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भारत की पहली महिला चेस ग्रैंडमास्टर एस विजयलक्ष्मी के बारे में जानें

शतरंज का खेल बेहद खास और पेचीदा होता है। जहां प्रतिद्वंदी को हारने के लिए मजबूर किया जाता है। ऐसे में जानें देश की पहली महिला चेस ग्रैंडमास्टर के बारे...
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Published -02 Aug 2022, 13:15 ISTUpdated -02 Aug 2022, 13:31 IST
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शतरंज या फिर आसान भाषा में चेह कहा जाने वाला यह खेल भारत समेत दुनिया के कई देशों में बेहद प्रसिद्ध है। भारत इस खेल में जीत का प्रबल दावेदारों में एक है। चेस में भारत का ट्रैक रिकॉर्ड काफी अच्छा रहा है। हर साल World Chess Organzation FIDE के द्वारा विश्व स्तर पर चेस की प्रतियोगिता कराई जाती है, जिसमें जीतने वाले को ग्रैंडमास्टर का टाइटल दिया जाता है। अब तक कई भारतीय इस टाइटल को जीत चुके हैं, पर क्या आप जानते हैं कि ग्रैंडमास्टर का टाइटल जीतने वाली पहली महिला कौन हैं?  अगर नहीं तो यह लेख जरूर पढ़ें- 

कौन हैं भारत की पहली महिला चेस ग्रैंडमास्टर?

S Vijayalakshmi Biography

भारत की पहली महिला चेस ग्रैंडमास्टर का नाम एस विजयलक्ष्मी है। जिन्होंने शह और मात के खेल शतरंज में जीतते हुए 24 जुलाई 2000 में इतिहास रच दिया। इसी के साथ एस विजयलक्ष्मी देश की पहली महिला चेस ग्रैंडमास्टर बनीं। 

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एस विजयलक्ष्मी का बचपन

एस विजयलक्ष्मी का जन्म 25 मार्च 1979 में चेन्नई में हुआ। विजयलक्ष्मी बेहद कम उम्र से ही शतरंज खेलने लगीं थी। इसी के साथ उन्होंने जल्द ही शतरंज के टूर्नामेंट जीतने शुरू कर दिए। करियर के दौरान उन्होंने कई राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय स्तर के मुकाबले जीते। आखिरकार साल 2000 में विजयलक्ष्मी ने विश्व स्तर की चेस प्रितियोगिता ग्रैंडमास्टर टाइटल के लिए भाग लिया और अपने प्रतिद्वंदी को हराने में सफल हुईं।

परिवार में हैं कई चेस खिलाड़ी

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विजयलक्ष्मी को चेस खेलने की प्रेरणा उनके पिता से मिली। उन्हीं के साथ खेल-खेल में विजयलक्ष्मी ने चेस खेलना सीख लिया। चेस में नाम कमाने के बाद एस विजयलक्ष्मी ने चेस ग्रैंडमास्टर श्रीराम झा से शादी की। इतना ही नहीं उनकी बहनें सुब्बारमन मीनाक्षी और एस भानुप्रिया भी शतरंज की बेहतरीन खिलाड़ी हैं।

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एस विजयलक्ष्मी का चेस करियर

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एस विजयलक्ष्मी ने साल 1986 के ताल शतरंज ओपन से अपने करियर की शुरुआत की। इसके बास साल 1988 और 1989 में अंडर ने लडकियों के वर्ग में भारतीय चैंपियनशिप जीती। इतना ही नहीं अंडर 12 की श्रेणी में एस विजयलक्ष्मी ने 2 बार जीत का खिताब अपने नाम किया। साल 1995 में उन्होंने जोन टूर्नामेंट में भाग लिया, जहां वो दूसरे स्थान पर रहीं। साल 1997 में तेहरान में एशियाई जोन टूर्नामेंट का खिताब अपने नाम किया।

एस विजयलक्ष्मी ने कई नेशनल और इंटरनेशनल प्रतियोगिताओं में जीत दर्ज कराई। साल 2000 विजयलक्ष्मी के लिए बेहद खास था, जब उन्होंने ग्रैंडमास्टर का टाइटल अपने किया। इसके साथ विजयलक्ष्मी अपने ओलंपियाड खेलों में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए भी जानी जाती है।  

 

तो ये थी देश की पहली महिला चेस ग्रैंड मास्टर की कहानी। आपको हमारा यह आर्टिकल अगर पसंद आया हो तो उसे लाइक और शेयर करें, साथ ही ऐसी जानकारियों के लिए जुड़े रहें हर जिंदगी के साथ। 

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