वाराणसी की रहने वाली विभा की 6 महीने पहले सिजेरियन डिलिवरी हुई। इस दौरान उनका मेजर ऑपरेशन हुआ। इस तकलीफदेह अनुभव के बाद जब उनकी बेटी हुई, तो अपनी नन्ही सी जान के साथ उन्हें नई भावनात्मक मजबूती मिली। विभा ने डॉक्टर की कही ज्यादातर बातों पर अमल किया, लेकिन हाल-फिलहाल में उन्हें अपनी तकलीफ बढ़ी हुई महसूस हुई। उन्होंने बताया, 'मुझे ज्यादा देर खड़े होने पर दर्द होता है। एक ही पोजीशन में बैठने या खड़े रहने से टांकों पर सूजन आ जाती है। अंदर से असहज महसूस होता है। कभी-कभी मेरी कमर में भी दर्द होता है। लंबे वक्त तक खड़े हो जाने पर पेट से लेकर पीछे तक के हिस्से में सूजन आ जाती है, थकान महसूस होने लगती है। एक-आधे घंटे आराम करने पर ठीक लगता है, लेकिन आराम न कर पाने पर परेशानी बढ़ जाती है।' दरअसल उनकी समस्या की शुरुआत तब हुई जब वह एक दिन बच्ची को डॉक्टर को दिखाने के लिए वह स्कूटी पर बैठकर चली गईं। उस समय में उनका पूरा ध्यान बच्ची पर था, ऐसे में झटकों और exersion पर उनका ध्यान नहीं गया, लेकिन इस कारण बाद में उनकी तकलीफ बहुत ज्यादा बढ़ गई।

विभा और उनके जैसी सिजेरियन कराने वाली अन्य महिलाओं के एक्सपर्ट गाइडेंस के लिए हमने बात की एमबीबीएस, एमडी, ऑब्स्टीट्रीशियन एंड गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. रेनू मलिक से। डॉ. मलिक ने सिजेरियन डिलिवरी के बाद सामान्य स्थिति में आने के लिए कुछ अहम सुझाव दिए, जिनके बारे में हम तफसील से बता रहे हैं-

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डॉक्टर से पूछकर ही लें पेनकिलर्स

गायनेकोलॉजिस्ट आमतौर पर सिजेरियन डिलिवरी के बाद दर्द में आराम के लिए तीन दिन तक पेनकिलर्स देती हैं, लेकिन इसके बाद दर्द उठना बहुत सामान्य बात है। अगर आपको दवा की जरूरत महसूस हो रही है तो डॉक्टरी सलाह के बगैर दवा न लें क्योंकि ब्रेस्टफीड कराते हुए आपके द्वारा ली जाने वाली दवाओं का प्रभाव आपके बच्चे पर भी होता है।

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साफ-सफाई का रखें विशेष ध्यान 

ज्यादातर मामलों में खुद से सूखने वाले टांके लगाए जाते हैं लेकिन कुछेक मामलों में, जिनमें महिलाओं की पहले सर्जरी हो चुकी हैं, में पक्के वाले टांके लगाए जाते हैं,  ऐसे टांकों को निश्चित समय बाद निकलवा देना चाहिए। सिजेरियन के बाद सलाह दी जाती है कि महिलाएं नियमित रूप से नहाएं और शरीर के निचले हिस्से की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें, इससे टांकों वाले हिस्से के संक्रमित होने का खतरा नहीं रहता। अगर कभी टांकों वाला हिस्सा लाल दिखाई दे या वहां पर दर्द महसूस हो तो अपनी गायनेकोलॉजिस्ट से उसमें आराम के लिए परामर्श ले सकती हैं। टांकों के हिस्से के पूरी तरह से ठीक होने तक स्वीमिंग पूल में न जाएं। गायनेकोलॉजिस्ट से आप मालिश करने के तरीकों के बारे में भी पूछ सकती हैं, जिससे दर्द कुछ कम हो जाए और पेट की मांसपेशियां बेहतर तरीके से काम करें। 

पौष्टिक खानपान पर ध्यान देना जरूरी

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प्रचलित मान्यताओं के तहत सिजेरियन के बाद महिलाओं को उबला खाना दे दिया जाता है, दूध पीने और खाना खाने से मना किया जाता है, जो पूरी तरह गलत है। आपके लिए किसी तरह का परहेज नहीं है। आप सबकुछ खा सकती हैं, हाईप्रोटीन डाइट लें, ज्यादा घी न लें। आपको उबला खाना खाने की जरूरत नहीं बस इतना ध्यान रखें कि बहुत ज्यादा फ्राइड और फैटी खाना न खाएं। डिलिवरी के तीन महीने बाद तक बच्चा पौष्टिक तत्व अपनी मां से मिलने वाले दूध से लेता है, इसीलिए अपनी और बच्चे की हेल्थ के लिए हाई प्रोटीन, आयरन, बी कॉम्लेक्स, मल्टीविटामिन्स, और कैल्शियम युक्त डाइट लें। दिन में दो-तीन बार दूध, पनीर, सोयाबीन, नट्स, चने वाली डाइट ज्यादा लें, दही और हरी सब्जियां नियमित रूप से खाएं। अगर आप नॉनवेजिटेरियन हैं तो चिकन और फिश ले सकती हैं। 4-4 घंटों में डाइट जरूर लेती रहें। इसके अलावा विटामिन सी युक्त फूड आइटम जैसे कि बेर, केल और ब्रोकोली अपने खाने में शामिल करें। विटामिन सी शरीर में कोलेगन बनने की प्रक्रिया तेज होती है। यह एक ऐसा प्रोटीन होता है, जो टांकों के जल्दी ठीक होने में मदद करता है। ओमेगा 3 फैटी एसिड्स जैसे कि नट्स और बीजों में भी जलन शांत करने वाले तत्व होते हैं, जो पेट के लिए अच्छे हैं। 

सिजेरियन से ब्रेडफीडिंग में परेशानी नहीं

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सिजेरियन के बाद ब्रेस्टफीडिंग में आपको किसी तरह की मुश्किल नहीं आएगी। आप पूरी तरह से निश्चिंत होकर अपने बच्चे को ब्रेस्टफीड करा सकती हैं। लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि सी-सेक्शन के ज्यादा वजन न उठाएं, क्योंकि इसका सीधा असर आपकी पेट की मांसपेशियों पर पड़ता है। जैसे-जैसे आपके टांकों का दर्द कम होता जाए, आप वजन की मात्रा थोड़ी बढ़ा सकती हैं। 

गर्भनिरोधक तरीकों का इस्तेमाल है important

सिजेरियन ऑपरेशन के बाद आदर्श रूप में अगली प्रेगनेंसी के लिए तीन साल का गैप होना चाहिए। इसलिए अपनी गायनेकोलॉजिस्ट से गर्भनिरोधक तरीकों के बारे में पूछें। आपको जो तरीका अपने अनकूल लगे, वही अपनाएं। इसके तहत आप 3-5 साल वाली कॉपर-टी या आईयूडी लगवा सकती हैं या फिर गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन कर सकती हैं।

योग और कीगल एक्सरसाइज करें

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सिजेरियन के बाद शरीर को फिर से स्वस्थ बनाने के लिए योग, abdominal और kegel exercise जरूर करें। योग से आप मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ होती हैं, वहीं kegel exercise से पेल्विक एरिया की मांसपेशियों को मजबूत बनाने में आसानी होती है। लेकिन इस बात का भी ध्यान रखें कि हैवी एक्सरसाइज न करें और न ही झुकें।

मदद मांगने में संकोच न करें

आप अपने बच्चे की देखभाल में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ना चाहतीं लेकिन सिजेरियन के बाद आपके शरीर को भी आराम की जरूरत होती है, इसीलिए जितना संभव हो, घर के सदस्यों की मदद लें, ताकि आपको थकान न हो। सी-सेक्शन के बाद शरीर को पूरी तरह सामान्य होने में अच्छा-खासा समय लगता है इसीलिए अपने पति, घर के सदस्यों, दोस्तों से साफ-सफाई या घर के काम में मदद ले सकती हैं ताकि आप बच्चे की देखभाल आसानी से कर सकें और अपनी हेल्थ का भी ध्यान रखें।

इमोशनल फीलिंग्स शेयर करने में संकोच न करें

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सी-सेक्शन ज्यादातर महिलाओं के लिए एक तकलीफ भरा अनुभव होता है, इस कारण वे दुखी रहने लगती हैं। कई अध्ययनों में कहा गया है कि सिजेरियन डिलिवरी के बाद ज्यादातर महिलाओं में पोस्टपार्टम डिप्रेशन की समस्या देखने को मिलती है। अगर आप भी खुद को लेकर ऐसा ही महसूस करती हैं तो अपनी feelings घर के सदस्यों या दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें। इससे आप पॉजिटिव रहेंगी और जल्दी स्वस्थ होंगी।

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