इस महिला दिवस पर पीएम मोदी ने एक नई पहल की थी। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट को एक दिन के लिए महिलाओं के हवाले कर दिया। ये महिलाएं जिन्होंने पीएम मोदी का अकाउंट हैंडल किया था वो अपने आप में कई लोगों के लिए प्रेरणा बन सकती हैं। किसी ने पानी बचाने के लिए जंग लड़ी है तो किसी ने विकलांकों के हक के लिए बहुत लंबी लड़ाई लड़ी है। किसी एक ने नहीं बल्कि 7 महिलाओं ने पीएम मोदी के अकाउंट से ट्वीट किया।  

इस महिला दिवस पर पीएम मोदी ने सभी महिलाओं को छोटे-छोटे वीडियो अपने ट्विटर और इंस्टाग्राम पेज पर शेयर किए और साथ ही इन महिलाओं ने जो भी उपलब्धियां हासिल की है उन्हें लिखा। #SheInspiresUs कैम्पेन के तहत ये शेयर किया गया है। तो चलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिन महिलाओं को अपने सोशल मीडिया अकाउंट दिए थे।  

1. स्नेहा मोहनडोस 

स्नेहा मोहनडोस को अपनी मां से प्रेरणा मिली थी। उन्होंने Foodbank India नाम का एक प्रोजेक्ट शुरू किया था जिसमें वो कई स्वयंसेवकों के साथ काम करती थीं जो गरीबों की भूख मिटाने के लिए लगे हुए थे। पीएम मोदी के ट्विटर अकाउंट पर उन्होंने लिखा, 'मैं अपनी मां से प्रेरित हूं जो आज भी भूखों को खाना खिलाने के लिए मेहनत करती हैं। हमने कई एक्टिविटीज की हैं जैसे मास कुकिंग, कुकिंग मैराथॉन, ब्रेस्टफीडिंग अवेयरनेस ड्राइव।'

 

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2. माल्विका अइयर 

माल्विका अइयर ने असल में एक बहुत ही खराब बॉम ब्लास्ट को झेला था। 13 साल की उम्र में इसकी वजह से उन्होंने अपने हाथ भी गवां दिए थे। साथ ही अपने पैरों को भी डैमेज कर लिया था। इसके बाद भी वो इतनी प्रेरित थीं कि उन्होंने अपनी पीएचडी पूरी की। 

माल्विका ने पीएम मोदी के ट्विटर अकाउंट पर लिखा कि 'एटिट्यूड से ही आधी जंग जीती जा सकती है। ये फैक्ट की पीएम मोदी ने मुझे चुना कि मैं अपने विचार ब्रॉडकास्ट कर सकूं यही सोचने के लिए काफी है कि सदियों पुराना अंधविश्वास विकलांगता को लेकर अब दूर हो रहा है।'

 

3. आरिफा जान 

आरिफा कश्मीर की वादियों से हैं और हमेशा उन्होंने अपने राज्य के ट्रेडिश्नल क्राफ्ट्स को वापस से जीवित करने और उसे कोने-कोने तक पहुंचाने की सोची। उनके हिसाब से ये स्थानीय महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए बहुत जरूरी है।  

आरिफा ने लिखा कि उन्होंने महिला कारीगरों की हालत देखी और उन्होंने मामदा क्राफ्ट को दोबारा जीवित करने की सोची। जब ट्रेडिशन मॉर्डन चीज़ों से मिलता है तो चमत्कार होता है। मैंने ये अपने काम में देखा।  

4. कल्पना रमेश 

खुद को पानी संरक्षक के तौर पर बताते हुए कल्पना रमेश ने लिखा, 'एक अलग तरह के योद्धा बनिए। पानी के योद्धा बनिए।'

 

कल्पना ने लिखा कि क्या आपने कभी पानी की कमी के बारे में सोचा है? हममे से हर कोई पानी बचा सकता है और आने वाले समय में बच्चों के लिए पानी को सुरक्षित रख सकता है। अगली कुछ ट्वीट्स में उन्होंने पानी बचाने के बारे में भी बताया।

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5. विजया पवार 

विजया पवार हैंडीक्राफ्ट प्रमोट करती हैं। बंजारा समुदाय के हस्तशिल्प वो महाराष्ट्र के सुदूर इलाकों से लोगों तक पहुंचाने में अहम हिस्सेदारी दिखाती हैं।  

 

उन्होंने लिखा कि वो इसके लिए दो दशकों से काम कर रही हैं और उनका साथ हज़ारों अन्य महिलाओं ने दिया है।  

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6. कलावती देवी 

कलावती देवी ने 2019 में नारी शक्ति पुरुस्कार हासिल किया था। उन्हें राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और उनकी पत्नी सविता कोविंद से ये सम्मान हासिल हुआ था। स्मृति ईरानी और निर्मला सीतारमन भी इस मौके पर मौजूद थे। कलावती देवी कानपुर उत्तर प्रदेश से हैं और वो जगह-जगह से पैसे इकट्ठे कर टॉयलेट बनवाने का काम कर चुकी हैं। उन्होंने लिखा कि अगर आपको कोई चीज़ हासिल करनी है तो लोगों की कड़वी बातों को इग्नोर करना होगा।  

7. वीना देवी

वीना देवी बिहार के मुंगेर से ताल्लुक रखती हैं और उन्होंने ये साबित कर दिया कि जहां चाह है वहां राह है। वो किसी भी मुश्किल में पीछे नहीं हटीं और मशरूम की खेती अपने बिस्तर के नीचे ही कर ली। 

इस खेती की वजह से वीना देवी आत्मनिर्भर बन पाईं और वो और आगे बढ़ पाईं।