नए वर्ष की शुरुआत होने में कुछ दिन ही बाकी रह गए हैं। ऐसे में सभी लोगों ने इस वर्ष पड़ने वाले त्‍यौहारों की तारीख और पूजा के शुभ मुहूर्त भी तलाशने शुरू कर दिए हैं। 

हम आपकी इस तलाश को आसान करने के लिए वर्ष के मुख्‍य त्‍यौहारों का हिंदी पंचाग पेश कर रहे हैं। इस पंचाग को देख कर आप सभी प्रमुख तीज-त्‍यौहारों की डेट, टाइमिंग और शुभ मुहूर्त जान पाएंगे। 

जनवरी 2021 त्‍यौहार 

1. 9 जनवरी, सफला एकादशी

नाम से ही पता चल जाता है कि सफला का अर्थ सफलता से है। ऐसी मान्यता है कि इस एकादशी पर जो विधि-विधान के साथ व्रत रखता है वह सभी कार्यों में सफल हो जाता है। इस एकादशी पर भगवान विष्‍णु के अच्‍युत स्‍वरूप की पूजा की जाती है।  

शुभ मुहूर्त : 07:29 से 09:40 तक 

2. 13 जनवरी, पौष अमावस्या

हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि का बड़ा महत्व है। इस दिन पितरों की आत्मा की शांति के लिए इस दिन तर्पण व दान किया जाता है। पौष माह की अमावस्या में सूर्यदेव की पूजा की जाती है।

शुभ मुहूर्त : 12 जनवरी को 12:29 से अमावस्या का आरम्भ  होगा और 13 जनवरी को 10:38 पर अमावस्या समाप्त हो जाएगी। 

3. 14 जनवरी, पोंगल , उत्तरायण , मकर संक्रांति

उत्तरायण सूर्य की एक दशा है। इस दौरान सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है। देश के अलग-अलग कोनों में इस दिन को अलग-अलग नाम से मनाया जाता है। इस दिन मकर संक्रांति पर्व मनाया जाता है। देश के कुछ हिस्‍सो में यह त्यौहार उत्तरायण के नाम से मनाया जाता है। दक्षिण भारत में इस पर्व को पोंगल कहते हैं।

4. 24 जनवरी, पौष पुत्रदा एकादशी

पौष मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को पौष पुत्रदा एकादशी कहा जाता है। इस दिन जो लोग भगवान विष्‍णु की पूजा की जाती है। इस दिन व्रत करने से संतान की प्राप्ति होती है। 

शुभ मुहूर्त : 07:49 से 09:06 तक 

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फरवरी 2021 त्यौहार

1. 7 फरवरी , षटतिला एकादशी

षटतिला एकादशी के दिन भी भगवान विष्णु का पूजन किया जाता है। इस दिन भगवान विष्‍णु के बैकुण्ठ रूप की पूजा होती है। इस दिन घरों में तिल के पानी से स्‍नान करने और तिल का दान करने का रिवाज होता है। 

शुभ मुहूर्त : 07:20 से 09:25 तक 

2. 11 फरवरी , माघ अमावस्या

इसे मौनी अमावस्या भी कहते हैं। इस दिन मनुष्य को पूरे दिन मौन रहना चाहिए और गंगा, यमुना या अन्य पवित्र नदियों में स्‍नान करना चाहिए।  इस दिन दान-पुण्य का भी विशेष महत्व है।

शुभ मुहूर्त : 11 फरवरी  को 01:48 से अमावस्या का आरम्भ होगा और 12 फरवरी को 00:12 पर अमावस्या समाप्त हो जाएगी। 

3. 16 फरवरी , बसंत पंचमी 

बसंत पंचमी माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी को मनाई जाती है। इस दिन देवी सर्स्‍वति की पूजा होती है। इतना ही नहीं इस दिन से शरद ऋतु समाप्‍त हो वसंत ऋतु की शुरुआत होती है।

पूजा मुहूर्त :06:11 से 12:28 तक

4. 23 फरवरी, जया एकादशी 

जया एकादशी पर जो भी भगवान विष्‍णु की पूजा करता है उसके अगले जन्‍म में अच्‍छी योनि में जाने का सौभाग्‍य मिलता है। 

शुभ मुहूर्त : 06:55 से 09:00 तक 

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मार्च 2021 त्यौहार

1. 9 मार्च, विजया एकादशी

विजया एकादशी पर व्रत रख विधि विधान से भगवान विष्‍णु की पूजा करने पर मनुष्‍य को हर कार्य में सफलता मिलती है। 

शुभ मुहूर्त : 06:14 से 08:03 तक 

2. 11 मार्च , महाशिवरात्रि 

महाशिवरात्रि का त्‍यौहार हिन्दुओं  में  बहुत ही महत्‍व रखता है। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वति का विवाह हुआ था। इस व्रत रखने और  शिव- पार्वति का व्रत रखने की परंपरा है। 

शुभ मुहूर्त :06:06 से 15:32 तक 

3. 25 मार्च, आमलकी एकादशी

पुराणों की माने तो भगवान विष्‍णु को आंवले का वृक्ष अति प्रिय होता है। ऐसी मान्‍यता है कि आंवले के वृक्ष में देवी लक्ष्‍मी का वास होता है। इस लिए आमलकी एकादशी के दिन भगवान विष्‍णु की पूजा आंवले के वक्ष के नीचे ही करनी चाहिए। 

शुभ मुहूर्त : 06:53 से 08:12 तक 

4. 28 मार्च, होलिका दहन 

फाल्गुन मास की पूर्णिमा के दिन होलिका दहन होता है। इस दिन को बुराई पर अच्‍छाई की विजय के उद्देश्‍य से मनाया जाता है। 

शुभ मुहूर्त : 18:38 से 20:23 तक

5. 29 मार्च,  होली

होलिका दहन के दूसरे दिन रंगों का पर्व होली मनाया जाता है, इसे धुलेंडी, धुलंडी और धूलि भी कहा जाता है। 

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अप्रैल 2021 त्यौहार

1. 7 अप्रैल, पापमोचिनी एकादशी

नाम से ही इस एकादर्श का अर्थ स्‍पष्‍ट हो जाता है। इस दिन जो भी व्‍यक्ति भगवान विष्णु की पूजा करता है उसके सभी पाप नष्‍ट हो जाते हैं। 

शुभ  मुहूर्त :13:14 से 16:59 तक 

2. 13 अप्रैल, चैत्र नवरात्रि एवं  गुड़ी पड़वा

ऐसी मान्‍यता है कि चैत्र नवरात्रि के पहले दिन देवी शक्ति का अवतरण हुआ था। इस दिन लोग अपने घरों में कलश स्‍थापना करते हैं और अगले नौ दिन नौ अलग अलग देवियों की पूजा करते हैं।

घटस्थापना मुहूर्त :05:27 से 10:09 तक

3. 21 अप्रैल, राम नवमी

मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम के जन्मदिवस पर राम नवमी का पर्व मनाया जाता है। भगवान राम  जगतपिता विष्णु के 7वें अवतार थे। 

शुभ मुहूर्त :11:08 से 13:08 तक

4. 23 अप्रैल, कामदा एकादशी

कामदा एकादशी के दिन भगवान वासुदेव की पूजा की जाती है। इस दिन भगवान वासुदेव का व्रत रख कर व्‍यक्ति की सभी कामनाओं की पूर्ति होती है।   

शुभ मुहूर्त : 05:12 से 08:09 तक

5. 27 अप्रैल, हनुमान जयंती 

भगवान हनुमान के भक्‍तों के लिए यह विशेष दिन होता है। इस दिन को हनुमानजी के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है। शुभ मुहूर्त :  26 अप्रैल को 12:12 से आरम्भ हो कर 27 अप्रैल को 09:15 पर समाप्त

मई 2021 त्यौहार

1. 7 मई, वरुथिनी एकादशी

सुख और सौभग्‍य की प्राप्ति के लिए वरुथिनी एकादशी के दिन भगवान विष्‍णु के मधुसुदन स्‍वरूप की पूजा करनी चाहिए।  इस व्रत के प्रभाव से मनुष्य लोक और परलोक दोनों में सुख भोगता है।

शुभ मुहूर्त : 05:17 से 08:17 तक 

2. 11 मई, वैशाख अमावस्या

वैशाख का महीना हिन्दू वर्ष का दूसरा माह होता है। इस माह के कई  धार्मिक महत्‍व हैं। इस दिन शनि जयंती भी मनाई जाती है। 

 शुभ मुहूर्त : 10 मई को 21:39 से  आरम्भ 12 मई  को 00:16 पर समाप्त होगी 

3. 14 मई, अक्षय तृतीया 

वैशाख शुक्ल तृतीया को अक्षय तृतीया का पर्व मनाया जाता है। इस दिन सोने के आभूषण खरीदने का महत्‍व होता है। 

शुभ मुहूर्त : 05:40:13 से 12:17:35 तक

4. 23 मई, मोहिनी एकादशी

मोहिनी एकादशी के दिन जो भी व्‍यक्ति व्रत रखना है वह संसार की मोह-माया के जंजाल से निकलकर मोक्ष प्राप्ति की ओर बढ़ता होता है।

शुभ मुहूर्त : 05:26:08 से 08:10:52 तक 

जून 2021 त्यौहार

1. 6 जून, अपरा एकादशी

अपरा एकादशी के दिन भगवान त्रिविक्रम की पूजा की जाती है। यह भगवान विष्णु का ही एक स्‍वरूप होते हैं। 

शुभ मुहूर्त : 05:22:43 से 08:09:35 तक 

2. 21 जून, निर्जला एकादशी

वर्षभर में चौबीस एकादशी आती हैं। इनमें निर्जला एकादशी का विशेष महत्‍व है। इस एकादशी के दिन जो निर्जला व्रत रखता है उसे वर्ष में पड़ने वाली अन्‍य एकादशी पर व्रत नहीं रखना पड़ता है।

शुभ मुहूर्त : 05:23:49 से 08:11:28 तक 

जुलाई 2021 त्यौहार

1. 5 जुलाई, योगिनी एकादशी

योगिनी एकादशी के दिन भगवान श्री नारायण की पूजा की जाती है। इस दिन जो भी श्री नारायण का व्रत रखता है, उसके समस्‍त पाप नष्‍ट हो जाते हैं।  

शुभ मुहूर्त : 05:28:30 से 08:15:22 तक 

2. 12 जुलाई, जगन्नाथ रथ यात्रा

जगन्नाथ रथ यात्रा का हिन्दू धर्म में बड़ा महत्व है। वैसे तो यह यात्रा उड़ीसा के पुरी में निकाली जाती है। मगर पूरे देश में इस दिन भगवान विष्‍णु के जगन्‍नाथ स्‍वरूप की पूजा होती है। 

Festivals Calendar  shubh muhurat 

अगस्त 2021 त्यौहार

1. 4 अगस्‍त ,  कामिका एकादशी

कामिका एकादशी के दिन भगवान विष्णु के उपेन्द्र स्वरुप की पूजा की जाती है। इस व्रत करना हजार गौ दान के समान  होता है और इससे जीवन में सुख-समृद्धि आती है।

शुभ मुहूर्त : 05:44:22 से 08:25:23 तक 

2. 11 अगस्‍त, हरियाली तीज

महिलाओं के त्‍यौहार हरियाली तीज को पूरे देश में धूम-धाम से मनाया जाता है। इस दिन माता पार्वती की पूजा होती है। महिलाएं अपने पतियों के लिए व्रत रखती हैं। 

शुभ मुहूर्त : 10 अगस्त को 18:08:11 से आरम्भ हो 11 अगस्त  को 16:56:07 पर समाप्त होगा 

3. 13 अगस्‍त , नाग पंचमी

नाग पंचमी का त्यौहार श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी को मनाया जाता है। इस दिन नागों की पूजा की जाती है।

पूजा मुहूर्त :05:48:49 से 08:27:36 तक

4. 21 अगस्‍त, ओणम

ओणम केरल राज्‍य का प्रमुख त्‍यौहार है। इसे 10 दिन तक धूम-धाम से मनाया जाता है। 

शुभ मुहूर्त :  20 अगस्त को 21:25:02 से आरम्भ 21 अगस्त  को 20:21:49 पर समाप्‍त 

5. 22 अगस्‍त, रक्षाबंधन 

भाई-बहन के प्रेम का उत्सव रक्षाबंधन का पर्व सावन के महीने के अंतिम दिन मनाया जाता है। हिंदू परिवारों के साथ-साथ अब इस पर्व को अन्‍य धर्मों में भी मनाया जाने लगा है। 

राखी बांधने का मुहूर्त :06:14:56 से 17:33:39 तक

6. 30 अगस्‍त, जन्माष्टमी

भगवन विष्‍णु के आठवें अवतार श्री कृष्‍ण के जन्‍म उत्‍सव को जन्माष्टमी कहा गया है। इस त्यौहार को पूरे देश में धूम-धाम से मनाया जाता है। भगवान श्रीकृष्ण भाद्रपद कृष्णपक्ष की अष्टमी को पैदा हुए थे। इस लिए इसी दिन उनका जन्‍मदिन मनाया जाता है। 

पूजा मुहूर्त :23:59:27 से 00:44:18 तक

सितंबर 2021 त्यौहार

1. 3 सितंबर, अजा एकादशी

अजा एकादशी पर भगवान विष्णु जी का व्रत रखने से मां लक्ष्मी का भी आशीर्वाद प्राप्त होता है। इसे अन्नदा एकादशी के नाम से भी जाना जाता है।

शुभ  मुहूर्त :06:00:16 से 08:32:11 तक 

2. 9 सितंबर, हरतालिका तीज

भाद्रपद के शुक्ल पक्ष की तृतीया को हरतालिका तीज मनाई जाती है। इस दिन भगवान शिव और देवी पार्वती की पूजा की जाती है। यह व्रत कुमारी और विवाहित स्त्रिांया दोनों ही रखती हैं।

शुभ मुहूर्त :06:02:45 से 08:32:59 तक

4. 10 सितंबर, गणेश चतुर्थी

गणेश चतुर्थी भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को मनाया जाता है। इस दिन गणेश जी का पृथ्‍वी पर आगमन होता है और वह 10 दिन तक लोगों के घरों में विराजते हैं। 

गणेश पूजन का मुहूर्त :11:03:03 से 13:32:58 तक

5. 19 सितंबर, अनंत चतुर्दशी

अनंत चतुर्दशी के दिन भगवान गणेश का विसर्जन होता है और भगवान विष्णु के अनंत रूप की पूजा होती है। 

पूजा मुहूर्त :06:07:38 से 29:30:29 तक

अक्टूबर 2021 त्यौहार

1. 2 अक्‍टूबर, इन्दिरा एकादशी

इन्दिरा एकादशी को परिवर्तिनी एकादशी भी कहा जाता है। इस दिन भगवान विष्णु के वामन अवतार की पूजा की जाती है। ऐसी मान्‍यता है कि इस दिन भगवान विष्‍णु सोते हुए करवट लेते हैं। 

पूजा मुहूर्त :06:14:47 से 08:36:54 तक 

2. 7 अक्‍टूबर शरद नवरात्रि , घटस्थापना

शरद नवरात्रि में देवी पार्वति अपने दोनों पुत्रों के साथ अपने मायके आती हैं। जगह-जगह कलश स्‍थापना कर लोग अपने घरों में देवी दुर्गा को स्‍थापित करते हैं। 

घटस्थापना मुहूर्त :06:16:56 से 10:11:33 तक

3. 14  अक्‍टूबर, दुर्गा महा नवमी पूजा

महानवमी पर देवी दुर्गा की आराधना की जाती है। मान्यता है कि इस दिन मां दुर्गा ने असुर महिषासुर का वध किया था। इस दिन महानवमी पूजा की जाती है।

4. 13 अक्टूबर को 20:09:56 से आरम्भ होकर 14 अक्टूबर को 18:54:40 पर समाप्त होगी। 

5. 15 अक्‍टूबर,  दशहरा 

दशहरा पर्व अश्विन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को  मनाया जाता है। यह पर्व अच्छाई की बुराई पर जीत का प्रतीक है। इसी दिन भगवान राम ने असुर रावण का वध किया था और देवी सीता को उसकी कैद से छुड़ाया था। 

शुभ मुहूर्त :14:01:53 से 14:47:55 तक

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नवंबर 2021 त्यौहार

1. 2 नवंबर, धनतेरस

धनतेरस का पर्व कार्तिक माह में कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को मनाया जाता है। इस दिन धन के देवता धन्वंतरि की पूजा की जाती है। धनतेरस के दिन बर्तन खरीदने की परंपरा है। 

शुभ मुहूर्त: 18:18:22 से 20:11:20 तक

2. 4 नवंबर, दिवाली 

हिंदू धर्म में दिवाली का विशेष महत्व है। 5 दिन तक चलने वाले इस त्‍यौहार को पूरे देश में धूम-धाम से मनाया जाता है। इस दिन देवी लक्ष्‍मी और गणेश जी की पूजा की जाती है। 

शुभ मुहूर्त: 18:10:29 से 20:06:20 तक

3. 5 नवंबर,  गोवर्धन पूजा

हिंदू धर्म में गोवर्धन पूजा एक बड़ा पर्व है। इस दिन गोबर से बने पर्वत की पूजा की जाती है। साथ ही अन्‍नकूट  इस पर्व का सीधा संबंध प्रकृति और मानव से है। गोवर्धन पूजा के दिन भगवान कृष्‍ण को अन्नकूट प्रसाद चढ़ाया जाता है।  

 पूजा मुहूर्त :06:35:38 से 08:47:12 तक

4. 6 नवंबर, भाई दूज

भाई दूज बहने भाई के माथे पर टीका लगा कर उन्‍हें लंबी उम्र का वरदान देती हैं।  मान्यता है कि इस दिन यम देव अपनी बहन यमुना के बुलावे पर उनके घर भोजन करने गए थे। इस दिन हर बहन को भाई को अपने हाथों का बना भोजन ही कराना चाहिए। 

भाई दूज तिलक का समय :13:10:12 से 15:21:29 तक

5. 10 नवंबर, छठ पूजा

छठ पर्व  कार्तिक शुक्ल षष्ठी को मनाया जाता है। यह बिहार प्रांत का लोकप्रिय पर्व है। इस दिन छठी मैया की पूजा की जाती है।  

शुभ मुहूर्त : 10 नवंबर (संध्या अर्घ्य) सूर्यास्त का समय :17:30:16 

5. 11 नवंबर (उषा अर्घ्य) सूर्योदय का समय :06:40:10

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दिसंबर 2021 त्यौहार

1. 4  दिसंबर, मार्गशीर्ष अमावस्या

मार्गशीर्ष माह में पड़ने वाली अमावस्‍या को मार्गशीर्ष अमावस्या कहा गया है। इस दिन पितरों की शांति के लिए तर्पण, स्नान, दान-धर्म आदि कार्य किये जाने का विधान है। इस दिन देवी लक्ष्‍मी की भी पूजा की जाती है। 

शुभ मुहूर्त: 3 दिसंबर को 16:58:21 से आरम्भ होकर 4 दिसंबर 4 को 13:15:21 पर समाप्त

2. 14 दिसंबर, मोक्षदा एकादशी

मोक्षदा एकादशी हर तरह के मोह का नाश करती है। इस दिन द्वापर युग में भगवान श्री कृष्ण ने कुरुक्षेत्र में गीता ज्ञान दिया था। 

पूजा शुभ मुहूर्त: 07:05:55 से 09:09:57 तक 

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