अगर गार्डन में मिट्टी नहीं है तो कोको पीट के इस्तेमाल से भी पौधों को उगाया जा सकता है। यह एक तरह की आर्टिफिशियल मिट्टी होती है, जो नारियल के छिलकों से तैयार की जाती है। घर में गार्डेनिंग करना पसंद करती हैं तो आप कोकोपीट का इस्तेमाल कर सकती हैं। यही नहीं इसे मिट्टी के साथ मिक्स कर भी लगाया जा सकता है। नारियल के छिलकों से आप कोकोपीट तीन तरीके से बना सकती हैं। जिसे पौधों में थोड़ा-थोड़ा कर इस्तेमाल किया जा सकता है।

कुछ लोग मार्केट से कोकोपीट खरीदते हैं, यह अधिक महंगा नहीं होता है। हालांकि घर पर बनाने में अधिक समय लग जाता है। बता दें कि नारियल मे जटा जैसे जो रेशे मौजूद होते हैं उनमें भारी गैस को खींचकर पर्यावरण को शुद्ध करने की क्षमता होती है। यह पौधों और वातावरण दोनों के लिए फायदेमंगद होती हैं। आप घर पर इसे कई तरीके से बना सकती हैं और पौधों में इस्तेमाल कर सकती हैं।

नारियल के जटा बारीक काट लें

coco peat advantages

कुछ लोग कोको पीट बनाने के लिए नारियल के जटा को बारीक काट लेते हैं, और उसे मिक्सर में पीस कर पाउडर की तरह बना लेते हैं। इसे तुरंत इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, बल्कि थोड़ा पानी डालकर इसे डीकंपोस्ट होने के लिए छोड़ दें। एक या दो महीने तक इसे डीकंपोस्ट होने दें, उसके बाद ही आप इसका इस्तेमाल कर सकती हैं। वहीं इस बात का ध्यान रखें कि नारियल के रेशे को अगर आप मिक्सर में पीसेंगी तो मिक्सर के ब्लेट टूट भी सकते हैं। इसलिए कई लोगों को यह तरीका पसंद नहीं आता। हालांकि, आप चाहें तो एक बार ट्राई कर सकती हैं। जब आप मिक्सर में नारियल के रेशे को पीसने जाएं तो इसे पहले कैंची से बारीक काट लें और मिक्सर में थोड़ा-थोड़ा कर पीसें। इसको अधिक पीसने के बजाय हल्का ही रखें। उसके बाद कुछ दिन के लिए डीकंपोस्ट होने दें।

इसे भी पढ़ें: घर में आसानी से लगा सकती हैं सिंगोनियम का पौधा, अपनाएं ये आसान टिप्स 

नारियल के बुरादा का इस्तेमाल

coco peat diy

नारियल के जटा जब आप निकालते हैं तो उसमें काफी रेशे होते हैं। उन्हें जब अलग करेंगी तो बुरादा निकलना शुरू हो जाता है। बुरादा को आप डायरेक्ट भी इस्तेमाल कर सकती हैं या फिर आप चाहें तो उसे भी एक महीने के लिए डीकंपोस्ट होने के लिए छोड़ दें। यह सबसे बेस्ट तरीका होता है, लेकिन बुरादा निकालने में काफी वक्त लग जाता है, इसलिए ज्यादातर लोग यह करने से बचते हैं। आप बुरादा को मिट्टी(मिट्टी में लग जाए कीड़े) के साथ मिक्स कर सकती हैं। बता दें कि विदेशों में फार्मिंग के लिए कोकोपीट का इस्तेमाल खूब किया जाता है और धीरे-धीरे अब भारत में भी लोग इसका खूब इस्तेमाल कर रहे हैं।

नारियल के छिलकों को ऐसे करें स्टोर

coco peat farming

कोकोपीट बनाने के लिए नारियल के छिलके को बड़ी सी बाल्टी में या फिर मिट्टी के बर्तन में भरकर रख दें। इसके बाद नारियल के छिलकों को पानी से भर दें। 3 महीने तक आपको इसे ऐसे ही स्टोर करना है। ध्यान रखें कि इसमें पानी दिन पर दिन कम होता जाएगा, ऐसे में आप बीच-बीच में इसे पानी से भरती रहें। 3 महीने के अंदर यह डीकंपोस्ट होना शुरू हो जाएगा। अब आप इसे 3 महीने बाद बाहर निकालेंगी तो नारियल की जटा ब्राउन से ब्लैक नजर आएंगी। अब बाहर धूप में रख दें और एक-एक कर सभी नारियल के जटा से रेशे निकालती जाएं। इसका रेशे और बुरादा दोनों ही आसानी से निकल जाएंगे और आप ऐसे ही पौधों में इस्तेमाल कर सकती हैं। इसके अलावा आप चाहें तो इसे एक बर्तन में निकाल लें और बुरादा और रेशे दोनों को साथ रखें और घर के ऑर्गैनिक खाद जैसे अंडे के छिलके, बची हुई चायपत्ती के साथ मिक्स कर पौधा में लगाएं। इससे पौधा काफी हेल्दी तरीके से ग्रो करेगा।

इसे भी पढ़ें:बाज़ार से नहीं बल्कि लेमन ग्रास से इस तरह घर पर बनाएं नेचुरल कीटनाशक स्प्रे

Recommended Video

इस्तेमाल करने का सही तरीका

  • मिट्टी में जब हम पौधा लगाते हैं तो पानी और अन्य चीजों को समय-समय पर देने की आवश्यकता होती है। हालांकि, कोकोपीट के साथ ऐसा नहीं है, यह बहुत देर तक अपने अंदर नमी बनाए रखने की क्षमता रखता है। जिससे पौधों को नमी मिलती रहती है और पानी डालने की आवश्यकता नहीं होती। ऐसे में पौधे में अगर 5 से 6 दिन पानी नहीं डालती है तो भी काम चल जाएगा।
  • कोकोपीट में अगर पौधा लगा रही हैं तो डायरेक्ट गमले के बजाय सीडलिंग पॉट का इस्तेमाल करें। इस पॉट में आप कोकोपीट भर दें और बीज डाल दें। जब यह अंकुरित होकर थोड़े बड़े हो जाएं तो इसे सीडलिंग पॉट से निकालकर गमले में शिफ्ट कर दें।

आप भी घर यहां बताए गए तरीकों की मदद से कोकोपीट बना सकती हैं। अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी हो तो इसे फेसबुक पर जरूर शेयर करें और इसी तरह के अन्य लेख पढ़ने के लिए जुड़ी रहें आपकी अपनी वेबसाइट हरजिन्दगी के साथ।