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गोल्डन गर्ल अवनि लेखरा के बारे में जानें, जिन्होंने पैरा ओलंपिक में लगातार 2 मेडल जीतकर बनाया इतिहास

महज 12 साल की उम्र में अवनि लेखरा पैरालिसिस का शिकार हुईं। लेकिन हिम्मत हारने की जगह उन्होंने पैरा खिलाड़ी के तौर पर दुनिया भर में अपनी पहचान बनाई। 
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Published -01 Aug 2022, 13:25 ISTUpdated -01 Aug 2022, 13:41 IST
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avani lekhara biography

हर 4 साल में ओलंपिक खेलों के बाद उसी जगह पैरा ओलंपिक खेल भी आयोजित किए जाते हैं। जिसमें वो सभी खिलाड़ी भाग लेते हैं, जो शारीरिक रूप में किसी न किसी तरह अक्षम होते हैं। ये खेल उन खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करता है जो शारीरिक तौर पर अक्षम होने के बाद भी हौसला नहीं हारते और इतिहास रचने का जज्बा रखते हैं। पैरा ओलंपिक खेलों की शुरुआत में 1960 से शुरू हुई, जहां अभी तक भारत ने कुल 25 मेडल जीते हैं। हालांकि सालों तक कोई भी महिला पैरा ओलंपिक खिलाड़ी के हाथ गोल्ड मेडल नहीं लगा था। लेकिन साल 2021 में हुआ टोक्यो पैरा ओलंपिक भारत के लिए काफी ऐतिहासिक रहा। इस साल भारतीय खिलाड़ी अवनि लेखरा ने टोक्यो पैरा ओलंपिक में लगातार 2 मेडल अपने नाम किए। इतना ही अपने बेहतरीन प्रदर्शन के साथ वो पैरा ओलंपिक खेलों में गोल्ड जीतने वाली पहली महिला खिलाड़ी बनीं। आज के इस लेख में एथलीट अवनि लेखरा के बारे में- 

कौन हैं अवनि लेखरा?

first woman to win gold in paralympics

अवनि लेखरा भारत की जानी-मानी पैरा ओलंपियन और राइफल शूटर है। साल 2020 पैरा ओलंपिक में उन्होंने 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिग में स्वर्ण पदक और 50 मीटर राइफल थ्री पोजीशन में कांस्य पदक देश के नाम किया। इसी दौरान वो वल्ड शूटिंग पैरा स्पोर्ट रैंकिंग पर पहले नंबर पर रही हैं। अपने बेहतरीन प्रदर्शन के लिए अवनि को पैरा ओलंपिक अवार्ड्स 2021 में बेस्ट फीमेल डेब्यू के खिताब से सम्मानित किया गया। 

अवनि लेखरा का संघर्ष

who is first woman to win gold in paralympics

अवनि महज 12 साल की ही थी जब एक दुर्घटना की वजह से पैरालिसिस हो गया। जिस वजह से उन्हें व्हील चेयर पर चलना पड़ा। इस हादसे की वजह से अवनि की पूरी जिंदगी बदल गई। लेकिन मुसीबतों से हार मानने की जगह 5 साल कड़ी मेहनत करने हुए अवनि ने शूटिंग की दुनिया में अपनी एक अलग पहचान बनाई। साल 2022 में अवनि लेखरा ने पैरा शूटिंग वर्ल्ड कप में गोल्ड जीतकर इतिहास रचा। 

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पिता ने किया खेल के लिए प्रोत्साहित

 

हादसे के बाद जब अवनि का मनोबल टूटने लगा। तब अवनि के पिता ने उन्हें पैरा खेलों की तरफ जाने के लिए प्रोत्साहित किया। अवनि के पिता चाहते थे कि वो तीरंदाजी में हिस्सा लें। लेकिन अवनि को शूटिंग में अपना करियर नजर आया। 

अवनि की शिक्षा 

अवनि ने राजस्थान के जयपुर शहर

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के केंद्रीय विद्यालय से स्कूली शिक्षा पूरी की। वहीं अभी राजस्थान से ही कानून की पढ़ाई कर रहीं हैं। अपने बेहतरीन खेल प्रदर्शन के लिए राजस्थान सरकार ने अवनि को सहायक वन संरक्षक के रूप में आउट ऑफ टर्न नियुक्त किया गया है।

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अवनि ने जीते हैं अवार्ड

avani lekhara

अपने बेहतरीन खेल प्रदर्शन के चलते अवनि को साल 2021 और 2022 में कई अवार्ड्स से नवाजा गया है। जिनमें खेल रत्न पुरस्कार, यंग इंडियन ऑफ द ईयर, पद्मश्री और पैरा एथलीट ऑफ द ईयर जैसे अवार्ड्स शामिल हैं। यह तो अवनि के करियर की शुरुआत है, हमें यकीन है कि अवनि अपने खेल से अभी और भी कई रिकॉर्ड अपने नाम करने वाली हैं।

 

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