गेंदे का फूल बहुत ही आसानी से हर जगह मिल जाता है। त्वचा और बालों की खूबसूरती बढ़ाने के साथ ये फूल स्वास्थ्य के लिए भी बेहद लाभकारी होता है। ये फूल बहुत ही आसानी से बढ़ते हैं, मज़बूती से फूलते हैं और कीटों को दूर रखते हैं। सिर दर्द, सूजन, दांत दर्द, घाव और कई त्वचा की समस्याओं जैसे औषधीय प्रयोजनों के लिए भी गेंदे के फूल का इस्तेमाल किया जाता है। इसके अलावा, उन्हें खाना पकाने में भी इस्तेमाल किया जाता है। आइए जानें गेंदे के फूल के फायदों और इसके इस्तेमाल के तरीकों के बारे में। 

त्वचा के घाव ठीक करे 

skin rashes healing

मैरीगोल्ड का उपयोग जलन, घाव और चकत्ते जैसी त्वचा की समस्याओं का इलाज करने के लिए किया गया है। जब त्वचा पर लगाया जाता है, तो यह सूजन, लालिमा, संवेदनशीलता, सूखापन और सूजन को कम करता है। इसकी पंखुड़ियों का लेप प्रभावित स्थान पर करने से घाव और जलन की समस्या से छुटकारा मिलता है। गेंदे के फूलों से बने मरहम का उपयोग घावों, सूखी त्वचा और फफोले के अलावा, सनबर्न और मुँहासे ठीक करने के लिए किया जा सकता है।

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मधुमक्खी के काटने पर 

यदि कभी मधुमक्खी काट ले तो उसके डंक के असर को कम करने के लिए गेंदे का उपयोग लाभ दिलाता है। गेंदे के पत्ते को पीसकर डंक वाले स्थान पर लगाएं। इससे डंक के कारण होने वाला दर्द और उसका दुष्प्रभाव कम हो जाता है।

कैंसर के लक्षणों को कम करे 

protects from cancer

गेंदे के फूलों में मौजूद फ्लेवोनोइड्स को कोलोन कैंसर, ल्यूकीमिया और मेलेनोमा कोशिकाओं के खिलाफ साइटोटॉक्सिक, एंटी इन्फ्लेमेट्री  और निरोधात्मक गतिविधियों का प्रदर्शन करने के लिए पाया जाता है।

एंटिफंगल गुणों से भरपूर 

अपने एंटिफंगल गुणों के कारण गेंदे के फूलों का उपयोग योनि संक्रमण के इलाज के लिए भी किया जा सकता है। चार हफ्तों के लिए कमर / जननांगों के प्रभावित क्षेत्र में लैक्टोबैसिलस स्पोरोजेन्स और लैक्टिक एसिड जैसे मैरीगोल्ड युक्त मरहम या क्रीम लगाने से दर्द, खुजली, पेशाब करते समय जलन और सूखापन जैसे कई लक्षणों को कम करने में मदद मिल सकती है।

शरीर को डिटॉक्सीफाई करे 

mari gold flower

गेंदे का फूल शरीर में जमा सभी विषाक्त पदार्थों को हटाकर शरीर की डिटॉक्सिफिकेशन प्रक्रिया में मदद करता है। यह डिटॉक्सिफिकेशन न केवल हमारे पाचन तंत्र को लाभ पहुंचाता है, बल्कि लिम्फ नोड्स की जलन और सूजन को कम करने में मदद करके लसीका प्रणाली को भी लाभ पहुंचाता है।

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प्राकृतिक एंटीसेप्टिक गुणों से भरपूर 

बैक्टीरियल कान के संक्रमण का इलाज करने और दर्द को कम करने में मदद करने के लिए गेंदे के फूलों के अर्क का इस्तेमाल किया जाता है। एक रिसर्च में यह पाया गया है कि गेंदे के फूल के रस की बूंदें कुछ मामलों में एंटीबायोटिक दवाओं के उपयोग के बिना भी, कुछ ही दिनों के उपयोग के भीतर कान की सूजन और दर्द को कम कर सकती हैं।

मासिक धर्म के दर्द से छुटकारा दिलाए 

periods pain

गेंदा का फूल महिला प्रजनन प्रणाली में होने वाली प्रक्रियाओं के उचित विनियमन के लिए लाभ प्रदान करता है। ये फूल मासिक धर्म के दर्द और ऐंठन से राहत दिलाने में मदद करते हैं। गेंदे के फूलों की चाय गैस्ट्राइटिस, एसिड रिफ्लक्स और अल्सर के इलाज के साथ-साथ पेट या मासिक धर्म की ऐंठन को कम करने के लिए भी फायदेमंद है।

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बवासीर के लिए फायदेमंद 

बवासीर के उपचार के लिए गेंदे का प्रयोग फायदेमंद होता है। इसके लिए 10 ग्राम गेंदे के पत्ते और 2 ग्राम काली मिर्च को एक साथ पीस लें। इसे पीने से बवासीर में लाभ होता है। इसके अलावा 5-10 ग्राम गेंदा के फूल को घी में भूनकर दिन में तीन बार लें। इससे बवासीर में होने वाले रक्तस्राव या खूनी बवासीर में फायदा मिलता है।

खांसी और जुकाम से राहत दिलाए

cough cold 

गेंदे के फूलों का अर्क का कभी-कभी खांसी, गले में खराश या बुखार के लक्षणों को प्रबंधित करने के लिए किया जाता है। इसके इस्तेमाल से से सभी समस्याएं काफी हद तक कम हो जाती हैं।  

फटी एड़ियों का इलाज 

बिवाई के इलाज की आयुर्वेदिक दवा है गेंदे के फूल का इस्तेमाल। जब हाथ या पैर की त्वचा या एड़ी फट जाए तो गेंदे के फूल से फायदा मिलता है। गेंदे के पत्तों का रस वैसलीन में मिलाकर हाथों-पैरों पर मलें। इससे बिवाई और हाथों-पैरों का रूखापन दूर होता है।

दांतों के दर्द में फायदेमंद 

tooth ache

गेंदे के फूल का इस्तेमाल दांतों के लिए भी बेहद लाभकारी है। इसके पतरययोग से दांत दर्द से राहत मिलती है। 20-30 मिली गेंदे के पत्तों के काढ़े से कुल्ला करने से दांतों के दर्द में तुरंत आराम मिलता है।

इस तरह गेंदे के फूल का कई तरह से इस्तेमाल हमारी सेहत के लिए फायदेमंद होता है और इसका इस्तेमाल कई स्वास्थ्य लाभों के लिए किया जाता है। लेकिन इसके इस्तेमाल से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। 

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Image Credit: freepik