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बच्‍चे के लिए यूज करती हैं जॉनसन एंड जॉनसन के प्रोडक्‍ट, तो सावधान हो जाएं

क्‍या आप जानती हैं कि बच्चों के लिए सबसे भरोसेमंद ब्रांड जॉनसन एंड जॉनसन के प्रोडक्‍ट में बहुत सारे केमिकल पाए जा रहे है।
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Published -02 Apr 2019, 20:27 ISTUpdated -02 Apr 2019, 20:45 IST
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छोटे बच्‍चे की नाजुक त्‍वचा के लिए ज्‍यादातर महिलाएं जॉनसन एंड जॉनसन ब्रांड के प्रोडक्‍ट का इस्‍तेमाल करती हैं, फिर चाहे वह जॉनसन पाउडर हो या शैम्‍पू या साबुन या फिर बेबी क्रीम या लोशन। मैंने भी अपने बच्‍चों के लिए इसी ब्रांड के प्रोडक्‍ट का इस्‍तेमाल किया था। जी हां पूरी दुनिया में बच्‍चों के लिए जॉनसन एंड जॉनसन ब्रांड के प्रोडक्‍ट को सबसे ज्‍यादा पसंद किया जाता है। ये ब्रांड सालों से कई मां का भरोसेमंद रहा है। लेकिन क्‍या आप जानती हैं कि बच्चों के लिए सबसे भरोसेमंद ब्रांड जॉनसन एंड जॉनसन के प्रोडक्‍ट में बहुत सारे केमिकल पाए जा रहे है। पाउडर के बाद अब जॉनसन बेबी शैंपू स्टैन्डर्ड क्वालिटी टेस्ट में फेल हो गया है।

जी हां हमारे घर में कई ऐसे केमिकल है जो हेल्‍थ के लिए हानिकारक हो सकते हैं। इनमें से बहुत सारे केमिकल कैंसर का कारण भी बन सकते हैं। ये कैंसर का जोखिम बढ़ाने वाले केमिकल घर में इस्तेमाल की जाने वाली रोजाना की चीजों में पाए जा सकते हैं। बच्चों के लिए शैंपू, टैल्कम पाउडर और साबुन बनाने वाली कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन सवालों के घेरे के बीच आ गई है।

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क्वालिटी टेस्ट भी फेल हो गया है शैंपू

जॉनसन एंड जॉनसन कंपनी के बेबी पाउडर के कैंसरकारक साबित होने के बाद अब उसके बेबी शैंपू का क्वालिटी टेस्ट भी फेल हो गया है। राजस्थान ड्रग कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन ने टेस्ट के बाद कंपनी को नोटिस भेजा है। कंपनी ने संकेत दिया है कि टेस्ट फेल होने की वजह फॉर्मल्डिहाइड तत्व हो सकता है, हालांकि उसने अपनी ओर से ऐसा तत्व शैंपू में मिलाए जाने से इनकार किया है।

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कंपनी के बेबी शैंपू के सितंबर 2021 की एक्सपायरी डेट के दो बैच से लिए सैंपल गुणवत्ता जांच में फेल हुए हैं। इनमें हानिकारक तत्व पाए गए हैं। नोटिस में इन तत्वों के बारे में नहीं बताया गया है। ये शैंपू हिमाचल प्रदेश स्थित प्लांट में बनाए गए थे। कंपनी ने संकेत दिए कि इन सैंपल में इमारत निर्माण सामग्री से संबंधित फॉर्मल्डिहाइड मिला है।

यह तत्व कैंसर का भी कारण माना जाता है। लेकिन कंपनी ने संस्था के परिणाम को स्वीकारने से इनकार कर दिया है। उसका कहना है कि उसके प्रोडक्‍ट सेफ हैं और इन्हें कठोरतम जांच के बाद जारी किया जाता है। कंपनी के अनुसार वे अपने शैंपू में फॉर्मल्डिहाइड नहीं मिलाते हैं, न ही इसमें ऐसे तत्व हैं जो कुछ समय बाद शैंपू में फॉर्मल्डिहाइड रिलीज करने लगें।

कंपनी का दावा

जॉनसन एंड जॉनसन ने हिमाचल प्रदेश से सैंपल लिए जानें पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। हालांकि मंगलवार को कंपनी ने दावा किया था कि बेबी पाउडर में कैंसर के कण पाए जाने की खबर एक तरफ है और पूरी तरह गलत है। कंपनी ने यह भी दावा किया कि एक लाख से अधिक लोगों पर किए गए रिसर्च में भी किसी को कैंसर होने के प्रमाण नहीं मिले हैं।

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क्या है फॉर्मल्डिहाइड

फॉर्मल्डिहाइड एक जैविक तत्व है और दुनिया में इसका सालाना 87 लाख टन प्रोडक्‍शन होता है। इसका उपयोग लकड़ी पर की जाने वाली केमिकल कोटिंग, कपड़ों को सिल्वट से बचाने वाली कोटिंग से लेकर बिजली के उपकरणों, भवन निर्माण सामग्रियों, दरवाजे के पैनल, आदि में होता है। पीईटीएन जैसे विस्फोटक में भी घनत्व बढ़ाकर इसका उपयोग किया जाता है। फॉर्मल्डिहाइड के कई उपयोगों को यूरोपीय यूनियन ने प्रतिबधित कर रखा है।

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बेबी पाउडर में मिला था केमिकल

कुछ समय पहले ही जॉनसन एंड जॉनसन के बेबी पाउडर में कैंसर कारक एस्बेस्टस पाया गया था। कंपनी ने फरवरी में बताया था कि जांच में उसके प्रोडक्‍ट में एस्बेस्टस नहीं मिलने के बाद उसने बेबी पाउडर का प्रोडक्‍शन फिर से शुरू कर दिया है।

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