तुलसी का पौधा आमतौर पर हर एक घर में मौजूद होता है। पूजा में विशेष रूप से काम में आने वाला ये पौधा बहुत ज्यादा पवित्र माना जाता है। यही नहीं ऐसा भी माना जाता है कि कई बार इस पौधे के बिना पूजन ही अधूरा होता है। ऐसे में तुलसी के पौधे की सुरक्षा करना भी बहुत जरूरी है। कई बार पौधे की उचित देखभाल न कर पाने की वजह से ये सूख जाता है या फिर इसमें कीड़े लग जाते हैं। 

तुलसी के पौधों में कीड़े लगने एक आम बात है। ये कीड़े सफ़ेद और काले रंग के होते हैं और तुलसी की पत्तियों के साथ पूरे पौधे को खराब कर देते हैं। तुलसी की पत्तियों का सेवन हम खाने के रूप में भी करते हैं इसलिए इसमें केमिकल युक्त कीटनाशकों का इस्तेमाल हानिकारक साबित हो सकता है। इसलिए इस पौधे से कीड़े हटाने के लिए प्राकृतिक उत्पादों और स्प्रे का इस्तेमाल करना अच्छा विकल्प है. यदि आप भी अपने घर में तुलसी में लगने वाले कीड़ों से परेशान हैं, तो हम आपको बताने जा रहे हैं इन कीड़ों से छुटकारा पाने के कुछ घरेलू प्राकृतिक उपायों के बारे में। 

पानी का जेट

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तुलसी के पौधों पर किसी भी रासायनिक उपचार का उपयोग करने से पहले, पहले पानी की तकनीक का छिड़काव करके देखें। बगीचे की नली का उपयोग करके, संक्रमित पौधे को पानी की एक तेज धारा दें। पत्तियों के नीचे की ओर प्रवाहित करने की कोशिश करें जहां सफेद, काले कीड़े, मकड़ियां और एफिड्स आम तौर पर रहते हैं। फंगल इंफेक्शन से बचने के लिए सुबह की धूप में तुलसी के पौधे को तेज धार से पानी दें। 

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साबुन का स्प्रे

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घर का बना साबुन का स्प्रे तुलसी के पौधों के कीटों के लिए सबसे आसान उपाय है। इसको तैयार करने के लिए आपको बस इतना करना है कि 7-8 मग सादे पानी में 4-5 बड़े चम्मच नॉन-डिटर्जेंट या डिश सोप मिलाएं। अच्छी तरह मिलाने के बाद घोल को एक स्प्रे बोतल में भर लें। इसे सुबह-सुबह संक्रमित हिस्सों पर या पत्तियों पर स्प्रे करें। ऐसा करने से तुलसी के पौधे से हर तरह के कीड़े हटने लगते हैं और नयी पत्तियां भी निकलने लगती हैं। 

नीम के तेल का स्प्रे 

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पौधों के कीड़ों को हटाने के लिए सबसे आम और व्यवहार्य विकल्पों में से एक नीम के तेल (घर में ऐसे बनाएं नीम का तेल) का स्प्रे है। नीम कीड़ों और कीड़ों के खिलाफ एक प्रभावी निवारक के रूप में काम करता है। साथ ही, यह पालतू जानवरों और पक्षियों के लिए बायोडिग्रेडेबल और गैर विषैले हैं इसलिए इनके इस्तेमाल के बाद तुलसी की पत्तियों में किसी प्रकार का केमिकल रिएक्शन नहीं होता है । नीम के पेड़ के बीजों से नीम का तेल निकाला जाता है। आप इसे किसी भी गार्डन स्टोर से भी खरीद सकती हैं और लेबल पर दिए गए निर्देशों के अनुसार इसका इस्तेमाल कर सकती हैं। इससे स्प्रे तैयार करने के लिए 1 लीटर पानी में 2 बड़े चम्मच नीम का तेल मिलाएं और अच्छी तरह मिलाने के बाद इसे स्प्रे की तरह इस्तेमाल करें। इसे पत्तियों और संक्रमित हिस्सों की निचली और ऊपरी सतह पर इस्तेमाल करें। आप तुलसी के पौधे पर कुचले हुए नीम के पत्तों की एक परत भी डाल सकती हैं।

नमक का स्प्रे

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नमक न केवल कीड़ों और कुछ कीटों को दूर भगाता है, बल्कि यह मिट्टी की पोषक तत्वों को अवशोषित करने की क्षमता को भी बढ़ाता है। इसका स्प्रे बनाने के लिए 1 लीटर पानी में सिर्फ एक बड़ा चम्मच नमक मिलाएं। इस घोल को पौधे के आकार के आधार पर और संक्रमित भागों के पास छिड़कें। इसके छिड़काव से कीड़े पूरी तरह से पौधों से दूर हट जाते हैं। 

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हर्बल स्प्रे

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नीलगिरी, अजवायन, तुलसी, मेंहदी और पुदीना का आवश्यक तेल भी कुछ कीड़ों को दूर रखने में उपयोगी है। आप इनमें से किसी भी तेल का इस्तेमाल पौधों का स्प्रे तैयार करने के लिए कर सकती हैं। इसे किसी भी स्टोर से खरीद सकती हैं और उपयोग के लिए पानी से पतला कर सकती हैं। इसके अलावा आप पत्तियों से भी हर्बल स्प्रे तैयार कर सकती हैं। इसके लिए नीम,अजवायन, तुलसी, मेंहदी या पुदीने के कुचले हुए पत्ते लें, उन्हें रात भर पानी में भिगो दें। फिर, इसे प्राकृतिक कीटनाशक स्प्रे के रूप में उपयोग करने के लिए सुबह छान लें और स्प्रे बोतल में भरकर इसका छिड़काव करें। 

ये सभी उपाय तुलसी के पौधे को कीड़ों से बचाने में मदद करने के साथ पूरी तरह से प्राकृतिक भी हैं। इसलिए इनके कोई दुष्प्रभाव नहीं हैं। 

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Image Credit: free pik and shutterstock