कब शुरू करना चाहिए बुधवार का व्रत? जानें पूजा विधि और इस दौरान क्या खाएं, क्या नहीं

हिंदू धर्म में किसी भी शुभ और मांगलिक कार्य को शुरू करने से पहले भगवान गणपति बप्पा की पूजा की जाती है। सभी कष्टों को हरने वाले शिव पार्वती के प्रिय पुत्र, गणपति बप्पा को बुधवार का दिन समर्पित है। ऐसी मान्यता है कि जो भक्त पूरी श्रद्धा से बप्पा की पूजा करता है उसका रुका हुआ कार्य पूरा हो जाता है। साथ ही बप्पा का आर्शीवाद और शुभ फल की प्राप्ति होती है। हालांकि प्रत्येक पूजा के अपने नियम और कायदे होते हैं। इसी प्रकार गणपति को प्रस्नन और उनकी कृपा पाने की पूजा विधि अलग है। यदि आप बुधवार का व्रत करने का विचार बना रही हैं। लेकिन बप्पा की पूजा विधि, इससे जुड़े नियम या कब क्या करना चाहिए जैसी बातों को लेकर असमंजस में हैं, तो जान लें कि आप इस पवित्र व्रत की शुरुआत किसी भी महीने के शुक्ल पक्ष के पहले बुधवार से कर सकती हैं।
आइए, अब ज्योतिषाचार्य राधाकांत वत्स से विस्तार से जानते हैं बुधवार व्रत की संपूर्ण पूजा विधि और इससे जुड़े सभी महत्वपूर्ण नियम क्या हैं, ताकि आपकी भक्ति और प्रयास सफल हों।
बुधवार व्रत पूजा विधि (Budhwar Vrat Puja Vidhi)
बुधवार की पूजा के लिए, सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और फिर ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा) की ओर मुख करके आसन पर बैठें। इसके बाद, श्रद्धापूर्वक भगवान श्री गणेश और बुध देव का ध्यान करें। श्री गणेश को दूर्वा और पीले पुष्प अर्पित करें, साथ ही बुध देव को हरे रंग के वस्त्र चढ़ाएं। पूजा के दौरान श्री गणेश और बुध देव के मंत्रों का जाप करें। अंत में, श्री गणेश को हलवे का भोग लगाएं और फिर श्री गणेश व बुध देव की आरती गाएं। पूजा समाप्त होने पर भोग को प्रसाद के रूप में सभी में बांट दें। शाम के समय फलाहार से व्रत का पारण करें।
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बुधवार व्रत कब से रखें

आप किसी भी महीने के शुक्ल पक्ष के बुधवार से यह व्रत शुरू कर सकते हैं। एक बार संकल्प लेने के बाद, आपको कम से कम 21 या 45 बुधवार तक यह व्रत अवश्य रखना चाहिए।
बुधवार व्रत में क्या खाएं

बुधवार का व्रत रखने वाले व्यक्ति को एक समय ही भोजन करना चाहिए। इस दौरान आप दही, हरी मूंग दाल का हलवा, या किसी भी हरी वस्तु से बनी चीजें खा सकते हैं।
बुधवार व्रत में क्या न खाएं
बुधवार का व्रत रखने वाले व्यक्ति को नमक का सेवन नहीं करना चाहिए। इसके अलावा, पान खाने से भी बचना चाहिए क्योंकि इस दिन पान भगवान श्री गणेश को अर्पित किया जाता है।
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अगर आप भी बुधवार का व्रत रखते हैं तो इस बात का ध्यान रखें कि पूजा से जुड़े नियमों का पालन आवश्यक है। साथ ही, बुधवार व्रत में क्या खा सकते हैं और क्या नहीं इसकी जानकारी भी आप यहां से ले सकते हैं। अगर हमारी स्टोरीज से जुड़े आपके कुछ सवाल हैं, तो वो आप हमें आर्टिकल के नीचे दिए कमेंट बॉक्स में बताएं। हम आप तक सही जानकारी पहुंचाने का प्रयास करते रहेंगे। अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।
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- भगवान गणेश किसका प्रतीक हैं?
- गणपति बप्पा बुद्धि, समृद्धि और सौभाग्य का प्रतीक हैं।
- गणपति बप्पा की पूजा की दिशा की तरफ बैठकर करना शुभ होता है?
- गणपति बप्पा की पूजा उत्तर-पूर्व या पूर्व दिशा की ओर मुख करके बैठना शुभ माना जाता है।
- बुधवार का व्रत करने से क्या लाभ होता है?
- ऐसा कहा जाता है कि बुधवार का व्रत करने से बुध ग्रह से जुड़े दोषों से छुटकारा मिल सकता है। वहीं, मंगल कार्यों में बाधा नहीं आती है और धन प्राप्ति के संयोग बनते हैं।
- बुधवार के कितने व्रत रखने चाहिए?
- बुधवार के 7, 11, 21 या 45 व्रत का संकल्प लिया जा सकता है।
- बुधवार के व्रत में क्या नहीं करना चाहिए?
- बुधवार के व्रत के दिन लेन-देन, अपशब्द, पश्चिम दिशा में यात्रा, काले कपड़े पहनना और किसी का अपमान करने से बचना चाहिए।
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