क्या महिलाओं के ज्यादा कमाने से परिवार में नहीं रहती खुशियां? जानें क्या कहती है रिपोर्ट

 क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर महिलाओं का काम करना घर पर कितना असर डाल सकता है? इस बारे में यूरोप में एक स्टडी हुई है जिसके नतीजे चौंकाने वाले हैं। 

Why working women are more stressed
Why working women are more stressed

महिलाओं के नौकरी करने से पुरुषों को मानसिक तनाव होता है। नहीं हम कोई पुरानी सोच नहीं बता रहे हैं। यह एक स्टडी के आधार पर निकाला गया नतीजा है। जहां एक और रिलेशनशिप, वर्क कल्चर, फेमिनिज्म, कपल गोल्स जैसे ट्रेंड्स सोशल मीडिया पर वायरल होते रहते हैं, वहीं दूसरी ओर इस तरह की रिसर्च बताती है कि अभी भी हम जेंडर रोल्स को लेकर कितने ज्यादा रूढ़िवादी हैं। एक आम घर में पुरुष ज्यादा कमाए या सिर्फ वही कमाए तो यह अच्छा समझा जाता है, लेकिन अगर यही रोल महिला कर ले तो?

यूरोपियन सोशल सर्वे का डेटा ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के जर्नल में पब्लिश किया गया है। इस स्टडी में 14 सालों तक डेटा इकट्ठा किया गया। एम्प्लॉयमेंट ट्रेंड्स और जेंडर रोल्स के हिसाब से इस सर्वे के बारे में बताया गया है।

पुरुषों को नहीं मिलता है महिलाओं के कमाने से सैटिस्फैक्शन

इस स्टडी में 42000 वर्किंग एज लोगों का डेटा देखा गया। इसमें कई तरह के सवाल भी पूछे गए और समझने की कोशिश की गई कि आखिर एक आम घर में मानसिक तनाव किन चीजों पर होता है। उनसे पूछा गया कि वो अपनी जिंदगी से कितने खुश हैं। 0 से लेकर 10 के बीच में नंबर भी लिए गए। अधिकतर लोगों ने 5-6 के बीच ही नंबर दिए।

working women and the issues

इस स्टडी में यह भी समझ में आया कि जर्मनी में महिलाएं अगर घर का खर्च उठाती हैं तो पुरुषों को ज्यादा तनाव होता है। इसके बाद यूनाइटेड किंगडम, आयरलैंड और स्पेन का नंबर था। यूरोप में यह समस्या लगभग सभी देशों में है। यही नहीं फिनलैंड जैसे सबसे ज्यादा खुश देश में भी यह समस्या देखने को मिली है।

आखिर क्यों पुरुषों के साथ होती है परेशानी?

यहां कहीं ना कहीं मेल ईगो सामने आ जाता है। पुरुष महिलाओं की तुलना में तब ज्यादा परेशान होते हैं जब महिलाएं या तो उनसे ज्यादा कमाएं या फिर उनके पास कोई जॉब ही ना हो। ऐसा इसलिए क्योंकि पुरुषों को ज्यादा साइकोलॉजिकल बर्डन महसूस होता है। कई पुरुषों का मानना था कि उन्हें तो महिलाओं के काम करने से भी इसलिए समस्या होने लगती है।

जॉबलेस पुरुषों को अपने पार्टनर्स को ऑफिस जाते हुए देखकर भी खराब लगता है। उन्हें अपने बारे में सोचकर ही बुरा लगता है और उन्हें लगता है कि घर में उनकी इज्जत नहीं हो रही है। यहीं अगर उनकी पार्टनर भी जॉबलेस है, तो उनकी सेल्फ रिस्पेक्ट पर इतना असर नहीं पड़ता है।

working women and their stress

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जिन पार्टनर्स को मानसिक तनाव सिर्फ जॉबलेस होने की वजह से होता है उन्हें अपनी दैनिक जरूरतों को पूरा करने और अपनी जिम्मेदारियों को निभाने में भी दिक्कत महसूस होती है। उन्हें लगता है कि उनके साथ गलत हो रहा है और सेल्फ डाउट भी होने लगता है।

यहां एक बात का ध्यान देना जरूरी है कि मैस्कुलैनिटी हमेशा काम के आड़े आ जाती है। पुरुषों को बचपन से यही सिखाया गया है कि उन्हें घर का ख्याल रखना है और पैसे कमाने हैं। स्टडी में सामने आया कि अधिकतर पुरुष जिनकी पार्टनर घर के खर्च उठा रही थी उन्हें मानसिक तनाव सबसे ज्यादा था और उन्हें यह भी लगता था कि वह ज्यादा पढ़े-लिखे नहीं हैं।

यह बहुत अजीब है कि 2023 में भी इस तरह की रिपोर्ट सामने आ रही है। जेंडर स्पेसिफिक रोल्स के बारे में सोचना और पत्नी या गर्लफ्रेंड के पैसों से जलना काफी बुरा है।

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