पेरिस 2024 पैरालंपिक में भारत के लिए एक शानदार दिन रहा, जब अवनी लेखरा और मोना अग्रवाल ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए देश का नाम रोशन किया। शूटिंग में अवनि लेखरा ने और मोना अग्रवाल ने इतिहास रच दिया है। इस खेल में भारत की अवनी लेखरा ने गोल्ड मेडल और मोना अग्रवाल ने ब्रॉन्ज मेडल जीता, जबकि कोरिया की ली युनरी ने 286.8 नंबर के साथ सिल्वर मेडल अपने नाम किया।
🥇Avani Lekhara
— Doordarshan Sports (@ddsportschannel) August 30, 2024
🥉Mona Agarwal
History has been rewritten at the #ParisParalympics 🇮🇳💥
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अवनी लेखरा ने फिर जीता गोल्ड
अवनी लेखरा, जो टोक्यो 2020 पैरालंपिक में पहले भी गोल्ड जीत चुकी हैं, इन्होंने अपनी काबिलियत को फिर से साबित करते हुए 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग (SH1) इवेंट में गोल्ड मेडल जीता। अवनि लेखरा ने 249.7 नंबर के साथ पैरालंपिक रिकॉर्ड बनाया है। उनकी सटीक निशानेबाजी और धैर्य ने उन्हें प्रतियोगिता में टॉप पोजिशन पर ला खड़ा किया। अवनी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एक बार फिर से भारत के लिए गोल्ड मेडल हासिल किया, जिससे पूरे देश में खुशी की लहर दौड़ गई।
🇮🇳 Result Update: #ParaShooting R2 Women's 10m Air Rifle SH1 Final👇
— SAI Media (@Media_SAI) August 30, 2024
Unstoppable. @AvaniLekhara strikes #Gold🥇with a Paralympic Record 🥳☑️
The #TOPSchemeAthlete also scripted history to become the 1⃣st Indian woman to win 3⃣ medals at the #Paralympics😍🥳
Super proud of… pic.twitter.com/SWE2rRQraQ
मोना अग्रवाल ने जीता ब्रॉन्ज
मोना अग्रवाल ने भी अपनी स्किल्स का बेहतरीन प्रदर्शन किया और 50 मीटर एयर राइफल प्रोन (SH1) इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल(कांस्य) पर निशाना साधा। मोना अग्रवाल ने 228.7 नंबर पाकर के इस स्पर्धा में तीसरा स्थान हासिल किया है। उनकी मेहनत और दृढ़ संकल्प ने उन्हें इस नामचीन प्रतियोगिता में यह सम्मान दिलाया। मोना ने पहले राउंड से ही शानदार प्रदर्शन किया और अंत तक अपने निशाने की सटीकता बनाए रखी। मोना अग्रवाल का पहला पैरालंपिक है और यह उनका पहला मेडल भी है।
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भारतीय ग्रुप में उत्साह का माहौल बना हुआ है
दोनों एथलीटों की इस उपलब्धि ने भारतीय पैरालंपिक ग्रुप के आत्मविश्वास को और बढ़ा दिया है। अवनी लेखरा और मोना अग्रवाल ने न केवल भारत के लिए मेडल जीते हैं, बल्कि उन्होंने अपने खेल में नई मिसाल भी कायम की है। इन दोनों खिलाड़ियों की सफलता से भारतीय खेल प्रेमियों और देशवासियों में गर्व की भावना जगी है और उम्मीद है कि आगे भी भारतीय एथलीट इसी तरह से अपने प्रदर्शन से देश का नाम रोशन करते रहेंगे।
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गोल्ड मेडल जीतने वाली एकमात्र भारतीय महिला
अवनी लेखरा ने पैरालंपिक खेलों में इतिहास रचते हुए दो गोल्ड मेडल जीतने वाली एकमात्र भारतीय महिला का गौरव हासिल किया है। 2012 में एक कार दुर्घटना के बाद से, वह व्हीलचेयर पर हैं, लेकिन उन्होंने अपने साहस और अपने संकल्प के साथ असंभव को संभव बना दिया। उनकी कहानी न केवल एक खिलाड़ी के रूप में उनकी मेहनत को दर्शाती है, बल्कि यह भी बताती है कि कैसे जीवन में चुनौतियों का सामना कर उन्हें अवसरों में बदला जा सकता है।
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Image Credit: Freepik
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