हमारे आसपास ऐसी कई सब्जियां हैं, जिनके बारे में बहुत कम लोगों को ही जानकारी होती हैं। सेहत के मामले वो सब्जियां किसी वरदान से कम नहीं होती हैं। यही नहीं इस सब्जियों में पाए जाने वाले औषधीय गुण कई बीमारियों में आसानी से दूर करने में भरपूर भी मदद करती हैं। आज भी ग्रामीण क्षेत्र में लोग कई बीमारियों के इलाज के लिए प्राकृतिक सब्जियों को ही डाइट में शामिल करना पसंद करते हैं।

इन्हीं सब्जियों में से एक है आर्टिचोक। शायद आपने इससे पहले इसका नाम नहीं सुना हो लेकिन, इसमें फाइबर, प्रोटीन, आयरन, जैसे कई पोषक तत्व मौजूद होते हैं। आज इस लेख में हम आपको घर पर इसे उगाने के तरीके के बारे में बताने जा रहे हैं, तो आइए जानते हैं।

इन चीजों की ज़रूरत पड़ेगी 

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  • आर्टिचोक का बीज 
  • गमला
  • मिट्टी 
  • खाद 
  • पानी 

बीज का चुनाव कैसे करें?

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किसी भी फूल या सब्जी को लगाने से सबसे पहले सही बीज का चुनाव करना बहुत ज़रूरी है। अगर बीज सही नहीं है, तो आप कितना भी मेहनत कर लीजिए सब्जी कभी भी सही से नहीं उगेगी। इसलिए घर पर आर्टिचोक उगाने के लिए सबसे पहले सही बीज का चुनाव करें। सही बीज खरीदने के लिए इधर-उधर भटकने से अच्छा है कि आप किसी बीज भंडार का रूख करें। यहां अच्छे और कम कीमत में बीज मिल जाएंगे।

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मिट्टी को तैयार करें 

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बीज खरीदने के बाद समय है मिट्टी को तैयार करने की। इसके लिए सबसे पहले आप जिस मिट्टी को गमले में डालना चाहती हैं उसके एक से दो बार अच्छे से खुरेंच लें। इससे मिट्टी नरम और सॉफ्ट हो जाती है और सब्जी भी अच्छी होती है। मिट्टी खुरेंचने के बाद खाद को अच्छे से मिक्स कर लें और मिट्टी को गमले में डाल दें। इसके बाद बीज को मिट्टी में 1-2 इंच गहरा दबाकर ऊपर से मिट्टी रख दें। बीज लगाने के बाद एक से दो मग पानी डालना न भूलें। (आसानी से उगाया जा सकता है पान का पौधा)

खाद कैसा होना चाहिए?

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अगर आप चाहती हैं कि आर्टिचोक पौधे को कोई नुकसान न पहुंचें और फसल सही हो तो आपको खाद पर भी ध्यान देने की ज़रूत है। केमिकल युक्त खाद आर्टिचोक के बीज और फसल पर बुरा प्रभाव डालते हैं इसलिए खाद के रूप में आप हमेशा जैविक खाद या फिर कम्पोस्ट खाद का ही इस्तेमाल करें। इसके लिए आप गांय का गोबर या फिर अन्‍य फल और सब्जी की पत्तियों का उपयोग कर सकती हैं। 

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मौसम का रखें ध्यान 

अन्य सब्जियों की तरह आर्टिचोक धूप की ज़रूरत ज़रूर होती है। अगर आपने गमले को ऐसी जगह रखा है जहां धूप नहीं आती है तो उसे धूप में ज़रूर रखें। हालांकि, बीज अंकुरित होने तक आप तेज धूप से दूर भी रख सकती हैं। बारिश में मौसम में ध्यान रहे कि अधिक पानी न पड़े। इसके अलावा समय-समय पर नेचुरल कीटनाशक का छिड़काव बीज पर ज़रूर करें। इससे कीड़े-मकोड़ों दूर रहते हैं। लगभग तीन से चार महीने बाद आर्टिचोक सब्जी खाने योग्य हो जाती है। आप चाहें तो पकने के लिए कुछ दिनों तक ऐसे ही छोड़ सकती हैं।

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