बंगाली ब्यूटी शर्मिला टैगोर के बारे में ऐसी बहुत सी बातें हैं जो उनके फैन्स को बहुत पसंद हैं। अब उनकी फिल्मों का चुनाव ही ले लीजिए। एक के बाद एक शर्मिला ने ऐसी कई हिट फिल्में की थीं जहां वो 60-70 के दशक की फेमस एक्ट्रेस बन गई थीं। 8 दिसंबर 1944 को पैदा हुई शर्मिला ने फिल्म इंडस्ट्री में अपनी अलग पहचान बनाई और सिर्फ रीजनल सिनेमा से ही नहीं बल्कि मेन स्ट्रीम बॉलीवुड में भी फेमस हो गईं। शर्मिला के बोल्ड अंदाज़ की तारीफ होती थी, लेकिन 1969 में मंसूर अली खान पटौदी से शादी के बाद तो वो चर्चा का केंद्र ही बन गई थीं। 

शर्मिला टैगोर के फिल्मी सफर की कहानी शुरू हुई थी सत्यजीत रे की फिल्म 'अपुर संसार' से। ये फिल्म 1959 में रिलीज हुई थी। इसके अलावा  'अराधना', 'अमर प्रेम', 'सफर', 'कश्मीर की कली', 'मौसम', 'तलाश', 'वक़्त','फ़रार', 'आमने-सामने' ‘चुपके-चुपके’, 'ईवनिंग इन पैरिस' जैसी न जाने कितनी सफल फिल्मों में काम कर चुकीं शर्मिला की लव स्टोरी भी बहुत फिल्मी रही है। चलिए आज बात करते हैं उनकी लव स्टोरी के बारे में। 

वो पहली मुलाकात जिसने बदल दी दोनों की जिंदगी-

शर्मिला टैगोर के साथ मंसूर अली खान पटौदी की मुलाकात 1965 में हुई थी। दोनों एक कॉमन फ्रेंड के जरिए मिले थे। वैसे शर्मिला को तो क्रिकेट बहुत पसंद था, लेकिन मंसूर अली खान पटौदी को बॉलीवुड के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। शर्मिला को पहली ही मुलाकात में नवाब पटौदी का सेंस ऑफ ह्यूमर बहुत पसंद आया था। 

marriage of sharmila tagore

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शर्मिला को रिझाने के लिए दिए कई गिफ्ट- 

1965 से लेकर 1969 तक शर्मिला टैगोर को रिझाने के लिए मंसूर अली खान ने कई गिफ्ट दिए। उन्होंने शर्मिला को एक फ्रिज़ भी गिफ्ट किया था, लेकिन शर्मिला से हां करवाना इतना भी आसान नहीं था। गुलाब के गुल्दस्तों और कई चिट्ठियों के बाद ही शर्मिला ने हां की थी।  

sharmila tagore marriage photos

पैरिस में हुआ था प्रपोजल- 

पटौदी खानदान में पैरिस में अपने प्यार को प्रपोज करने का रिवाज है और ये रिवाज मंसूर अली खान पटौदी से ही शुरू हुआ है। उन्होंने शर्मिला को पैरिस में प्रपोज किया था और शर्मिला ने हां कर दी थी।  

इन लव बर्ड्स का एक और किस्सा मश्हूर है। कहते हैं कि एक मंसूर अली खान पटौदी को सी-ऑफ करने शर्मिला शूटिंग छोड़कर अहमदाबाद एयरपोर्ट चली गई थीं। इसके बाद जब टाइगर पटौदी ने उनसे पूछा कि क्या वो उनके साथ चलेंगी तो शर्मिला ने झट से हां कर दी और उनके साथ ट्रिप पर चली गईं।  

sharmila and her husband

शादी के लिए शर्मिला ने रखी थी ये शर्त- 

जब शर्मिला टैगोर को टाइगर पटौदी ने प्रपोज किया तब शर्मिला ने हां तो कर दी, लेकिन साथ ही शादी के लिए एक शर्त भी रख दी थी। शर्मिला ने कहा था कि अगर मंसूर अली खान ने अपने अगले मैच में छक्कों की हैट्रिक लगाई (6-6-6) तो वो उनसे शादी कर लेंगी। अब ये किस मैच की बात हो रही है ये तो याद नहीं, लेकिन इन दोनों की शादी जरूर हो गई थी।  

sharmila tagore and her husband

शादी के पहले और बाद में आईं कई मुश्किलें-

इन दोनों की शादी की सबसे बड़ी मुश्किल ये थी कि दोनों बहुत ही अलग बैकग्राउंड से थे। शर्मिला फिल्मी बैकग्राउंड से थीं और नवाब साहब क्रिकेट से। दोनों का धर्म भी अलग था, दोनों के खानदान भी अलग थे और दोनों के साथ से कई को ऐतराज़ भी था। लेकिन इन दोनों ने परिवार वालों को मना लिया।  

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इन दोनों की शादी के बाद भी कई लोग बस ये इंतज़ार कर रहे थे कि कब ये शादी टूटे। शर्मिला ने नवाब से शादी करने के लिए अपना धर्म बदला था और आयशा बनी थीं। शर्मिला के बारे में ये भी कहा जाता था कि शादी के बाद उन्हें फिल्मों से दूर कर दिया जाएगा, लेकिन डेटिंग के वक्त बिकिनी पहनने से लेकर शादी के बाद भी कई ग्लैमरस रोल करने तक मंसूर अली खान पटौदी ने कभी शर्मिला को नहीं रोका।  

27 दिसंबर 1969 को दोनों की शादी हुई और ये शादी 42 सालों तक कायम रही। 42 साल बाद 2011 में मंसूर अली खान पटौदी की मौत हो गई और इस खूबसूरत प्रेम कहानी का एक साथी बिछड़ गया।  

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