किसी ने सच ही कहा है 'उम्र बस एक नंबर है'। अगर किसी चीज को करने की लगन हो और हिम्मत हो तो फिर कोई भी इंसान लक्ष्य को आसानी से अपनी छोली में डाल सकता है। चाहें वो इंसान पच्चास साल को या फिर चाहें वो लड़की महज नौ साल की ही क्यों न हो। जी हां, तक़रीबन 9 साल की उम्र में किसी ने ये नहीं सोचा होगा कि किसी दिन अफ़्रीकी महाद्वीप के सबसे उंचे पर्वत माउंट किलिमंजारो पर चढ़कर भारतीय तिरंगे को लहराना है। लेकिन, आंध्र प्रदेश की एक बेटी ऋत्विका श्री ने देश के लिए ऐसा कर दिखाया है। महज नौ साल की उम्र में ऐसा करने वाली एशिया की पहली लड़की है। आज वो लाखों भारतीय लड़कियों के लिए एक मिसाल बन गई हैं। चलिए उनके बारे में जानते हैं।

समुद्र तल से 5,681 मीटर की ऊंचाई

ritwika sree youngest mount kilimanjaro inside

कहा जा रहा है कि महाद्वीप के सबसे उंचे पर्वत यानि माउंट किलिमंजारो की ऊंचाई समुद्र स्तर से लगभग 5,681 मीटर की ऊंचाई है। माउंट किलिमंजारो पर चढ़ने वाली एशिया की सबसे कम उम्र की लड़की हैं और विश्व में दूसरे नंबर पर। इसे पहले 2008 में अमेरिका के लॉस एंजेलिस की रहने वाली Keats Boyd के महज़ 7 साल की उम्र में इस पर्वत पर चढ़कर इतिहास रचा था। ऋत्विका के बारे में ये भी कहा जा रहा है कि उनके पिता गाइड के तौर पर उनके साथ मौजूद रहते हैं।

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ऋत्विका श्री के बारे में 

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ऋत्विका श्री मूल रूप से आंध्र प्रदेश के अनंतपुर की रहने वाली हैं। ऋत्विका के बारे में कहा जा रहा है कि वो दूसरी क्लास में पढ़ती है और वो महज़ 9 साल की है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ऋत्विका के पिता एक क्रिकेट कोच और स्पोर्ट्स कोऑर्डिनेटर भी हैं। ऋत्विका ने तेलंगाना में ही पर्वतारोहण की ट्रेनिंग ली है। इसके बाद उन्होंने द्दाख में भी ट्रेनिंग की है। (आयशा अजीज: देश की सबसे कम उम्र की महिला पायलट)

मजिस्ट्रेट गंधम चंद्रुडू ने ट्वीट कर दी जानकारी 

 

ये खबर उस समय चर्चा और सोशल मीडिया में छाने लगी जब ऋत्विका के शहर के जिला अधिकारी गंधम चंद्रुडू ने ट्वीट कर जानकारी दी। कहा जा रहा है कि गंधम चंद्रुडू ने इस काम के लिए आर्थिक रूप से भी मदद किया था। सोशल मीडिया पर भी ऋत्विका को खूब बधाई मिल रही है। किसी ने कमेंट्स में लिखा है 'मुबारकबाद! तो किसी ने 'देश की बेटी' जैसे कॉमेंट्स लिखे हैं।

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शिवांगी पाठक भी हैं इस लिस्ट में शामिल  

हरियाणा के हिसार की रहने वाली शिवांगी पाठक ने भी माउंट किलिमंजारो पर चढ़कर भारतीय तिरंगे का सम्मान बढाया था। कहा जाता है कि जब शिवांगी पाठक 17 साल की थी तब माउंट किलिमंजारो यानि अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी चढ़ी थीं। उस समय वो सबसे कम उम्र की महिला थी ऐसा करने वाली। (15 साल की गीतांजलि राव बनी kid of the year)

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