Tulsi Puja Mistakes: देवउठनी एकादशी पर तुलसी पूजन के समय भूलकर भी न करें ये गलतियां, नहीं मिलेगा पूजा का पूर्ण फल

देवउठनी एकादशी पर तुलसी पूजन का विशेष महत्व होता है, लेकिन इस पावन अवसर पर कुछ विशेष नियमों का पालन करना जरूरी है। ऐसी मान्यता है कि तुलसी पूजन के दौरान कुछ गलतियों से बचने से पूजा का संपूर्ण लाभ प्राप्त होता है और जीवन में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है।
what mistakes should be avoid during tulsi puja
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कार्तिक महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी को देवउठनी एकादशी के नाम से जाना जाता है और इसका विशेष महत्व इसलिए भी है क्योंकि इसी दिन तुलसी जी का विवाह शालिग्राम से किया जाता है।

इस दिन तुलसी पूजन का विशेष महत्व होता है और उनकी पूजा से शुभ फलों की प्राप्ति भी होती है। मान्यता है कि आप यदि इस दिन तुलसी पूजन करती हैं तो आपको कुछ गलतियों से बचना चाहिए क्योंकि आपकी ये गलतियां पूजा का पूर्ण फल नहीं मिलने देती हैं और आपके जीवन में समस्याएं आने लगती हैं।

देवउठनी एकादशी, जिसे प्रबोधिनी एकादशी भी कहा जाता है उसे भगवान विष्णु के योग-निद्रा से जागने के पर्व के रूप में मनाया जाता है। इस दिन विशेष रूप से तुलसी पूजा का महत्व होता है और विधि-विधान से भगवान विष्णु और तुलसी माता के विवाह की रस्म निभाई जाती है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस पूजा के सही तरीके से करने पर सुख, शांति और समृद्धि प्राप्त होती है। आइए सेलिब्रिटी एस्ट्रोलॉजर प्रदुमन सूरी से जानें कि आपको देवउठनी एकादशी के दिन तुलसी पूजन में किन गलतियों से बचना चाहिए।

देवउठनी एकादशी तिथि पर न चढ़ाएं तुलसी को जल

offering water to tulsi plant

ऐसा कहा जाता है कि तुलसी की पूजा करते समय एक मुख्य चरण होता है तुलसी में जल चढ़ाना, लेकिन आपको किसी भी एकादशी तिथि के दिन तुलसी के पौधे को जल नहीं चढ़ाना चाहिए। ऐसी मान्यता है कि इस दिन तुलसी माता विष्णु जी के लिए निर्जला उपवास रखती हैं और आपके तुलसी पर जल चढ़ाने से उनका उपवास खंडित हो सकता है, इसलिए देवउठनी एकादशी पर भी पूजन के समय तुलसी पर जल न चढ़ाएं।

देवउठनी एकादशी तिथि पर न तोड़ें तुलसी की पत्तियां

tulsi plant leaves on ekadashi

सेलिब्रिटी एस्ट्रोलॉजर प्रदुमन सूरी जी बताते हैं कि देवउठनी एकादशी के दिन तुलसी की पत्तियां तोड़ने से बचना चाहिए, क्योंकि ऐसा करना अशुभ माना जाता है।

धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन तुलसी माता को छूना या उनके पत्ते तोड़ना वर्जित होता है। एकादशी तिथि पर तुलसी के पत्ते तोड़ने से घर में नकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, जिससे गृह क्लेश और मानसिक तनाव बढ़ सकता है। मुख्य रूप से देवउठनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु और तुलसी माता के विवाह का विशेष महत्व होता है, इसलिए उनकी पवित्रता का सम्मान करना आवश्यक है।

देवउठनी एकादशी के दिन तुलसी पूजा में सभी विधियों का पालन करें, लेकिन उनके पत्तों को भूलकर भी न छुएं। यदि आप भोग के लिए तुलसी के पत्तों को जरूरत हो, तो उन्हें एक दिन पहले ही तोड़कर सुरक्षित रख लें। ऐसा करने से आप पूजा की विधि का पूरा पालन कर सकेंगे और घर में सकारात्मकता का संचार होगा।

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तुलसी पूजा में उचित मंत्रों का उच्चारण न करना

तुलसी पूजा करते समय भगवान विष्णु और तुलसी माता के मंत्रों का उच्चारण करना बहुत शुभ माना जाता है। यदि आप मंत्रोच्चारण करें तो कभी भी गलत मंत्रों का जाप न करें। मंत्रों का सही उच्चारण करने से पूजा का प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है और इससे सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। वहीं गलत मंत्र आपके आस-पास नकारात्मक वातावरण बनाते हैं।

तुलसी पूजा में बासी फूलों का इस्तेमाल करना

देवउठनी एकादशी के दिन तुलसी पूजन और तुलसी विवाह के समय उन्हें फूल चढ़ाने के भी विधान है, लेकिन ध्यान रखें कि कभी भी बासी फूल तुलसी माता पर न चढ़ाएं। यदि आप पूजा में फूल अर्पित करें तो ध्यान रखें कि ताजे फूल ही चढ़ाएं। तुलसी माता और भगवान विष्णु को बासी फूल अर्पित करना अपमान माना जाता है। इससे पूजा में नकारात्मकता आ सकती है और शुभ फल की प्राप्ति नहीं होती है।

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तुलसी के पौधे के पास कूड़ा-कचरा इकठ्ठा रखना

tulsi plant puja

पूजा से पहले तुलसी के पौधे की सफाई करना जरूरी माना जाता है। तुलसी के गमले के आस-पास आपको कचरा भी इकठ्ठा नहीं रखना चाहिए।

कूड़ा-कचरा रखने से पूजा का पूर्ण फल नहीं मिलता है और ये तुलसी जी का अपमान भी होता है। देवउठनी एकादशी के एक दिन पहले ही आप तुलसी के गलमे के आस-पास अच्छी तरह से सफाई कर लें। पौधे के गमले को भी अच्छी तरह से साफ करें। पौधे की पत्तियों को हल्के पानी से साफ करें और ध्यान रखें कि किसी तरह की गंदगी या सूखे पत्ते पौधे में न रहें। इससे तुलसी माता प्रसन्न होती हैं और पूजा का पूर्ण लाभ मिलता है।

तुलसी के पौधे की उपेक्षा करना

देवउठनी एकादशी के दिन भूलकर भी आपको तुलसी के पौधे की उपेक्षा नहीं करनी चाहिए। आपको बिना वजह किसी भी दिन तुलसी की पत्तियां नहीं तोड़नी चाहिए। तुलसी में नियमित रूप से आवश्यकतानुसार जल चढ़ाना चाहिए। हालांकि रविवार और एकादशी के दिन जल चढ़ाने से बचने की सलाह दी जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, तुलसी की उपेक्षा से घर में सुख-शांति का ह्रास होता है।

यदि आप देवउठनी एकादशी के दिन तुलसी पूजन के साथ यहां बताई गलतियों से बचेंगी तो जीवन में खुशहाली बनी रहेगी। आपको यह स्टोरी अच्छी लगी हो तो इसे फेसबुक पर शेयर और लाइक जरूर करें। इसी तरह और भी आर्टिकल पढ़ने के लिए जुड़े रहें हरजिंदगी से। अपने विचार हमें कमेंट बॉक्स में जरूर भेजें।

Images: Freepik.com

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