हम और आप गार्डन में ऐसे कई पौधे लगाते हैं जो किसी न किसी रूप में सेहत के लिए ही इस्तेमाल कर सकें। जैसे- तुलसी का पौधा, एलोवेरा का पौधा, पुदीना का पौधा आदि कई पौधे सेहत के लिए भी बेस्ट मानते हैं। कई बार आयुर्वेदिक एक्सपर्ट भी कुछ पौधे के फल और पत्तों का सेवन करने की देते हैं।
हजारों औषधीय पौधों में से रसभरी का एक ऐसा पौधा है जिसे कई लोग सेहत के लिए इस्तेमाल करते हैं। कहा जाता है रसभरी के फल शुगर को कंट्रोल करने के लिए बेस्ट होते हैं।
इस लेख में हम आपको कुछ बेहतरीन गार्डनिंग टिप्स बताने जा रहे हैं जिन्हें फॉलो करके आप आसानी से रसभरी का पौधा गार्डन में लगा सकते हैं। आइए जानते हैं।
रसभरी पौधा लगाने के लिए सामग्री
- बीज
- गमला/ग्रो बैग
- खाद
- पानी
बीज का करें सही चुनाव
गमले में लगाने के लिए सबसे ज़रूरी है बीज का सही होना। अगर बीज सही नहीं हो तो हम और आप कितना भी मेहनत कर लें पौधा कभी भी सही से नहीं उगेगा। ऐसे में रसभरी का बीज सही खरीदना बहुत ज़रूरी है।
अगर आप बेस्ट क्वालिटी का बीज खरीदना चाहते हैं तो फिर आपको इधर-उधर जाने की ज़रूरत नहीं है। इसके लिए आपको किसी बीज भंडार जाना चाहिए। बीज भंडार में अच्छे और सस्ते किस्म के बीज आसानी से मिल जाते हैं।
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रसभरी का बीज लगाने से पहले करें ये काम
- रसभरी का बीज लगाना बहुत आसान है, लेकिन इसका बीज लगाने से पहले आपको कुछ गार्डनिंग टिप्स को फॉलो करने की ज़रूरत है। जैसे-
- रसभरी का पौधा लगाने के लिए जिस मिट्टी का इस्तेमाल करने वाले हैं उस मिट्टी को फोड़कर 1-2 दिन के लिए धूप में रख दें। इससे मिट्टी में मौजूद नमी, कीड़े और जंगली घास मर जाते हैं।
- नेक्स्ट दिन मिट्टी में 2-3 कप खाद को डालकर अच्छे से मिक्स कर लें। खाद मिक्स करने से पहले मिट्टी को ज़रूर चेक करें कि कोई कीड़ा न जंगली घास मौजूद तो नहीं है।
- अब खाद युक्त मिट्टी को गमले में डालकर बराबर कर लें। मिट्टी बराबर करने के बाद बीज को मिट्टी के अंदर 1-2 इंच गहरा दबाकर मिट्टी को बराबर कर लें।
- बीज लगाने के बाद एक से दो मग पानी ज़रूर डालें। अब गमले को उठाकर छांव में रख दें।
- नोट: रसभरी पौधे की ग्रोथ अच्छी जो इसके लिए आप जैविक खाद का ही इस्तेमाल करें। जैविक खाद र्मीकम्पोस्ट (केंचुआ खाद या गोबर) खाद का उपयोग कर सकते हैं। इससे पौधे की ग्रोथ अच्छी होती है। केमिकल युक्त खाद से बीज को नुकसान हो सकता है।
- नोट: अगर रसभरी का बीज पौधे के रूप में है तो सबसे पहले पौधे को गमले में डालें और साइड-साइड से मिट्टी को डालकर बराबर कर लें।
रसभरी का बीज लगाने के बाद इन बातों का रखें ध्यान
- जब तक रसभरी का बीज अंकुरित नहीं होता है तब तक बीज को तेज धूप से दूर रखें, क्योंकि तेज धूप से बीज मर भी सकता है।
- जब बीज अंकुरित होने लगे तो आप धूप में रख सकते हैं। वैसे सर्दियों में बीज को धूप में रखने से कोई अधिक नुकसान नहीं होगा।
- जब पौधा 2-3 इंच बड़ा हो जाए तो नियमित समय पर पानी और खाद डालते रहे।
- किसी भी मौसमी कीड़े से पौधा को बचाने के लिए कीटनाशक स्प्रे का छिड़काव करते रहे। आप नींबू का रस, बेकिंग सोडा या फिर सिरके के इस्तेमाल से होममेड कीटनाशक स्प्रे बना सकते हैं।
रसभरी फल के फायदे
रसभरी सिर्फ शुगर कंट्रोल ही में ही नहीं बल्कि कई बीमारियों में भी इस्तेमाल किया जा सकता है। कहा जाता है कि यह आंखों के लिए भी बेस्ट होते हैं। इसके अलावा अपच की समस्या भी दूर किया जा सकता है।
नोट: रसभरी फल का सेवन करने से पहले किसी आयुर्वेदि एक्सपर्ट से ज़रूर सलाह लें।
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