ब्रेस्‍ट कैंसर महिलाओं में सबसे अधिक होने वाला कैंसर है और दुनिया भर में हर साल करीब 2.1 मिलियन से अधिक महिलाओं को प्रभावित करता है। स्वास्‍थ्‍य मंत्रालय के अनुसार, भारत में प्रति 1 लाख महिलाओं में 25.8% में ब्रेस्‍ट कैंसर डायग्‍नोज होता है। ब्रेस्‍ट कैंसर महिलाओं में कैंसर से संबंधित मौत की सबसे बड़ी वजह भी है। इसके अलावा भारत में अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया जैसे विकसित देशों की तुलना में जीवित रहने की दर सिर्फ 66.1% है। वर्तमान में ब्रेस्ट कैंसर का जल्दी पता लगना जिससे इसके परिणाम को सुधारा और सर्वाइवल को बढ़ाया जा सके ब्रेस्ट कैंसर कंट्रोल के मूलभूत सिद्धांत हैं।

ब्रेस्‍ट कैंसर क्या है?

  • ब्रेस्‍ट कैंसर एक ऐसा कैंसर है जो ब्रेस्‍ट के अंदर सेल्‍स के अनियंत्रित विकास की वजह से होता है। ये सेल्‍स धीरे-धीरे गांठ का रूप ले लेते हैं।
  • इस कैंसर का उपचार हो सकता है। हालांकि अगर इसका जल्द पता नहीं लगाया गया तो यह एक जानलेवा हो सकता है क्योंकि यह शरीर के अन्य हिस्सों में भी फैल सकता है।
  • यह आमतौर पर या तो आपकी दूध बनाने वाली ग्रंथियों में शुरू होता है (जिन्हें लोब्यूलर कार्सिनोमा कहा जाता है), या उन नालिकाओं में जो इसे निप्पल तक ले जाती हैं (जिन्हें डक्टल कार्सिनोमा कहा जाता है)
  • यह आपके ब्रेस्‍ट में बढ़ सकता है और पास के लिम्फ नोड्स या आपके ब्‍लडस्‍ट्रीम के माध्यम से अन्य अंगों तक फैल सकता है।
  • विभिन्न प्रकार के ब्रेस्‍ट कैंसर विभिन्न दरों पर बढ़ते और फैलते हैं। हालांकि कुछ को आपकी ब्रेस्‍ट से आगे फैलने में कई साल लगते हैं, वहीं कुछ बहुत ही तेज़ी से बढ़ते और फैलते हैं।

BRCA जीन टेस्ट क्या है?

  • यह एक तरह का ब्लड टेस्ट होता है। यह टेस्ट दो जीन्स (BRCA1 और BRCA2) में किसी तरह की गड़बड़ी की जानकारी देता है। इसकी मदद से हानिकारक म्यूटेशन की पहचान करने में मदद मिलती है।
  • जीन्‍स आपके बॉयोलॉजिकल पेरेंट्स से मिले डीएनए के हिस्से हैं और कुछ हेल्‍थ कंडीशन के लिए भी जिम्मेदार हैं। BRCA1 and BRCA2 ऐसे जीन्‍स हैं जो प्रोटीन बनाकर सेल्‍स की रक्षा करते हैं और ट्यूमर को बनने से रोकने में मदद करते हैं। इसलिए इन जीन्‍स को ट्यूमर सप्रेसर जीन्‍स भी कहा जाता है।
  • जिन व्यक्तियों को जीन्स म्‍यूटेशन विरासत में मिलता है, उनमें सामान्‍य लोगों की तुलना ब्रेस्‍ट कैंसर और ओवेरियन कैंसर के बढ़ने का खतरा अधिक होता है।
  • ज़रूरी नहीं हर उस व्यक्ति को कैंसर हो जिसे BRCA1 या BRCA2 म्‍यूटेशन विरासत में मिला है। लाइफस्‍टाइल और पर्यावरण सहित अन्‍य कारक आपके कैंसर के जोखिम को प्रभावित कर सकते हैं।

BRCA टेस्ट किसको करवाना चाहिए?

जेनेटिक या वंशानुगत जीन म्यूटेशन होने का खतरा बढ़ सकता है अगर –

  1. 45 वर्ष की उम्र से पहले ब्रेस्‍ट कैंसर की पर्सनल हिस्‍ट्री हो।
  2. 50 वर्ष की उम्र से पहले ब्रेस्‍ट कैंसर की पर्सनल हिस्‍ट्री और दूसरे प्राथमिक ब्रेस्‍ट कैंसर का पता चला हो, ब्रेस्‍ट कैंसर के साथ एक या एक से अधिक रिश्तेदार, या अज्ञात या अन्य फैमिली मेडिकल हिस्‍ट्री।
  3. 60 या उससे कम उम्र में ट्रिपल-निगेटिव ब्रेस्‍ट कैंसर की पर्सनल हिस्‍ट्री।
  4. दो या अधिक प्रकार के कैंसर की पर्सनल हिस्‍ट्री।
  5. ओवरियन कैंसर की पर्सनल हिस्‍ट्री।
  6. किसी पुरुष रिश्तेदार में ब्रेस्ट कैंसर का होना। 
  7. BRCA म्यूटेशन के साथ पहले से ही किसी रिश्‍तेदार का डायग्नोसिस होना।
  8. ब्रेस्‍ट कैंसर और ऐशकेनाजी (पूर्वी यूरोपीय) यहूदी वंश की पर्सनल हिस्‍ट्री।
  9. BRCA से जुड़े कैंसर वाले दो या अधिक रिश्तेदारों का प्रोस्टेट कैंसर या पैनक्रिएटिक कैंसर की पर्सनल हिस्‍ट्री।
  10. आपके पेरेंट्स, भाई-बहन या बच्चों जैसे दो या अधिक ब्‍लड रिश्‍तेदारों में कम उम्र में ब्रेस्‍ट कैंसर की हिस्‍ट्री।

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BRCA टेस्ट रिजल्ट्स को कैसे समझें?

पॉजिटिव रिजल्ट आने का मतलब है कि BRCA 1 या BRCA 2 में म्यूटेशन पाया गया है। ये म्यूटेशन कैंसर होने की संभावना को बढ़ा सकते हैं। लेकिन म्यूटेशन वाले सभी को कैंसर नहीं होता है। पॉजिटिव म्यूटेशन आपके अपने परिवार की आगे की जेनेटिक स्क्रीनिंग करवाने की ओर इशारा करता है। पॉजिटिव टेस्‍ट के फॉलो-अप में कैंसर के लिए स्क्रीनिंग के प्रकार और आवृत्ति को संशोधित करना और आपके कैंसर जोखिम को कम करने के लिए डिज़ाइन की गई प्रक्रियाओं और दवाओं पर विचार करने के लिए विशिष्ट उपाय शामिल हैं। आप क्‍या करना चाहती हैं, यह आपकी उम्र, मेडिकल हिस्‍ट्री, आगे ट्रीटमेंट, पिछली सर्जरी और पर्सनल प्राथमिकताओं सहित कई कारकों पर निर्भर करता है।

नेगेटिव रिजल्‍ट का मतलब है कि BRCA जीन म्यूटेशन नहीं पाया गया है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आपको कभी कैंसर नहीं होगा।

अनसर्टेन रिजल्ट का मतलब है कि किसी प्रकार का BRCA जीन म्यूटेशन पाया गया था, लेकिन इसे कैंसर के बढ़े हुए खतरे से जोड़ा जा भी सकता है और नहीं भी। आगे की डायग्‍नोसिस के लिए आपको या तो अधिक टेस्ट्स या फिर ज़्यादा निगरानी की आवश्यकता हो सकती है।

ब्रेस्‍ट की जांच खुद से कैसे करें?

brca health inside

स्‍टेप.1-

  • कंधों को सीधा और हाथों को हिप्‍स पर रखते हुए शीशे में अपनी ब्रेस्‍ट को देखें। जानें कि आपको क्‍या देखना चाहिए:
  • ब्रेस्‍ट अपनी नार्मल शेप, साइज और कलर में हैं।
  • जांच करें कि कहीं स्किन में गड्ढे पड़ना, सिकुड़ना या फिर उभार जैसा कोई बदलाव तो नहीं है।
  • जांच करें कि निप्‍पल के आकार, बनावट, गोलाई में कोई अंतर तो नहीं।
  • जांच करें कि ब्रेस्ट पर कोई लाल निशान, दाने या सूजन तो नहीं।

स्टेप 2-

अपनी बाहों को ऊपर उठाएं और ऊपर बताए गए बदलावों की जांच करें।

स्टेप 3-

अपने दोनों निप्पल की ठीक प्रकार से जांच करें और देखें कि क्या निप्पल से कोई तरल पदार्थ निकल रहा है। (यह वाटरी, मिल्‍की या पीला तरल पदार्थ या ब्‍लड हो सकता है)।

स्टेप 4-

लेटे हुए अपने ब्रेस्ट्स को महसूस करें, अपने लेफ्ट हाथ से राइट ब्रेस्ट और फिर राइट हाथ से लेफ्ट ब्रेस्ट को छुएं। अपने हाथ की पहली कुछ उंगलियों को एक साथ रखते हुए सख्त लेकिन कम प्रेशर से अपने ब्रेस्ट को छुएं। ये ध्यान रखें कि आपने ऊपर से नीचे और दाएं से बाएं, अपने कॉलरबोन से लेकर पेट के ऊपर तक और अपनी बगल से लेकर क्लीविज तक, अपनी ब्रेस्ट कवर कर ली हो।

स्टेप 5-

आखिर में खड़े होने या बैठने के दौरान अपनी ब्रेस्‍ट को छुएं। कई महिलाओं को लगता है कि जब उनकी त्वचा गीली और स्लिपरी होती है तो ब्रेस्‍ट को छूना सबसे आसान तरीका होता है इसलिए वे इस स्‍टेप को शॉवर में करना पसंद करती हैं। अपने पूरी ब्रेस्‍ट को कवर करें और यहां वही हैंड मूवमेंट्स करें जो स्टेप 4 में बताए गए हैं।

निष्कर्ष:

पर्सनल और फैमिली हिस्ट्री के आधार पर आप BRCA टेस्ट करवाने का फैसला ले सकती हैं और ये जान सकती हैं कि आपको हेरेडिटरी ब्रेस्ट और ओवेरियन कैंसर (HBOC) होने का खतरा है या नहीं। साथ ही, डॉक्टर या जेनेटिक काउंसलर से सलाह लें। सभी महिलाओं को घर पर नियमित रूप से खुद ब्रेस्ट की जांच करने की आदत डालनी चाहिए।

एक्‍सपर्ट की सलाह के लिए डॉक्‍टर कविता बापट (एमएस,एफआईसीओजी) कंसलटेंट गायनेकोलॉजिस्ट का विशेष धन्यवाद।