हमारे घरों में कई ऐसी चीज़ें होती हैं जिन्हें हम सालों से इस्तेमाल करते आ रहे हैं, लेकिन अगर उनके बारे में बेसिक सवाल पूछे जाएं तो हमें उनके बारे में जानकारी नहीं होगी। अब अपने घर आने वाली कुकिंग गैस को ही ले लीजिए। क्या आपने कभी उसे गौर से देखा है? क्या आप बता सकते हैं कि उसका रंग लाल ही क्यों होता है या फिर उसके तले के नीचे छेद क्यों दिए जाते हैं? ये डिजाइन ऐसी ही क्यों है?

अभी तक शायद आपने सिलेंडर को लेकर ये सवाल नहीं सोचे होंगे, लेकिन अब वक्त आ गया है कि इसके बारे में सोचे भी और जान भी लें। हम आज आपको गैस सिलेंडर से जुड़े कुछ रोचक फैक्ट्स की जानकारी देने जा रहे हैं। 

आखिर क्यों होते हैं गैस सिलेंडर के तले में छेद?

इनके बारे में आपको जानना जरूरी है। दरअसल, गैस सिलेंडर का तापमान कई बार काफी ज्यादा बढ़ जाता है और इसके नीचे मौजूद छेद से हवा आसानी से पास होती रहती है। अगर ये नहीं होगा तो तापमान बढ़कर नीचे के मेटल को नुकसान पहुंचा सकता है या फिर अंदर गैस का टेम्प्रेचर बढ़ा सकता है। यही कारण है कि गैस सिलेंडर को हमेशा ऐसी जगहों पर रखने की सलाह दी जाती है जहां बहुत ज्यादा गर्मी न हो। 

gas cylinder

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इसी के साथ, सफाई के हिसाब से देखें तो भी ये बहुत ही आरामदायक होते हैं और नीचे का फर्श आसानी से पानी से भी साफ कर सकते हैं और उसके बाद इन छेद से आई हवा के कारण फर्श जल्दी सूख जाता है और मेटल को जंग नहीं लगती है। 

आखिर क्यों होता है सिलेंडर का रंग लाल?

गैस सिलेंडर का रंग लाल इसलिए होता है क्योंकि वो रंग दूर से भी आराम से दिख जाता है। ऐसे में अगर गैस सिलेंडर को कहीं किसी गाड़ी से ट्रांसपोर्ट किया जा रहा होता है तो वो आसानी से दिख जाते हैं। ऐसे में बाकी गाड़ियों को ये संकेत मिलता है कि सिलेंडर को ट्रांसपोर्ट करने वाली गाड़ी के करीब नहीं जाना है। 

red color cylinder

क्यों आती है गैस की बदबू?

कुकिंग गैस की बदबू आपने भी महसूस की होगी। दरअसल, LPG में कोई भी स्मेल नहीं होती है, लेकिन इनमें Ethyl Mercaptan अलग से जोड़ा जाता है ताकि अगर किसी को इसकी बदबू आए तो वो तुरंत ही सही स्टेप्स ले और किसी दुर्धटना से बचा जा सके। अगर ये बदबू नहीं होगी तो कुकिंग गैस से होने वाले हादसे काफी हद तक बढ़ सकते हैं।  

आखिर क्यों होता है सिलेंडर का एक जैसा शेप? 

आपने देखा होगा कि जितने भी मजबूत जहाज, कंटेनर आदि होते हैं वो सिलेंड्रिकल शेप या फिर सर्कुलर शेप में होते हैं। मालगाड़ी जो डीजल या पेट्रोल ले जाती है उसका शेप भी ऐसा ही रहता है। सिलेंड्रिकल शेप किसी भी चीज़ को बराबर मात्रा में फैला देता है। इसलिए ये सुरक्षित ऑप्शन रहते हैं। यही कारण है कि गैस सिलेंडर को इस तरह से डिजाइन किया गया है। 

gas cylindrr and facts 

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सिलेंडर की भी होती है एक्सपायरी डेट- 

क्या आप जानते हैं कि गैस सिलेंडर की भी एक्सपायरी डेट होती है। हर गैस सिलेंडर के पीछे नंबर्स लिखे होते हैं जिसमें महीना और साल दिया गया है। इसमें चार लेटर्स होते हैं A, B, C, और D तो आप खुद भी अपने सिलेंडर की एक्सपायरी डेट चेक कर सकते हैं।  

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