन बातों का ख्याल रखकर आप अपने इस एडिक्शन को कंट्रोल कर सकती हैं और सोशल मीडिया के बैड इफ्फेक्ट से अपने प्यार को सिक्योर कर सकती हैं –

नो टाइम सैट करें 

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आपको याद होगा कि किस तरह बचपन में आपके परेंट्स आपके टीवी देखने पर पाबंदी लगा दिया करते थे। वो कर्फ्यू टाइप पाबन्दी कभी कुछ घंटो की होती थी तो एग्जाम टाइम पर कुछ दिनों की जिसकी वजह से आपका स्टडी कॉन्सेंट्रेशन तो बढ़ता ही था साथ ही फिजिकल एक्टिविटी भी बहुत होती थी।

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ठीक ऐसा ही आपको करना जब भी आप अपने पार्टनर के साथ हों तो अपने फ़ोन का ‘नो’टाइम सेट करें। जिसमे आप और आपके पार्टनर कुछ समय तक फ़ोन ऑपरेट नहीं करेंगे। समय अपनी सहूलियत के अनुसार तय करें और अपने पार्टनर के साथ शुकुन भरे कुछ पल बिताये।  

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कम्पैरिजन करना बंद करें 

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सोशल मीडिया को फॉलो करते हुए आप कितनी बार कम्पैरिजन करना शुरू कर देती हैं। जैसे मेरी फ्रेंड को उसका हसबैंड आये दिन गिफ्ट्स देता है या उसका पार्टनर बहुत रोमांटिक है। कम्पैरिजन करना बंद करें ऐसा करके आप धीरे धीरे अपने प्यार को कम कर रही हैं।यकीन करें कि आपके पास जो है वही परफेक्ट है।

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कॉउंसलर से सलाह लें

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यदि आप सोशल मीडिया की ओवर डोज़र हो गयी हैं तो अटेंटिव हो जाए इससे पहले कि आप अकेली पड़ जाए किसी कॉउंसलर या एक्सपर्ट से मिले जिससे आप पाने प्यार को ग्रहण लगने से बचा सके। कहते हैं कि बीमारी भी इलाज न होने पर विकराल रूप ले लेती है इसलिए समय रहते सोल्यूशन तलाशे और अपने को प्यार जिये।