सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में महिलाएं पुरुषों के वर्चस्व वाले पदों  पर काबिज होती नजर आ रही हैं। इसमें नया नाम जुड़ गया है सना मारिन का, जो फिनलैंड की सबसे युवा प्रधानमंत्री चुनी गई हैं। फिनलैंड के पीएम एंटी रिने की तरफ से इस्तीफे दिए जाने के बाद सना को देश के प्रधानमंत्री चुन लिया गया। सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी की तरफ से सर्वसम्मति से उनका चुना जाना उनकी लोकप्रियता का प्रमाण है। इससे पहले पूर्व प्रधानमंत्री एंटी रिने ने 3 दिसंबर 2019 को हुई डाक हड़ताल से निपटने के मामले में गठबंधन वाली सहयोगी पार्टी का विश्वास खो दिया और इसी के बाद उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।

इसे जरूर पढ़ें: युद्ध के दौरान चीता हेलिकॉप्टर उड़ाने वाली अकेली महिला पायलट गुंजन सक्सेना की कहानी

फिनलैंड का नेतृत्व करने वाली तीसरी महिला नेता बनीं सना मारिन

सना मरीन अभी सिर्फ 34 साल की हैं। इस समय में ज्यादातर महिलाएं अपने करियर के शुरुआती दौर में होती हैं। लेकिन सना युवावस्था में ही सत्ता के शीर्ष तक पहुंचने में कामयाब रही हैं और इसी के साथ उन्होंने महिला सशक्तीकरण की मुहिम को तेज किया है। वर्तमान में ऐसा कारनामा कर दिखाने वाली वह दुनिया की सबसे युवा राजनेता हैं। अभी तक सना फिनलैंड के ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर के तौर पर काम कर रही थीं। गौरतलब है कि फिनलैंड की सरकार का नेतृत्व करने वाली वह तीसरी महिला नेता बन गई हैं।

सना बनीं दुनिया की सबसे युवा प्रधानमंत्री

sanna marin inspirational story

34 वर्षीय सना मारिन से पहले दुनिया के सबसे युवा प्रधानमंत्री का बनने वाले शख्स थे यूक्रेन के प्रधानमंत्री ओलेक्‍सी होन्‍चेरुक। जिस समय में ओलेक्सी होन्‍चेरुक यूक्रेन के प्रधानमंत्री बने थे, तब उनकी उम्र 35 साल थी। लेकिन अब सना मारिन ने 34 वर्ष में इस पद पर आसीन होकर उनकी जगह ले ली है।

इसे जरूर पढ़ें: यूनिवर्स मना रहा है Zozibini Tunzi की जीत का जश्न, दुनिया भर की महिलाओं के लिए बन गई हैं प्रेरणा

27 की उम्र में बनी थीं महापौर 

sanna marin women achiever

मरीन ने टैम्परे विश्वविद्यालय से एडमिनिस्ट्रेशन साइंस में मास्टर्स की डिग्री ली है। यह भी दिलचस्प बात है कि सना 27 की उम्र में ही टैम्परे की नगर परिषद प्रमुख के तौर पर चुनी ली गई थीं। प्रधानमंत्री बनने से पहले सना जून 2019 में परिवहन और संचार मंत्री के पद पर भी रहीं और यहां भी उन्होंने अपने काम से जनता का दिल जीत लिया था।

Recommended Video

किम जोंग-उन रह चुके हैं सबसे युवा वैश्विक नेता

sanna marin prime minister finland

दुनिया के कई ऐसे राष्ट्राध्यक्ष रहे हैं, जिन्होंने सना मारिन की तरह बहुत कम उम्र में देश के प्रमुख बनने का गौरव हासिल किया। इनमें उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग-उन (35), साल्वाडोर के राष्ट्रपति नाइब बुकेले (37) और न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री जेसिंडा आर्डर्न (39) दुनिया के सबसे युवा राष्ट्राध्यक्षों में शुमार किए जाते हैं। 

बड़ी चुनौतियों का सामना करेंगी सना मारिन 

सना मारिन ने मीडिया को दिए इंटरव्यू में कहा, 'मैंने कभी अपनी उम्र और जेंडर के बारे में नहीं सोचा। मैं कुछ विशेष कारणों से राजनीति में आई और मुझे खुशी है कि लोगों ने मुझमें भरोसा जताया। सना के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती होगी देश को प्रगति की राह पर आगे ले जाने की, क्योंकि फिनलैंड को मंदी की मार से बचाने के बचाने के वादे के साथ एंटी रिने को प्रधानमंत्री चुना गया था। लेकिन उनकी सरकार ने 700 डाक कर्मचारियों के मेहनताने में कटौती की योजना बनाई, जो बुरी तरह असफल रही। इस फैसले के विरोध में डाक कर्मचारियों ने एक महीने तक हड़ताल की थी। हमें पूरी उम्मीद है कि सना मारिन प्रधानमंत्री के तौर पर सामने आने वाली चुनौतियों का डटकर मुकाबला करेंगी और महिलाओं को आगे भी इंस्पायर करती रहेंगी।