आज के समय में खानपान में आए बदलावों की वजह से लोग कई तरह की हेल्थ प्रॉब्लम्स का सामना कर रहे हैं। ओबिसिटी, हार्ट डिजीज, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हाई कोलेस्ट्रॉल, ऑस्टियोपोरोसिस और कुछ कैंसर सही न्यूट्रिशन नहीं मिल पाने की वजह से होते हैं। हमारा खानपान जैसा रहता है, उसके आधार पर ही ब्लड शुगर में उतार-चढ़ाव आता है। अगर हम हेल्दी डाइट लेते हैं तो ब्लड शुगर को आसानी से मैनेज किया जा सकता है। लेकिन आज के समय में प्रचलित जंक फूड जैसे कि पिज्जा, बर्गर, फ्रेंच फ्राइज जैसे फूड प्रोडक्ट्स में रिफाइन्ड कार्बोहाइड्रेट्स की मात्रा ज्यादा होती है। इनके सेवन से ब्लड शुगर को कंट्रोल करना मुश्किल हो जाता है। ब्लड शुगर के कारण भारत में हर 6वां व्यक्ति डायबिटीज का शिकार हो रहा है। डायबिटीज के मामले इतनी तेजी से बढ़ रहे हैं कि भारत इस मामले में नंबर 2 पर आ गया है। शुगर वाले फूड प्रोडक्ट्स जैसे कि स्मूदी, कुकीज, केक और कोल्ड ड्रिंक्स भी बेहद नुकसान देह साबित होते हैं। शायद आपको यह जानकर हैरानी हो कि चीनी के ज्यादा सेवन से कुछ समय के लिए हमारा इम्यून सिस्टम काम करना बंद कर देता है। ऐसे में हमें हेल्दी और बीमारियों से सुरक्षित रहने के लिए अपनी डाइट पर पूरा ध्यान देने की जरूरत है। आमतौर पर महिलाएं इस बात पर विचार करती हैं कि डाइट में कार्बोहाइड्रेट्स किस तरह से लिए जाएं, लेकिन उन्हें यह नहीं पता होता कि इसकी कितनी मात्रा सही है। आज मैं आपको इसी के बारे में तफ्सील से बताऊंगी। 

लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले फूड हैं बेहतर

अगर आप अपनी डाइट में पास्ता या चाऊमीन ले रहे हैं तो इसका प्रभाव एकदम से नजर नहीं आता। लेकिन रोजाना इसी तरह की डाइट लेते रहने से पेट दर्द, अपच और ब्लड शुगर इररेगुलर होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इस तरह की समस्याएं दूर करने के लिए आपको अपने शरीर को समझने की जरूरत है। जो फूड आपके शरीर को पौष्टिकता देते हैं और जिनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स भी ज्यादा नहीं होता, ऐसे फूड आइटम्स सेहत के लिए हमेशा ही बेहतर होते हैं। ग्लाइसेमिक इंडेक्स यह नापता है कि शरीर में ब्लड शुगर का स्तर किस तरह से बढ़ रहा है। 

  • लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले फूड: हरी सब्जियां, ज्यादातर फल, गाजर, राजमा, चना, फलियां
  • मीडियम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले फूड: मक्का, केला, कच्चा अनानास, किश्मिश, ओट्स
  • हाई ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले फूड: व्हाइट राइस, व्हाइट ब्रेड और आलू

ग्लाइसेमिक इंडेक्स के आधार पर ऐसे फूड का चयन किया जा सकता है, जिससे ब्लड शुगर में बहुत तेजी से उतार-चढ़ाव ना आए। इस डाइट से वेट लॉस और लंबे समय तक प्रभावित करने वाली बीमारयां, जिनमें डायबिटीज और कार्डियोवेस्कुलर डिजीज शामिल हैं, से बचा जा सकता है। रोजमर्रा अपनी डाइट में इस्तेमाल होने वाले फूड आइटम्स चुनते हुए सजग रहें। कोशिश करें कि लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले फूड को अपनी डाइट में ज्यादा जगह दें। मसलन अगर आपका टोस्ट खाने का मन है तो आप व्हाइट ब्रेड की जगह होल ग्रेन ब्रेड के साथ शिमला मिर्च और प्याज भी ले सकती हैं। इससे ग्लाइसेमिक इंडेक्स को कम करने में मदद मिलेगी। 

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पास्ता को इस तरह बनाएं हेल्दी

healthy pasta

बहुत सी महिलाएं पास्ता शौक से खाती हैं। अगर आप इसे बनाते हुए इसमें काली मिर्च और तेल मिला लें, तो इससे ग्लाइसेमिक इंडेक्स हाई के बजाय मीडियम हो जाएगा। अगर आप इसमें हरी सब्जियां भी मिला लें तो इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स और भी नीचे चला जाएगा और यह डाइट ज्यादा हेल्दी बन जाएगी। इस तरह के बदलाव से ना सिर्फ लंबे समय तक पेट भरे होने का अहसास होता, बल्कि एनर्जी लेवल भी बरकरार रहेगा।   

विटामिन सी और ई युक्त डाइट लें

अगर आप वजन कम करना चाहती हैं तो कैलोरी इनटेक पर ध्यान देने की जरूरत होती है। डाइट ज्यादा होने पर वजन बढ़ जाने की आशंका होती है, लेकिन अगर शरीर को पर्याप्त मात्रा में ऊर्जा ना मिले तो इससे जंक फूड की क्रेविंग बढ़ने की आशंका भी होती है। इसीलिए विटामिन सी और विटामिन ई युक्त ऐसे फूड लेना बेहतर रहता है, जिनसे नेचुरल शुगर मिलती है। इसे ध्यान में रखते हुए केला, तरबूज, खरबूजा, आम, लीची, अनानास, अवोकाडो, पालक, मूंगफली का तेल, सोयाबीन का तेल जैसे फूड आइटम्स डाइट में शामिल किए जा सकते हैं। 

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ब्रेकफास्ट करना है जरूरी

बहुत सी महिलाएं सुबह घर और ऑफिस से जुड़े कामों में उलझकर समय से ब्रेकफास्ट नहीं कर पातीं। ऐसा करना हेल्थ के लिए अच्छा नहीं है। सुबह खाली पेट रह जाने की वजह से बाद में जंक फूड या मीठे की क्रेविंग होने लगती है। इसीलिए सुबह लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाला हेल्दी ब्रेकफास्ट जरूर लें। सुबह अच्छी तरह से नाश्ता करने के बाद दिन में हल्का भोजन लेना बेहतर रहता है। 

शहद या गुड़ हैं बेहतर 

shipra khanna on low gi diet

अगर आपको मीठा खाना पसंद है तो आप चीनी की बजाय हेल्दी ऑप्शन चुन सकती हैं। इसके लिए आप शहद, गुड़ और कुदरती मिठास वाले फल ले सकती हैं। इससे आपको मीठे की क्रेविंग नहीं होगी और वेट लॉस का भी फायदा मिलेगा। कोरोना वायरस के इन्फेक्शन के मद्देनजर इस तरह की डाइट और भी ज्यादा जरूरी है, क्योंकि इस स्ट्रॉन्ग इम्यूनिटी वाली डाइट से बीमारियों से सुरक्षा मिलेगी। 

शिप्रा खन्ना देश की जानी-मानी मास्टरशेफ हैं। अपनी इंस्टाग्राम पोस्ट्स में वह अक्सर हेल्दी लिविंग के लिए लाइफस्टाइल और डाइट में बदलाव के सुझाव देती रहती हैं। अगर आपको यह जानकारी अच्छी लगी तो इसे जरूर शेयर करें। डाइट टिप्स पाने के लिए विजिट करती रहें हरजिंदगी।