इनकी एक दौड़ ने भारत को दिया था गोल्ड, जानिए हिमा दास के बारे में

हिमा दास भारत की वो एथलीट हैं जिन्होंने पहली बार किसी ट्रैक इवेंट में गोल्ड जीतकर भारत को नई ऊंचाइयां दी। 
Updated:- 2022-08-01, 16:06 IST
image

First Indian Athlete to win Gold Medal in International U20 Championship: भारत में ऐसी कई एथलीट्स रहे हैं जिन्होंने देश का नाम पूरी दुनिया में रौशन किया है। आज़ादी के पहले की बात करें तो महिलाओं को ज्यादा महत्व नहीं दिया जाता था पर धीरे-धीरे समाज की बंदिशें तोड़कर ये महिलाएं आगे बढ़ीं और हर फील्ड में अपना नाम कमाया। आजादी के 75 साल के जश्न को हरजिंदगी 75 बेमिसाल महिलाओं के बारे में जानकारी देकर मना रही है। ये वो महिलाएं हैं जिन्होंने अपनी-अपनी फील्ड्स में किसी ना किसी चीज़ की पहल की है। 

इसी कड़ी में आज हम आपको बताने जा रहे हैं 'ढींग एक्सप्रेस' कही जाने वाली हिमा दास के बारे में। 

कौन हैं हिमा दास? (Who is Hima Das)?

ये 22 साल की एथलीट हैं जिन्होंने 2018 के एशियन गेम्स में 50.79 सेकंड के रिकॉर्ड टाइम में 400 मीटर की दौड़ पूरी की थी और  IAAF World U20 Championships में गोल्ड मेडल जीतकर अंतरराष्ट्रीय दौड़ में गोल्ड जीतने वाली पहली एथलीट बनी थीं। 

hima das athelete

इनका जन्म असम के ढींग में हुआ था और खेती करने वाले परिवार की ये छोटी सी बालिका पांच भाई-बहनों में सबसे छोटी थी। 

इसे जरूर पढ़ें- सुष्मिता सेन भारत लेकर आई थी मिस यूनिवर्स का ताज, जानिए उनके बारे में

फुटबॉलर बनने का सपना रह गया अधूरा

5वीं कक्षा तक हिमा दास को हमेशा ही फुटबॉल खेलने का मन करता था और वो जेएनवी स्कूल में एडमिशन लेने के बाद लड़कों के साथ फुटबॉल खेला करती थीं। उन्हें हमेशा ही फुटबॉल खेलने का मन करता था और वो इसी फील्ड में आगे बढ़ना चाहती थीं, लेकिन भारत में महिला फुटबॉल का कोई स्कोप नहीं होने के कारण वो सपना अधूरा रह गया। इसके बाद जेएनवी के टीचर ने उन्हें स्प्रिंट रनिंग के बारे में बताया और उसकी तरफ मोड़ दिया। 

इसके बाद जो हुआ वो तो हम जानते ही हैं। 

hima das and her story

हर दौड़ में जी-जान से दौड़ती हैं हिमा दास

हिमा दास ने कई चैम्पियनशिप्स में हिस्सा लिया है और उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स में भी बहुत अच्छा प्रदर्शन किया था। 2018 में ऑस्ट्रेलिया में 400 मीटर रिले में हिस्सा लेने के बाद 12 जुलाई 2018 को हिमा ने फिनलैंड में हुई अंडर 20 वर्ल्ड चैम्पियनशिप में 400 मीटर फाइनल जीत लिया और ऐसे ट्रैक इवेंट में गोल्ड जीतने वाली पहली इंडियन स्प्रिंटर बन गईं।  

इसके बाद 2018 में ही एशियन गेम्स में 400 मीटर को 51 सेकंड में दौड़ने के बाद उन्होंने एक नया नेशनल रिकॉर्ड सेट कर दिया। इसी रिकॉर्ड को तोड़ते हुए अगस्त में उन्होंने  50.79 सेकंड में ये दौड़ पूरी कर ली।  

2018 में एशियन गेम्स में 400 मीटर रिले में हिमा और उनकी साथियों ने सिल्वर मेडल जीता। ये भी अपने आप में पहला अनुभव था।  

2019 में भी हिमा ने अपनी जीत की कड़ी को जारी रखा और ग्रैंड प्रिक्स पोलैंड में उन्होंने 200 मीटर दौड़ में गोल्ड जीता। 20 जुलाई 2019 को चेक रिपब्लिक में 400 मीटर दौड़ में उन्होंने अपना पांचवा गोल्ड जीता।   

हिमा को 2019 अक्टूबर में दोहा में होने वाली वर्ल्ड चैम्पियनशिप के लिए भी चुना गया था, लेकिन पीठ में चोट के कारण उन्हें इस इवेंट को छोड़ना पड़ा और तब से ही वो ट्रैक पर नहीं लौटी हैं। 

इसे जरूर पढ़ें- भारतीय महिला क्रिकेट टेस्ट टीम की पहली कप्तान शांता रंगास्वामी के बारे में जानें 

अर्जुन अवॉर्ड के साथ मिली पुलिस की नौकरी 

2018 में जीत के बाद उन्हें राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से अर्जुन अवार्ड दिया गया। फरवरी 2021 में उन्हें असम पुलिस में डीएसपी की पोस्ट दी गई।  

 

हिमा वो एथलीट रही हैं जिनके ट्रैक पर लौटने का इंतज़ार पूरा भारत कर रहा है और हाल ही में एक खबर ऐसी भी आई है कि हिमा जल्दी ही वापस ट्रैक पर आ सकती हैं और उनकी जल्दी रिकवरी की हम आशा करते हैं। अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़े रहें हरजिंदगी से। 

Disclaimer

हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, compliant_gro@jagrannewmedia.com पर हमसे संपर्क करें।