पिछले कई दिनों एक बात हम, आप सुन रहे है की करोना सब पर वार करता है। ना यह धर्म देखता है, ना जात-पात, ना अमीर-गरीब, ना बढ़ा-छोटा, ना महिला-पुरुष, ना बच्चा-बूढा आदि, आदि। अपने संपर्क में आये सभी को यह अपनी चपेट में ले लेता है। यह सही भी है, सभी वर्गों पर करोना का कहर जारी है। ऐसे ही यह कहना की फलां–फलां  नंबर पर इसका असर नहीं होगा, यह कहना गलत ही होगा। इसके न्यूमेरोलाजी आकलन से विभिन्न अंको से इसके संबंध की विशेष जानकारी पता करके हम अपना मार्गदर्शन कर सकते है। इस बारे में हमें सेलिब्रिटी अंक ज्योतिष (न्यूमेरोलॉजी) और टैरो रीडर मनीष मालवीय बता रहे हैं

COVID-19 के न्यूमेरोलाजी विशलेषण से पता चलता है कि करोना का नंबर 4 से गहरा नाता है। पहले हम यह देखते है कि COVID-19 कैसे इतनी व्यापक, घातक, आक्रामक और रहस्यमयी बीमारी बनी! COVID-19 का सारा साम्राज्य नंबर 4 और इससे अच्छा ताल-मेल रखने वाले नंबर 7,6,5 और 1 से है! COVID-19 की न्यूमेरोलाजिकल वेल्यू नंबर 31 या 40 पर आती है। जिसका सिंगल नंबर 4 बनता है। COVID-19 का जिस कोरोना वायरस परिवार से नाता है, वह नंबर 7 पर है। नंबर 4 और 7 का संबंध राहू, केतु से है। यह दोनों ही रहस्यमयी, भ्रम पैदा करने वाले नंबर है, और जब यह दोनों मिलते है तो इनकी शक्ति बहुत अधिक हो जाती है। यह एक अबूझ पहेली सा बन जाते है।

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ऐसा माना जाता है कि COVID-19 का पहला केस चीन में 17 नवम्बर 2019 को आया था। इस पूरी डेट का टोटल करने पर यह नंबर 13 यानि नंबर 4 पर आता है। इस तरह इसके दुनिया के सामने आने का नंबर भी 4 है। COVID-19 के पहले मरीज की आयु 55(1)साल थी और पहले दिन ही 10 केस सामने आये थे।

चाइना के जिस राज्य HUBEI(19) और शहर WUHAN(23) से यह निकला उनका नंबर क्रमशः 1 और 5 है। और CHINA का नंबर (15) 6 है। इसे COVID-19 नाम नहीं देना चाहिए था। अगर इसे COVID-19 की जगह कोई और नाम दिया गया होता, तो उसके परिणाम कुछ और होते। 

COVID-19 नाम देने से इसमें नंबर 1 और 4 दोनों की शक्ति का समावेश हो गया। इन दोनों नम्बरों के कारण ही यह इतना अधिक उर्जावान, आक्रामक, सक्रीय और दबंग सा हो गया। नंबर 1 कीर्ति का भी नंबर है तो जल्दी ही इसे कीर्ति भी मिल गई। नंबर 4 भ्रम और रहस्य पैदा करता है। इस वजह से कोई इसकी थाह नहीं पा रहा है। इसका नया-नया रूप जल्दी-जल्दी आ रहा है। यह लगातार अपने भ्रमजाल में दुनिया और दुनिया भर के वैज्ञानिकों और चिकित्सा अनुसन्धानकर्ताओं को उलझाये हुये है। 

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साल 2020 का नंबर 4 पर होने से ही इसका प्रकोप इस साल इतना अधिक और व्यापक इसलिये हो गया क्‍योंकि साल और बीमारी एक ही नंबर पर आ गया और दोनों को एक दूसरे का सपोर्ट मिल गया। नंबर 4 उथल-पुथल और उठा पटक का भी नंबर है। नंबर 4 जो भी करता है अचानक से करता है। इसलिये ऐसा भी हो सकता है कि जिस तेजी से यह ऊपर आया है उसी तेजी से यह ख़त्म भी हो जाये। या यह भी हो की हमे इसके ख़त्म होने के आसार नज़र आये और फिर यह बार-बार उभर आये। इसलिये इससे पूरी तरह छुटकारा 2021 के आरम्भ में ही मिल पायेगा। पर ऐसा भी नहीं है कि इसकी सक्रियता साल भर ऐसी ही बनी रहेगी। मई के मध्य से जून में राहत भरी खबरे आ सकती है। फिर भी नवम्बर तक बहुत सावधान रहना होगा क्योंकि नियंत्रण में आने के बावजूद भी यह समय-समय पर अपना असर दिखा सकता है। बर्थ ईयर की आखरी संख्या बताएगी आपकी पर्सनालिटी

 

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जैसा मैंने पहले ही कहा है कि नंबर 4 भ्रम और उथल-पुथल का नंबर है। तो यह हो सकता है कि हम इस भ्रम में रह जाये की हमने इस पर नियंत्रण पा लिया है और यह फिर से उभर कर अपना रूप दिखा दें। इसलिये हमें जुलाई, सितंबर, नवम्बर के महीनो में विशेष सावधानी बरतनी होगी। वर्ष 2020 का नंबर ही चार है, इसलिये पूरे विश्व और लोगो पर सब तरफ इसका व्यापक प्रभाव पड़ेगा, किन्तु फिर भी नंबर 9,6,1, वाले देश, राज्य, शहर पर इसका प्रकोप ज्यादा हो सकता है। और वहां इसको नियंत्रित करने के लिये काफी संघर्ष करना पड़ सकता है। यूएसऐ, इटली, हुबेई नंबर 1 पर है। स्पेन, ईरान, उत्तर प्रदेश, मुंबई, दिल्ली, 9 पर है। फ्रांस, चाइना, इंदौर, पुणे 6 पर है।

इसी तरह सभी नम्बरों पर इसका प्रभाव पड़ेगा पर विशेष रूप से नंबर वे लोग जो लोग नंबर 9 और 2 से किसी न किसी तरह से जुड़े हुये है, उन्हें बहुत सतर्क रहने की जरुरत है। जिनका भी बर्थ नंबर, डेस्टिनी नंबर, बर्थ और डेस्टिनी नंबर का योग, पर्सनल ईयर नंबर, नामांक 9 या 2 है वे सब बहुत सावधानी से रहे, क्योंकि उन पर या उनसे सम्बंधित क्षेत्रों पर इसका असर ज्यादा हो सकता है।

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अगर इंडिया के संदर्भ में देखा जाये तो इस वर्ष इंडिया का पर्सनल ईयर नंबर 9 है, जो भारत के लिये परेशान करने वाला है। भारत के लिये 2020 बुरे वर्ष के रूप में जाना जा सकता है। वर्ष भर किसी ना किसी तरह की अनिश्चितता बनी रहेगी। कुछ क्षेत्र अशांत बने रहेंगे। अर्थ-व्यवस्था और व्यापार की स्थिति आशाजनक नहीं कही जा सकेगी। COVID-19 के अलावा भी देश में कोई अन्य बीमारी या घटना-दुर्घटनाये, आपदाये ऐसी आ सकती है, जिसमें जान-माल का नुकसान उठाना पड़े। इसलिये COVID-19 के पहले से ही CAA आदि वजह से देश के कुछ क्षेत्रों में जान-माल का नुकसान हुआ और उपद्रव, अशांति फैली। COVID-19 अभी आगे भी नुकसान पंहुचा सकता है। इससे से राहत का समय मई मध्य के बाद और जून हो सकता है। फिर भी नवम्बर तक का समय काफी सावधानी पूर्वक निकालना पड़ेगा, क्योंकि यह जुलाई, सितंबर, नवम्बर के महीने यह फिर परेशान कर सकता है।

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हमारे प्रधानमंत्री श्री मोदी जी ने इस आपदा पर सराहनीय कार्य किया है। उनके नंबर भी ऐसे है कि वो इसे अपने पक्ष में कर लेंगे। उनकी यह लड़ाई जितनी छोटी होगी उतना ही अच्छा परिणाम आयेगा, लेकिन अगर लड़ाई लंबी हुई तो परिणाम परेशान करने वाले हो सकते है। अपने Birthday Month से जानें कैसी है आपकी पर्सनालिटी

अगर आपके मन में भी अपने भविष्य, हेल्थ, पढ़ाई और सफलता से जुड़े कुछ सवाल हैं तो आप सेलिब्रिटी अंक ज्योतिष (न्यूमेरोलॉजी) और टैरो रीडर मनीष मालवीय से manishvmalviya@gmail.com या मोबाइल नंबर +91 9029310411 पर संपर्क कर सकते हैं। वह आपकी हर समस्या का समाधान आपकी बर्थ डेट के हिसाब से बता देंगे।