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क्‍या आप जानते है लड़कियों की पैंटी में छोटी पॉकेट क्‍यों होती है?

क्या आपको पता है कि महिलाओं के अंडरवियर में पॉकेट क्यों होती है? ये छोटी सी पॉकेट बहुत बड़ी जरूरत को पूरा करती है। 
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different reason behind pocket in female underwear

महिलाओं के लिए जितने भी कपड़े डिजाइन किए गए हैं उनका फैशन से बहुत ज्यादा लेना देना होता है। पर फैशन से परे हटकर कई चीज़ें बहुत ही ज्यादा जरूरतमंद भी होती हैं। महिलाओं के फैशन की बात करें तो जीन्स-पैंट से लेकर उनके अंडरगारमेंट्स तक स्टाइल तो बहुत मिल जाएंगे, लेकिन उनमें कुछ चीज़ें बहुत ही ज्यादा कॉमन होती हैं। जैसे जीन्स में छोटे पॉकेट, ब्रा में लगा हुआ बो (Bow) और अंडरवियर में मौजूद पॉकेट। क्या आपने कभी नोटिस किया है कि महिलाओं के अंडरवियर में वेजाइनल एरिया के पास एक छोटा पॉकेट नुमा हिस्सा होता है।

इसके पीछे का लॉजिक डिजाइन और कंफर्ट दोनों से ही जुड़ा हुआ है। तो चलिए आज हम आपको महिलाओं के अंडरवियर ये जुड़े कुछ फैक्ट्स के बारे में बताते हैं जो फैशन से परे जरूरत पर आधारित हैं। 

आखिर क्यों होता है महिलाओं की पैंटी में Bow?

किसी भी अंडरवियर (महिला और पुरुष) के निचले हिस्से को गसेट (gusset) कहा जाता है। ये क्रॉच एरिया (वेजाइनल एरिया) को कवर करने के लिए होता है। इसे आमतौर पर इस तरह से डिजाइन किया जाता है कि ये हाइजीन और अब्जॉर्बेंसी का ध्यान रखे। 

female underwear and its issues

पर महिलाओं के गसेट में एक और कपड़ा कुछ इस तरह से सिला जाता है कि इसमें जेब जैसा आकार बने। गसेट एरिया के बीच में कोई भी सिलाई नहीं होती है जिससे मूवमेंट करने में कोई समस्या ना हो और साथ ही साथ इसका कपड़ा भी बहुत सॉफ्ट होता है और कई अंडरवियर जैसे नायलॉन, सैटिन आदि में यहां पर कॉटन का कपड़ा लगाया जाता है, लेकिन किसी में भी यहां पर आपको सिलाई नहीं मिलेगी ये सिर्फ कपड़ा ही होता है। 

इसे जरूर पढ़ें- आखिर क्यों महिलाओं की ब्रा में बना होता है Bow? जानें इससे जुड़े कई फैक्ट्स

gasset in female underwear

यहां पर एक और जेब नुमा कपड़ा इसलिए लगाया जाता है ताकि महिलाओं को फ्रीडम ज्यादा मिल सके-

  • ये वेजाइनल डिस्चार्ज सोखने में ज्यादा कारगर होता है।
  • ये कपड़ा वेजाइना को ज्यादा कंफर्ट देता है क्योंकि ये ज्यादा नरम होता है और इससे किसी भी तरह का फ्रिक्शन नहीं होता।
  • महिलाओं की वेजाइना से एसिडिक डिस्चार्ज निकलता है जिससे पैंटी ब्लीच हो जाती है और उसका रंग बदलने लगता है। ये बदलाव बाहर की ओर ना दिखे और अंदरूनी कपड़े में ही रहे इसके लिए भी ये लगाया जाता है। 
  • ये कपड़ा वेजाइना से आनी वाली एक्स्ट्रा नमी को सोख लेता है।  

क्यों इसे दोनों तरफ से नहीं सिला जाता है? 

एक एडिशनल कपड़ा लगाना सही तो साबित होता है, लेकिन हो सकता है कि आपके दिमाग में भी ये बात आ रही हो कि आखिर इसे दोनों तरफ से क्यों नहीं सिला जाता? इसके भी दो कारण हैं।  

female underwear gasset

कई बार अगर अंडरवियर खराब क्वालिटी के मटेरियल से बनाई गई है तो सिलाई जल्दी हो जाए और वेजाइनल डिस्कंफर्ट भी ना हो इसके लिए इस कपड़े को लगाया जाता है।  

दूसरा ये कि जिस तरह का डिजाइन महिलाओं के अंडरवियर का होता है उसमें वेजाइना को हवा मिलती रहे इसलिए उस जगह पर बहुत ज्यादा फ्रिक्शन ना हो और वो एरिया सूखा रहे। अगर इसे दोनों तरफ से सिल दिया जाएगा तो ये अनकंफर्टेबल ज्यादा होगा और इन्फेक्शन का खतरा भी होगा।  

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इसे जरूर पढ़ें- अंडरवियर से जुड़ी ये 7 कॉमन गलतियां पड़ सकती हैं भारी 

किस मटेरियल का किया जाता है इस्तेमाल? 

इस गसेट के एक्स्ट्रा हिस्से में हमेशा कॉटन या कॉटन मिक्स कपड़ा लगाया जाता है। कुछ ब्रांड्स सिल्क मिक्स कपड़ा भी यूज करते हैं, लेकिन हमेशा ये कोई नेचुरल फैब्रिक ही होता है। ये कंफर्ट के लिए बहुत जरूरी है।  

तो अब आप समझ ही गए होंगे कि आखिर अंडरवियर का ये कपड़ा आखिर कितना जरूरी होता है और इसे किस ऐसा ही क्यों रखा जाता है। अंडरवियर के फैब्रिक की बात करें तो हमेशा ही इसे ऐसा चुनना चाहिए जिससे हवा पास होती रहे। अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी हो तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़े रहें हरजिंदगी से। 

Image Credit: cleverly youtube/ Shared/ youtube brittany vasseur

 
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