आज हम बात कर रहे हैं उस टीवी सीरियल की जिसने इतिहास रच दिया था। जिसके कलाकारों को भगवान का रूप मान लिया गया था। जिसने 90 के दशक में लोगों को रामायण का पाठ पढ़ाया था। जी हां, यहां बात हो रही है रमानंद सागर के सीरियल रामायण की। इस सीरियल के साथ बहुत से किस्से और कहानियां जुड़ी हैं। उस समय जो लोग बच्चे थे उनके लिए तो शायद अरुण गोविल ही राम थे। बच्चे तो बच्चे बड़ों को भी लगता था कि राम और सीता के रूप में अरुण गोविल और दीपिका चिखलिया ही उन्हें आशीर्वाद देंगे।

पिछले साल जहां सीरियल रामायण और महाभारत का दोबारा टेलिकास्ट किया गया था वहीं अब इस साल भी कोरोना वायरस और कई जगह लॉकडाउन के चलते एक बार फिर से इसे टेलिकास्ट करने की बात की जा रही है। खुद दीपिका चिखलिया ने इस बारे में जानकारी दी है।

 
 
 
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गुजरे जमाने का सबसे लोकप्रिय शो रामायण लोगों को राम की याद दिला चुका है। इस दौरान क्यों न उनकी कुछ ऐसी तस्वीरें देखी जाएं जो शायद आपने पहले न देखी हों। राम और लक्षमण को आपने रामायण में तो साथ देखा होगा, लेकिन अरुण गोविल और सुनील लहरी का वो अंदाज़ भी क्या आपने देखा है जो ऊपर तस्वीर में दिख रहा है। नहीं न?

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अरुण गोविल जो बन गए राम-

अरुण गोविल की पहली फिल्म थी पहेली, इस फिल्म में उनका एक छोटा सा साइड रोल था। इसके बाद उन्होंने काम किया एक और फिल्म 'सावन आने दो' में। इसके बाद उन्हें मिला टीवी सीरियल विक्रम और बैताल जिसमें उन्होंने विक्रमादित्य का रोल किया और फिर बने वो राजा राम। वैसे तो इस बीच अरुण गोविल ने कई फिल्में कीं, लेकिन जो लोकप्रियता उन्हें राजा राम बनकर मिली वो शायद ही कभी उन्हें मिल पाती।

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बहुत कम लोग जानते हैं कि अरुण गोविल असल में 17 साल की उम्र में मुंबई बिजनेस करने के लिए आए थे। पर उनका दिल नहीं लगा तो वो फिल्मों की ओर मुड़ गए। उनकी फिल्में सफल भी हुई हैं।

ये तस्वीरें अरुण गोविल की कुछ बॉलीवुड फिल्मों की ही हैं, लेकिन मैं आपको बता दूं कि वो एक समय चेन स्मोकर हुआ करते थे, लेकिन उनकी लोकप्रियता राजा राम के तौर पर इतनी बढ़ गई कि उन्हें पब्लिक प्लेस पर स्मोकिंग छोड़नी पड़ी।

दीपिका चिखलिया सीता से संसद तक-

दीपिका चिखलिया असल में सीता के रोल में बहुत ही अच्छी तरह से रम गई थीं। 1987 से पहले दीपिका की गिनती बी ग्रेड फिल्मों की हिरोइन में होती थी। दीपिका चिखलिया को लोग सीता के नाम से जानते उसके पहले उन्हें एक साइड एक्ट्रेस के रूप में देखते थे। इसके बाद उन्हें भी विक्रम और बैताल शो मिला और फिर रामायण। बस फिल दीपिका बन गईं सीता।



दीपिका चिखलिया राजनीति में भी सक्रीय रही हैं। मोदी और आडवाणी से मिलने के साथ-साथ 1991 की दसवीं लोक सभा चुनाव में ये वडोदरा सीट से लड़ी थीं। इसके बाद जिन सांसदों ने उस दौरान शपथ ली थी उनमें से एक दीपिका भी थीं।



इस तस्वीर में देख लीजिए। वो संसद की सीढ़ियां चढ़ रहे हैं वो हैं दीपिका यानी सीता और लंकेश रावण यानी अरविंद त्रिवेदी। इस समय वो पहले से ही 53 साल के हो चुके थे, लेकिन देखिए कुर्ता पैजामा पहन कितने स्टाइलिश लग रहे हैं। उन्हें भी भाजपा ने ही टिकट दिया था और जरा सोचिए उनका चुनावी कैम्पेन क्या रहा होगा? इनका चुनावी मुद्दा था राम मंदिर।



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सुनील लहरी जो थे आज्ञाकारी-

इस सबके बीच सुनील लहरी को भी काफी फेम मिला। मध्यप्रदेश के दमहो से ताल्लुक रखने वाले सुनील लहरी ने The Naxalites फिल्म से अपना डेब्यू किया था जिसमें उन्होंने एक बहुत छोटा रोल निभाया था, लेकिन वो फिल्म फ्लॉप रही। एक दो और फिल्मों और टीवी सीरियल में रोल अदा करने वाले सुनील लहरी का स्टारडम तो रामायण से ही जुड़ा है।

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रामायण के बाद वो हर घर के चहीते बन गए थे। उन्होंने राम यानी अरुण गोविल के साथ मिलकर एक प्रोडक्शन कंपनी भी खोली थी जिसका नाम है राम लक्ष्मण। अब खुद ही देख लीजिए अपने जवानी के दिनों में वो कितने स्टाइलिश लगा करते थे।



रामायण टीवी सीरियलने राम और सीता को घर-घर तक पहुंचा दिया था और इसका रीटेलिकास्ट भी काफी फेमस हो रहा है। हो सकता है आपको भी ये टीवी सीरियल काफी पसंद हो। अगर आपको ये स्टोरी पसंद आई तो इसे शेयर जरूर करें और साथ ही साथ ऐसी अन्य खबरों के लिए जुड़े रहें हर जिंदगी से।

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