माघ का महीना शुरू हो चुका है। हिंदी कलेंडर का यह महीना कई कारणों से महत्वपूर्ण होता है। इस महीनी में ही हिंदू धर्म के बड़े-बड़े त्योहार आते हैं जिनमें बसंत पंचमी और गुप्त नवरात्रि आते हैं। फिलहाल आज हम आपको माघ मास में आने वाली गुप्त नवरात्रि के बारे में बताएंगे। अधिकांश लोगों को केवल साल में आने वाली 2 नवरात्रि के बारे में ही पता होता है। चैत्र और शारदिय नवरात्रि का विशेष महत्व है मगर वर्ष में 2 गुप्त नवरात्रि भी पड़ती हैं। इनमें से एक माघ और एक आषाड़ महीने में आती है। आपको बता दें कि 25 जनवरी से माघ नवरात्रि शुरू हो रही हैं और यह 3 फरवरी तक रहेगी। पंडिया दयानंद शास्त्री बताते हैं, ‘महाकाल संहिता और तमाम शाक्त ग्रंथों में चारा नवरात्रि बताई गई हैं। इन चारों को अलग महत्व है। यह नवरात्रि इच्छा पूर्ति और सिद्धि प्राप्त करने के लिए मनाई जाती हैं। जहां चैत्र और शारदीय नवरात्रि में देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों की अराधना होती है वहीं गुप्त नवरात्रि में दश महाविद्या स्वरूप को पूजा जाता है।’

पंडित दयानंद शास्त्री आगे बताते हैं, ‘चारों ही नवरात्रि में दुर्गा सप्तशती का पाठ करने का विशेष महत्व है। वैसे तो माघ माह में होने वाली गुप्त नवरात्रि लोग तंत्र विद्या पाने के लिए मनाते हैं मगर, आर्थिक संकट, संतान प्राप्ती और गृह शांति के लिए आप गुप्त नवरात्रि के दौरान दुर्गा सप्तशती का पाठ कर सकती हैं।’

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दुर्गा सप्तशती का महत्व 

आप यदि दुर्गा सप्तशती का पाठ करना चाहते हैं तो आपको गुप्त नवरात्रि के पहले दिन इसका संकल्प लेना चाहिए। इस ग्रंथ में 700 श्लोक हैं और इसे 3 भागों में बाटां गया है। पंडित जी बताते हैं, ‘मार्कण्डेय पुराण में भगवान ब्रह्मा जी ने कहा है कि जो मनुष्य दुर्गा सप्तशती का पाठ करता है वह संसार के सारे सुख भोग कर बैकुंठ को प्राप्त होता है।’

इतना ही नहीं भगवत पुराण में मां जगदम्बा को मनुष्यों की रक्षा करने वाली जगतमाता का स्थान दिया गया है। मां दुर्गा ही दुष्टों का संघार करती हैं। यहां तक की संसार को चलाने वाली भी मां दुर्गा ही हैं। पंडित जी बताते हैं, ‘ भगवान राम देवी सीता को लंका से वापस लेने जा रहे थे तब उन्होंने चंडी पाठ किया था। इसे दुर्गा सप्तश्ती के नाम से वर्तमान में लोग जानते हैं। यह पाठ उन्होंने नवरात्रि के समय ही किया था। तब शारदीय नवरात्रि थी। तब से ही हर नवरात्रि में दुर्गा सप्तशती का पाठ विशेष फल देने वाला होता है।’ पंडित जी से जानें देवी जी के लिए दीपक जलाते वक्त किन बातों का रखें ध्यान

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दुर्गा सप्तशती पाठ के फायदे 

अगर आप नियमानुसार दुर्गा सप्तशती का पाठ करते हैं तो यह आपको विशेष फल देता है। इसमें 700 श्लोक हैं। यह सभी श्लोक मनुष्य की अलग-अलग जरूरतें पूरी करते हैं। इसमें से 90 श्लोक मारण क्रिया 90 श्लोक सम्मोहन क्रिया, 200 श्लोक उच्चाटन क्रिया और 60 श्लोक विद्वेषण क्रिया के अंर्गत आते हैं। जब आप इस ग्रंथ का पाठ करें तो मन को शुद्ध रखें। मां दुर्गा की कितनी बड़ी भक्‍त है, नवरात्रि से जुड़ी ये क्विज खेलें और जानें

गुप्त नवरात्रि पर बन रहे विशेष योग

ज्योतिषी पंडित दयानन्द शास्त्री जी ने बताया कि इस गुप्त नवरात्र के प्रथम दिन शनिवार का दिन है। इस दिन श्रवण नक्षत्र और सिद्धि योग में होने के कारण ये नवरात्र भक्तों को मां की विशेष कृपा बनाएंगे। इन्हीं, नवरात्र के मध्य में चतुर्थ नवरात्र 28 जनवरी को गणेश श्री चतुर्थी व्रत (गौरी तृतीया व्रत) सुख और शांति देने वाला होगा। 29 और 30 जनवरी 2020 को वसंत पंचमी का महासंयोग है। इस दिन सर्वाधिक विवाह संस्कार होंगे।