भलेे ही अरेंज मैरिज हो या लव मैरिज, किसी भी वैवाहिक गठबंधन को अंतिम रूप देने से पहले भारत में कई स्‍टेप्‍स को फॉलो किया जाता है। अरेंज मैरिज में यह ज्यादातर फोटोज और बायो डाटा के आदान-प्रदान से शुरू होता है, इसके बाद फैमिली के बीच मीटिंग होती है। मीटिंग लव मैरिज का भी एक हिस्सा है। इसके पीछे प्रमुख कारण यह है कि भारत में शादी का अटूट बंधन दो लोगों के बीच नहीं बल्कि दो परिवारों के बीच होता है। वैसे भी, एक बार फैमिली के आश्वस्त हो जाने के बाद, अधिकांश मामलों में अगला कदम कुंडली मिलान होता है। यह इस बात को सुनिश्चित करने के लिए किया जाता है कि दोनों का भविष्य साथ में कैसा रहेगा। 

trouble relationship inside

हालांकि, परेशानियां अक्सर हमारे जीवन में घुसने के अपने तरीके ढूंढती रहती हैं। शादी से पहले इतना कुछ करने के बावजूद, किसी भी अन्य रिश्ते की तरह, एक वैवाहिक संबंध कई उतार-चढ़ाव से गुजरता है। अगर किसी रिश्‍ते में समस्‍या आती है तो यह परिवार की समस्याओं या कुछ ख़ास 'दोषों' या ग्रह दोषों जैसे कि  'मंगल दोष', 'राहु दोष और' सर्प दोष 'के कारण होता है। 50,000 से अधिक ऐसे मामले सामने आए हैं जिसमें लोग अपनी शादी में विभिन्न प्रकार की समस्‍याओं का सामना कर रहे हैं, जिनमें से विभिन्न पूजाओं और अनुष्ठानों के माध्यम से कम से कम 46,000 लोगों की समस्‍याओं को हल करने का रिकॉर्ड है। अगर आपकी शादीशुदा जिंदगी में भी परेशानियां आ रही हैं तो फेमस एस्‍ट्रोलॉजर पंडित जगन्‍नाथ गुरुजी से इससे छुटकारा पाने के उपायों के बारे में जानें।

इसे जरूर पढ़ें: ये 6 संकेत प्रेग्‍नेंसी में आने वाली समस्‍याओं के बारे में देते हैं चेतावनी

astrology expert tips inside

शुक्र और चंद्रमा ग्रह से होता है निर्धारित

शुक्र और चंद्रमा दो ग्रह ऐसे हैं जो यह निर्धारित करते हैं कि एक रिश्ता सफल होगा या असफल। शादी के अटूट बंधन को समय की कसौटी पर जीवित रखने के लिए इन दोनों ग्रहों को मिलाने की आवश्यकता होती है। जबकि शुक्र रोमांटिकता और यौन संगतता को निर्धारित करता है और एक रिश्ते की तीव्रता चंद्रमा द्वारा निर्धारित की जाती है। लेकिन एक अन्य कारक जिस पर ध्यान देने की आवश्यकता है वह यह है कि शुक्र की शक्ति वांछित लेवल से अधिक नहीं होनी चाहिए। ऐसे मामलों में, अतिरिक्त वैवाहिक संबंध में लिप्त व्यक्ति की संभावना अधिक होती है, जिससे रिश्‍ता लंबे समय तक नहीं चल पाता है।

trouble relationship inside

पूजा और ज्योतिषीय उपायों की जरूरत

एक रिश्ते में परेशानियों को ठीक करने के लिए कुछ अन्य ग्रहों के कॉम्बिनेशन को पूजा और ज्योतिषीय उपायों के माध्यम से ध्यान रखने की आवश्यकता होती है। रिश्तों पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाले ग्रहों का कॉम्बिनेशन शुक्र और राहु, शुक्र और मंगल, शुक्र और शनि हैं। जब राहु, मंगल या शनि शुक्र के साथ दिखाई देते हैं, तो कपल ब्रेकअप के लिए नेतृत्व करता है। रिश्ते में बाधाएं पैदा करने वाले प्रमुख ग्रह शनि, राहु और केतु हैं।

इसे जरूर पढ़ें: जीवन से जुड़े कई राज खोलता है हमारे जन्‍म का दिन, पंडित जी से जानिए

एक रिश्ते के लिए सबसे अच्छी संभावना तब होती है जब शुक्र और चंद्रमा के साथ-साथ बुध भी मजबूत होता है। इसमें ब्रेकअप की कम से कम संभावना होती है और कपल को बस एक पावरफुल कपल घोषित किया जा सकता है।

तो, यह एक तथ्य है कि रिश्ते में किसी भी लेवल पर समस्याएं पैदा हो सकती हैं। एक तथ्य यह भी है कि ज्योतिष की मदद से समस्याओं को आसानी से हल किया जा सकता है। इस तरह की और जानकारी पाने के लिए हरजिंदगी से जुड़ी रहें। 

Image Credit: Freepik.com