रिलेशनशिप्स में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं और मनमुटाव होना भी स्वाभाविक है। लेकिन अगर बात हद से गुजर जाए तो आपको एलर्ट हो जाना चाहिए। ऐसी ढेर सारी महिलाओं के उदाहरण मिल जाएंगे, जिसमें महिलाएं अपने साथ होने वाले खराब व्यवहार को बिना रिएक्ट किए सहती रहती हैं। इन स्थितियों में महिलाएं इस बात को स्वीकार नहीं कर पातीं कि उन्हें एक लिमिट से ज्यादा बर्दाश्त नहीं करना चाहिए। अगर पर्सनल लाइफ में आप भी अपने पेरेंट्स, पार्टनर, फैमिली मेंबर्स से इस तरह के व्यवहार से परेशान हैं तो उसके खिलाफ आवाज उठाइए। 

toxic behaviour inside

क्या कहते हैं एक्सपर्ट

रिलेशनशिप कोच पंकज दीक्षित बताते हैं, 'अगर महिलाएं खराब व्यवहार के कारण परेशान हो गई हैं और लगातार नेगेटिविटी में जी रही हैं तो उन्हें सबसे पहले खुद को टूटने से बचाना चाहिए। महिलाओं के साथ बहुत सारी प्रॉब्लम इसीलिए भी होती हैं, क्योंकि वे कमजोर होती हैं। अगर आप स्ट्रॉन्ग हो जाएं तो आपकी प्रॉब्लम बहुत हद तक सॉल्व हो जाएंगी।

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अगर आपके साथ गलत व्यवहार हो रहा है तो आपको खुलकर बोलने की जरूरत है कि 'यह मुझे स्वीकार्य नहीं है और आप मेरे साथ ऐसा नहीं कर सकते।' आपको अपने साथ होने वाला रूखा व्यवहार या बेइज्जती बर्दाश्त नहीं करनी चाहिए। जब आप अपने घर-परिवार, पार्टनर या दोस्तों से होने वाली तकलीफ में अपनी बात खुलकर एक्सप्रेस करती हैं तो उससे आपको काफी स्ट्रेंथ मिलती है। भले ही उस समय में चीजें आपके लिए मुश्किल हों, लेकिन आपके अंदर अपनी सिचुएशन को हैंडल करने की ताकत विकसित हो जाती है।' 

महिलाओं को स्वयं भी अपने व्यवहार पर फोकस करने की जरूरत है। पंकज बताते हैं, 'महिलाएं अगर इस तरह की प्रॉब्लम में हैं तो उन्हें यह भी देखना चाहिए कि कहीं उसमें उनकी भूमिका तो नहीं, कहीं प्रॉब्लम बड़ी होने के पीछे उनका व्यवहार तो नहीं है, कहीं ऐसा तो नहीं कि वे बहुत बड़ी गलतियां कर रही हों, जिनकी वजह से उनके साथ ऐसा व्यवहार होता हो। अगर आप कोई बड़ा कदम उठाने जा रही हैं तो यह भी ठंडे दिमाग से सोचें कि कहीं आपका व्यवहार भी तो रूड नहीं, जिसका रिएक्शन आपको लोगों के बिहेवियर में नजर आता हो। आप अपनी फैमिली और फ्रेंड्स का सपोर्ट ले सकते हैं। अगर बात हद से बढ़ गई है और बियॉन्ड एक्सेप्टेंस लेवल है तो आपको अपनी फैमिली और फ्रेंड्स को इसमें शामिल करना चाहिए, उनका सपोर्ट आपको स्ट्ऱॉन्ग बनाएगा। फाइनेंशियल और सोशल लेवल पर आपकी स्थिति कैसी है, यह देखना भी जरूरी है, क्योंकि इसमें आपकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं। ऐसी स्थिति में कड़ा कदम उठाने पर आपको सोशली मेंटली, इमोशनली मुश्किल हालात का सामना करना पड़ सकता है। अगर मामला फिजिकल अब्यूज तक पहुंच गया है तो स्थित काफी गंभीर हो सकती है। ऐसे में आप हर राज्य में बने वुमन सेल से संपर्क कर सकती हैं। फैमिली का उतना सपोर्ट नहीं है तो वुमन सेल से मदद मांग सकती हैं। ऐसे में आपको दोनों फैमिली को इन्वॉल्व करना चाहिए। सामाजिक संस्थाओं से भी संपर्क साधना चाहिए। इससे आपको फाइनेंशियल से लेकर लीगल तक, हर तरह की मदद मिलती है।  

अपने पार्टनर, परिवार वालों या रिलेटिव्स से आप खराब व्यवहार होने पर शांत ना रहें और उन्हें हर संभव तरीके से समझाने का प्रयास करें। आइए जानें ऐसे ही व्यवहार के बारे में, जिन्हें आपको बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करना चाहिए-

मैन्युपुलेटिव बिहेवियर

आपके अच्छे नेचर का फायदा उठाते हुए कई बार आपके साथ मैन्युपुलेटिव बिहेवियर होता है और आप पर दूसरों की चीजें थोपने की कोशिश की जाती है। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि आप इसके खिलाफ आवाज उठाती हैं या फिर आप ऐसा करने वालों से प्यार से पेश आती हैं, उनकी खुशामद करती हैं या फिर किसी तरह का एक्सक्यूज देती हैं। 

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आपकी फीलिंग का ना करे सम्मान

अगर आपके थॉट्स का सम्मान ना किया जाए, आपकी बातों को ड्यू रेसपेक्ट नहीं दी जाए तो यह आपको काफी ज्यादा हर्ट कर सकती है। आपकी बातों का अगर मजाक बनता हो या उस पर कोई ध्यान ही नहीं देता हो तो इसके पीछे बहुत बड़ी प्रॉब्लम हो सकती है। अगर ऐसे लोग आपको बहुत सेंसिटिव या बहुत ज्यादा इमोशल बताकर डीमॉरलाइज करते हों तो आपको समझ लेना चाहिए कि वे आपका फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं।

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बात-बात पर बेइज्जती

अगर आपसे सीधी तरह से बात नहीं की जाए, बिना किसी उकसावे के आपकी बातों को काटा जाए, आपकी इंसल्ट हो तो इसे आपको हल्के में नहीं लेना चाहिए। अगर आपसे कहा जाए कि आप कुछ भी ठीक से नहीं कर पातीं, हमेशा ही खराब दिखती हैं तो आपको इसके लिए जरूर रिएक्ट करना चाहिए। 

ना सुनी जाए आपकी बात

अगर आप तकलीफ में हैं और लोग आपकी बात सुनने को भी राजी नहीं हों तो इससे बुरा और कुछ नहीं हो सकता। आपको खुद को एक्सप्रेस करने का पूरा हक है। अगर आपको लोगों का व्यवहार बहुत खराब लग रहा है और उस पर रिएक्ट नहीं करने के लिए आप पर दबाव बनाया जाए या खामोश रहने को कहा जाए तो यह चीज भी आपको नॉर्मली नहीं लेनी चाहिए। 

  

  • Saudamini Pandey
  • Her Zindagi Editorial