हाथ से खाना खाने से क्या होता है? पाचन और दिमाग पर पड़ सकता है ऐसा असर

पुराने जमाने में हाथों से खाना खाने की परंपरा हुआ करती थी, लेकिन बदलती लाइफस्टाइल और समय के साथ लोग आधुनिक होते गए और यह संस्कार पीछे छूटता गया। आज अधिकांश लोग चम्मच या कांटे से खाना खाने लगे हैं। आयुर्वेद में हस्त भोजना के कई स्वास्थ्य लाभ बताए गए हैं, जिससे लोग आज वंचित हो रहे हैं। एक्सपर्ट से जानें, क्यों स्वास्थ्यवर्धक है हाथों से भोजन करना...
पिछले दिनों इंटरनेट मीडिया पर हाथ से खाना खाते हुए एक लड़की का वीडियो चर्चा में आया था, लोगों ने उसे देख खूब मजाक उड़ाया। इस बात से अंजान कि हाथों से खाना खाना हमारे स्वास्थ्य के लिए कितना लाभकारी है। दरअसल, आजकल अधिकतर लोगों के घरों में डाइनिंग टेबल होने के कारण वे आधुनिक तरीके से खाना पसंद करते हैं। जिसमें कांटा-चम्मच और छुड़ी का उपयोग किया जाता है। कई बार पार्टी या फिर किसी आयोजन में लोग हाथों में प्लेट लेकर खड़े होकर खाना खाना पसंद करते हैं। ऐसे में लोगों के सामने हाथों से खाना खाना असुविधाजनक हो जाता है। इसलिए, वे चम्मच का इस्तेमाल करते हैं!

हाथ से खाना खाने के हैं कई स्वास्थ्य लाभ
आयुर्वेद के अनुसार हमारी पांचों उंगलियां पांच अलग-अलग ऊर्जाओं या तत्वों (पंचमहाभूत) का प्रतिनिधित्व करती हैं। इसलिए, जब हम हाथ से खाना खाते हैं और पांचों उंगलियां मिलती हैं तब पांचों तत्वों की शक्तियां भोजन के साथ हमारे पेट में जाकर हमें ऊर्जावान और स्वस्थ बनाती हैं।
- पाचन क्रिया का सक्रिय होना- जब हम हाथ से खाना खाते हैं और उंगलियों को आपस में मिलाते हैं, तब एक प्रकार की योग 'मुद्रा' बनती है। यह मुद्रा शरीर के तत्वों को संतुलित करती है और तंत्रिका तंत्र तथा मस्तिष्क को पाचन क्रिया शुरू करने का संकेत भेजती है।
- भोजन का अहसास- हाथों से खाने पर हम भोजन के तापमान, बनावट और स्पर्श को महसूस कर पाते हैं। इससे हमारी पांचों इंद्रियां सक्रिय होती हैं, मस्तिष्क भोजन से पूरी तरह जुड़ता है और हम आवश्यकतानुसार सही मात्रा में भोजन करते हैं।
एक्सपर्ट की राय
अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान, दिल्ली की स्वास्थवृत्त डॉक्टर गरिमा श्रीवास्तव कहती हैं कि हाथों से भोजन करना केवल खाना खाने का एक तरीका नहीं है, बल्कि भोजन के साथ आध्यात्मिक और वैज्ञानिक रूप से जुड़ने की एक गहरी प्रक्रिया भी है। पांचों उंगलियों के गुण और पंचमहाभूत के बीच गहरा संबंध है। आयुर्वेद के अनुसार, हमारा ब्रह्मांड और हमारा शरीर पांच तत्वों (पंचमहाभूत) से मिलकर बना है। जब हम हाथों से भोजन करते हैं, तो ये पांचों उंगलियां एक साथ मिलकर एक योग मुद्रा (मुद्रण क्रिया) बनाती हैं। इससे पांचों तत्व संतुलित होते हैं और भोजन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
- अंगूठा, अग्नि तत्व- यह मेटाबालिज्म (पाचन क्रिया) को सक्रिय और नियंत्रित करता है।
- तर्जनी, वायु तत्व- यह शरीर में हवा की गति और परिसंचरण से जुड़ी है।
- मध्यमा, आकाश तत्व- यह शरीर में संतुलन और विस्तार की ऊर्जा देती है।
- अनामिका, पृथ्वी तत्व- यह शरीर को स्थिरता, मजबूती और पोषण देती है।
- कनिष्ठिका, जल तत्व- यह शरीर के तरल पदार्थों को संतुलित रखती है और पाचन रसों को बढ़ाती है।
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हाथ से खाना खाने से आपको ये सारे फायदे मिल सकते हैं। अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।
लेखक- सुमन अग्रवाल
- क्या हाथ से खाना खाने का दिमाग पर भी असर पड़ता है?
- खाने को छूने से अलग-अलग sensory signals मिलते हैं। हाथ, आंख, नाक और मुंह से मिलने वाले संकेत खाने के अनुभव और अवेयरनेस से जुड़े होते हैं।
- क्या हाथ से खाना खाना भारतीय परंपरा है?
- हां, भारत के कई हिस्सों में हाथ से खाना खाने की पारंपरिक प्रथा रही है। खासकर चावल, दाल, रोटी और सब्जियों जैसे भोजन को हाथ से खाने का चलन आम है।
- हाथ से खाना खाते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
- खाना खाने से पहले और बाद में हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोना जरूरी है। साफ हाथों से खाना खाना हाइजीन के लिए महत्वपूर्ण है।
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