जानिए कब और किन लोगों को दी जाती है 21 तोपों की सलामी?

21 Gun Salute: रामनाथ कोविंद ने 25 जुलाई, 2017 को राष्ट्रपति पद के लिए शपथ ली थी। इसके साथ ही वह भारत के 14वे राष्ट्रपति थे। अगर आपको याद है तो बता दें, कि जब रामनाथ कोविंद भारत के राष्ट्रपति बने थे और जब वह पहली बार राष्ट्रपति भवन पहुंचे थे तो उन्हें 21 तोपों की सलामी दी गई थी। भारत में गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस या अन्य महत्वपूर्ण राष्ट्रीय दिवस के मौके पर 21 तोपों की सलामी से ही दिन की शुरुआत होती है। वहीं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के निधन पर 21 तोपों की सलामी के साथ राजकीय सम्मान दिया गया था। अब ऐसे में सवाल यह आता है कि 21 तोपों की सलामी किसे दी जाती है।
गणतंत्र दिवस के दिन राष्ट्रपति द्वारा तिरंगा फहराया जाता है और 21 तोपों की सलामी दी जाती है, जो जश्न में चार-चांद लगा देती है। इस लेख के माध्यम से अध्ययन करते हैं कि, 21 तोपों की सलामी किसे और क्यों दी जाती है, राजकीय सम्मान क्या होता है इत्यादि।
21 तोपों का राजकीय सम्मान किसे दिया जाता है?
देश में पहली बार 21 तोपों का राजकीय सम्मान महात्मा गांधी के अंतिम संस्कार के लिए की गई थी। राजकीय सम्मान को लेकर 1950 में, पहलीं बार निर्देश बनाया गया था कि यह सम्मान केवल प्रधानमंत्री, पूर्व प्रधानमंत्री गण, केन्द्रीय मंत्रिमंडल के वर्तमान और भूतपूर्व सदस्यगण के लिये ही था। इसके बाद इस सूची में राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, लोकसभा अध्यक्ष, उप सभापति राज्यसभा भी जोड़े गए। कुछ समय के बाद राज्यों को अपने अपने राज्यों में राज्यपाल, मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल के सदस्यों के अंतिम संस्कार को भी राजकीय सम्मान से करने की अनुमति दे दी गयी। बता दें, इस विशेषाधिकार का प्रयोग मुख्यमंत्री अपने वरिष्ठ कैबिनेट मंत्रियों की सलाह से करता है और फिर इसका आदेश सम्बंधित जिला मैजिस्ट्रेट और पुलिस प्रमुख को भेजे जाते हैं जो इसका पालन करते हैं।
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हाई रैंकिंग जनरलों को देते हैं 17 तोपों की सलामी
अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, फ्रांस, चीन, भारत, पाकिस्तान और कनाडा सहित दुनिया के लगभग सभी देशों में महत्वपूर्ण राष्ट्रीय व सरकारी दिवसों की शुरुआत पर 21 तोपों की सलामी दी जाती है। अब भारत में गणतंत्र दिवस की परेड में प्रत्येक वर्ष 21 तोपों को लगभग 2.25 सेकंड के अंतर पर फायर किया जाता है। ऐसा इसलिए ताकि राष्ट्रीय गान के पूरे 52 सेकंड में तीन राउंड में 7 तोपों को लगातार फायर किया जा सके।
हाई रैंकिंग जनरलों को 17 तोपों की सलामी देने का चलन है। मार्शल अर्जन सिंह भारतीय वायु सेना के शीर्ष अधिकारी रहे हैं। परंपरा के मुताबिक उन्हें 17 तोपों की सलामी दी गई।
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