आज के दौर में यह बहुत ज़रूरी हो गया है कि बच्चे शारीरिक रूप से ही नहीं, मानसिक व भावनात्मक रूप से भी मजबूत हो, क्यूंकि जब तक वो मानसिक व भावनात्मक रूप से ठीक नहीं होंगे, तब तक वो कठिनाइयों का सामना करने में सक्षम नहीं होंगे। लेकिन, उसके लिए सबसे पहले ज़रूरी है माता-पिता का व्यहार बच्चों के प्रति सही होना।

माता-पिता ये भूल जाते हैं कि उनकी मेंटल हेल्थ का असर बच्चों पर भी कई तरीके से पड़ता है। कई बार माता-पिता उदास होते हैं तो उन्हें देख कर बच्चों के दिमाग पर भी असर पड़ता है। आज इस लेख में आपको बताने जा रहे हैं कि कैसे आपकी मेंटल हेल्थ का आपके बच्चों पर असर करता है। तो चलिए जानते हैं-

डिप्रेशन में डूब जाना

parents mental health affect their children inside

अगर आप किसी डिप्रेशन में होते हैं तो उसे देख बच्चे भी सोच में पड़ जाते हैं कि आखिर क्या हुआ कि सब उदास बैठे हैं? यहीं सोच कभी-कभी उनको डिप्रेशन तक पहुंचा देती है। अगर आप किसी तनाव में है तो बच्चों के सामने कभी भी उसे जाहिर ना करें। 

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रखें अपने से दूर 

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अगर आप मेंटली सही नहीं है तो जितना हो सके बच्चे को अपने से दूर ही रखें। कभी-कभी गुस्सा कंट्रोल नहीं हो पाता है और वो गुस्सा बच्चों पर निकल जाता है, जिसके चलते उनके दिमाग पर असर पड़ता है। चाहे तो आप खुद भी कमरे से बाहर निकल जाएं और जब आप नार्मल हों, तभी घर लौटें। (बच्चों की स्टडीज नहीं होगी डिस्टर्ब, इन टिप्स का लें सहारा)

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ऊर्जा की कमी

अगर बच्चे आपको उदास और नर्म देखते हैं तो कभी-कभी वो भी उदास हो जाते हैं, और किसी भी काम को लेकर उनमें उर्जा की कमी होती जाती है। अगर फ्रेश और मुस्कुराता हुआ चेहरा आपका देखते हैं तो वो बेहद ही खुश और उर्जावान रहते हैं। इसलिए आप जब भी अपने आप को ढीला महसूस करें तो कम से कम उनके सामने उर्जावान ही दिखें। (बचपन में ही दें बच्चों को ये 5 सीख)

पढाई-लिखाई में नहीं लगता मन 

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आपकी मेंटल हेल्थ का आपके बच्चों के पढ़ाई-लिखाई पर भी असर करता है। अगर आप तरोताजा रहेंगे तो बच्चों का हर चीज में मन लगा रहता है। कई बार आपकी मेंटल हेल्थ का असर उनपर इतना पड़ता है कि वो सिर्फ किताबों की ओर देखते ही रहते हैं, और बाद में मालूम में मालूम चलता है कि वो आपके बारे में ही सोच रहे थे। 

  

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खुद करें डिटॉक्स

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आपके बच्चे पर आपकी मेंटल हेल्थ का कोई भावनात्मक असर ना पड़े इसके लिए आप समय-समय पर कुछ एक्टिविटीज काम करते रहे। इसके लिए घर के बगीचे में प्लांट लगना, डायरी लिखने या फिर किसी करीबी से बात करते रहे। (इफेक्टिव टिप्स जो करेंगे आपके बच्चे का बेहतर विकास)

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