महिलाओं में काफी आम है खून की कमी, जानें कब डॉक्टर को दिखाना हो जाता है जरूरी

खून की कमी महिलाओं में होने वाली एक आम समस्या है। सांस लेने में परेशानी, थकान, सिरदर्द, सीने में दर्द, दिल की धड़कन का अनियमित होना, इम्यून सिस्टम का कमजोरी होना और बेहोशी इसके लक्षण हो सकते हैं। अक्सर महिलाएं इस पर ध्यान नहीं देती हैं और ऐसे में यह समस्या बढ़ सकती है। जब शरीर में ऑक्सीजन ले जाने के लिए स्वस्थ लाल रक्त कोशिकाओं की कमी हो जाती है, तो इसे खून की कमी या एनीमिया कहा जाता है। खाने में आयरन, विटामिन बी12 या फॉलिक एसिड की कमी इसका कारण हो सकती है। रेड ब्लड सेल्स के उत्पादन के लिए, आयरन बहुत जरूरी है। खून की कमी को दूर करने के लिए, डाइट में आयरन रिच फूड्स को शामिल करना चाहिए। जब शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी होती है, तो हमारी मसल्स और सेल्स सही ढंग से काम नहीं कर पाती हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि उन्हें सही तरीके से काम करने के लिए ऑक्सीजन की सही मात्रा नहीं मिल पाती है। महिलाओं में कई वजहों से खून की कमी काफी आम है। लेकिन, कब डॉक्टर को दिखाना जरूरी हो जाता है, यह समझना बहुत जरूरी है। इस बारे में हमने डॉक्टर अदिति बेदी से बात की। वह कंसल्टेंट गायनेकोलॉजिस्ट और आब्स्टिट्रिशन हैं।
महिलाओं में क्यों आम है खून की कमी?

महिलाओं में खून की कमी काफी आम है। एनीमिया तब होता है, जब शरीर में ऑक्सीजन ले जाने के लिए पर्याप्त हीमोग्लोबिन नहीं बन पाता है। शरीर में जरूरी न्यूट्रिएंट्स की कमी के कारण ऐसा हो सकता है। महिलाओं में पीरियड्स के दौरान, ज्यादा ब्लीडिंग होने के कारण भी खून की कमी हो जाती है। अगर आपको इन दिनों में हैवी ब्लीडिंग होती है, तो शरीर में खून की कमी होने के काफी चांसेज हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि आपका शरीर जितनी रेड ब्लड सेल्स बना रहा है, उससे ज्यादा खून इस दौरान आपके शरीर से जा रहा होता है। आयरन के साथ ही, शरीर में विटामिन-बी12 की कमी के कारण भी एनीमिया हो सकता है।
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खून की कमी होने पर कब डॉक्टर को दिखाना जरूरी है?

महिलाओं के लिए, आमतौर पर हीमोग्लोबिन का सामान्य स्तर 12.3 gm/dL और 15.3 gm/dL के बीच होता है। एक्सपर्ट का कहना है कि अगर आपको शरीर में खून की कमी के लक्षण महसूस हो रहे हैं, सही खान-पान के बाद भी आपको बहुत अधिक थकान, चक्कर आना, सांस लेने में दिक्कत, त्वचा पा पीला पड़ना और दिल की धड़कन का तेज होना जैसे लक्षण नजर आ रहे हैं, तो डॉक्टर की सलाह जरूर लें। एनीमिया को अगर सही समय पर ट्रीट न किया जाए, तो इसका पूरे शरीर के फंक्शन पर होता है और इससे जान का खतरा भी हो सकता है। खासतौर पर प्रेग्नेंसी में खून की कमी होने पर मां और होने वाले बच्चे दोनों को खतरा हो सकता है।
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महिलाओं को खून की कमी के लक्षणों पर समय रहते ध्यान देना चाहिए।। अगर आपको स्वास्थ्य से जुड़ी कोई समस्या है, तो हमें आर्टिकल के ऊपर दिए गए कमेंट बॉक्स में बताएं। हम अपने आर्टिकल्स के जरिए आपकी समस्या को हल करने की कोशिश करेंगे।
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