मल्लिका शेरावत ने अपनी पहली ही फिल्म से अपने बोल्‍ड अवतार को लेकर काफी सुर्खियां बटोरी थीं। 'मर्डर', 'प्‍यार के साइड इफेक्‍ट', 'डर्टी पॉलिटिक्स' जैसी फिल्‍मों में नजर आ चुकी एक्‍ट्रेस जितना अपनी फिल्‍मों में बोल्‍ड अवतार के लिए जानी जाती हैं, उतना ही अपनी बात बेबाक तरीके से रखने के लिए भी जानी जाती हैं। अब मल्लिका शेरावत ने कास्टिंग काउच से जुड़े अपने कड़वे एक्सपीरियंस के बारे में बात की है। न्‍यूज एजेंसी पीटीआई को दिए एक इंटरव्‍यू में मल्लिका ने बताया कि किस तरह से उन्‍हें एक फिल्‍म से सिर्फ इसलिए हटा दिया गया, क्‍योंकि उन्‍होंने अपने को-स्‍टार के साथ शूटिंग के बाद रिलेशन्स बनाने से इनकार कर दिया था।

mallika sherawat inside

न्‍यूज एजेंसी पीटीआई को दिए अपने इंटरव्‍यू में मल्लिका ने कहा, 'मुझे एक प्रोजेक्‍ट से सिर्फ इसलिए बाहर का रास्‍ता दिखा दिया गया क्‍योंकि हीरो ने कहा था, 'तुम मेरे साथ रिलेशन्स क्‍यों नहीं बढ़ा रही हो? जब तुम ऑनस्‍क्रीन यह कर सकती हो तो प्राइवेट स्पेस में ऐसा करने में क्‍या दिक्‍कत है।' इसी वजह से कई प्रोजेक्‍ट्स से मुझे हाथ धोना पड़ा। मल्लिका के साथ हुए इस वाकये से साफ है कि महिलाओं को अपनी अस्मिता बनाए रखने के लिए किस हद तक जूझना पड़ता है

मल्लिका शेरावत ने अपने इस इंटरव्‍यू में कहा, 'आदमी अक्‍सर फायदा उठाने की कोशिश करते हैं। साथ ही हम जिस तरह के किरदार में नजर आते हैं, उनके आधार पर हमें जज किया जाता है। अगर आप शॉर्ट स्‍कर्ट पहनती हैं, ऑन स्‍क्रीन Kiss कर लेती हैं तो आपको एक गिरी हुई महिला समझा जाता है, जिसके कोई मूल्‍य नहीं हैं। ऐसे में आदमी अक्‍सर छूट लेने की कोशिश करते हैं।'

मल्लिका ने अपनी तकलीफ जाहिर करते हुए आगे कहा, 'मैं किस इलाके से आती हूं और मैंने कितना संघर्ष किया, इन बातों को पूरी तरह दरकिनार कर दिया जाता है और बस यही याद किया जाता है कि मैंने स्‍क्रीन पर कितने Kiss किए हैं।' 'ख्‍वाहिशें', 'अगली और पगली' और 'किस किस की किस्‍मत' जैसी फिल्‍मों में नजर आ चुकी मल्लिका शेरावत ने बताया कि कैसे डायरेक्टर्स उन्‍हें ऑड आवर्स में मिलने के लिए बुलाते थे। उन्‍होंने अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा, 'मैं अपनी सोच में बिलकुल साफ हूं और किसी भी तरह का समझौता नहीं कर सकती, मुझे खुद पर गर्व है, विश्वास है। एक समय तो ऐसा भी था, जब डायरेक्टर ने मुझे सुबह 3 बजे मिलने के लिए बुलाया। मैं इस सब के बारे में बात करने से काफी डरती थी कि वह इसके लिए मुझ पर दोष लगाएंगे। उस वक्त मुझे लगता था जैसे मैंने ही कुछ ऐसा व्‍यवहार किया है कि डायरेक्‍टर ने मुझसे ऐसी बात कही। हमारा मन हमेशा हमें ही कटघरे में खड़ा करता है।'

मल्लिका शेरावत आखिरी बार फिल्‍म 'डर्टी पॉलीटिक्‍स' (2015) में नजर आई थीं। जल्‍द ही वह फिल्‍म 'जीनत' में नजर आएंगी। फिलहाल मल्लिका शेरावत अपनी वेब सीरीज 'द स्टोरी' को प्रमोट कर रही हैं। उन्होंने 2003 में 'ख्वाहिश' फिल्म से डेब्यू किया था। फिल्म में किसिंग सीन्स की वजह से वह बहुत जल्द सुर्खियों में आ गई थीं।

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गौरतलब है कि इससे पहले भी कई एक्ट्रेसेस कास्टिंग काउच की शिकार हो चुकी हैं। कल्कि कोचलिन, कंगना रनौत, स्वरा भास्कर, सुरवीन चावला, शर्लिन चोपड़ा, पायल रोहतगी, जैसे एक्ट्रेसेस इस बारे में अपने अनुभव बता चुकी हैं कि कैसे उनका फायदा उठाने की कोशिश की गई। बॉलीवुड में अच्छे-खासे संघर्ष के बाद खुद को स्थापित करने के बाद भी इन एक्ट्रेसेस को इस तरह का व्यवहार झेलना पड़ा, यह हमारे समाज में व्याप्त गलत मानसिकता को दर्शाता है। 

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हालांकि इस बात के लिए इन एक्ट्रेसेस की तारीफ करनी होगी कि उन्होंने इतने संवेदनशील मुद्दे पर चुप्पी साधने के बजाय अपनी बात खुलकर रखी। इस तरह के अनुभव महिलाओं को लंबे वक्त तक कचोटते रहते हैं, ऐसे में अपनी तकलीफें बेबाकी से जाहिर करने पर उन्हें सपोर्ट देने वालों की भी कमी नहीं होती। 

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हमारे देश में महिलाओं के साथ यौन हिंसा के मामले अक्सर ही सुर्खियों में रहते हैं। सिर्फ यही नहीं, दहेज के मामलों से जुड़ी हिंसा, ऑनर किलिंग, घरेलू हिंसा, विधवाओं के साथ बुरे व्यवहार से जुड़े असंख्य मामले दर्ज किए जाते हैं। थॉमसन रॉयटर्स के एक सर्वे में युद्धग्रस्त अफगानिस्तान और सीरिया के बाद भारत को महिलाओं के लिए दुनिया का सबसे खतरनाक देश माना है। हालांकि राष्ट्रीय महिला आयोग ने इस सर्वे को खारिज कर दिया, लेकिन इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि देश में महिलाओं की सुरक्षा एक बड़ा मुद्दा है।

हमारा सुझाव है कि अगर आप भी कुछ इसी तरह की स्थितियों से गुजर रही हैं तो खामोश ना रहें और ना ही डरें। भारतीय कानून में महिलाओं के हितों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त प्रबंध किए गए हैं। कई संस्थाएं भी महिला अधिकारों के लिए अहम भूमिका निभाती हैं। ऐसे में आप पूरे आत्मविश्वास के साथ गलत व्यवहार का विरोध करें और जरूरत पड़ने पर कानून की शरण लेने में संकोच ना करें। 

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