Fri Sep 11, 2026 | Updated 09:33 PM IST

दुर्लभ होते जा रहे इस आम के बारे में आप भी जानें, मुगल रानी के नाम से है मशहूर

भारत में आम की किस्मों की बात करें तो यहां दशहरी से लेकर लंगड़ा तक, कई किस्में आपको बाजार में मिलेंगी। ऐसे में आज हम आपको एक ऐसे खास आम के बारे में बताएंगे, जिसका एक फल तीन से चार किलो तक होता है।
Updated:- 2023-11-07, 19:56 IST
how much noorjahan mango weight

आम को फलों का राजा कहा जाता है। भारत में आपको चौसा से लेकर कलमी तक, आम की खूब सारी वेराइटी खाने को मिलेगी। सभी किस्मों का अलग स्वाद और खासियत है, कुछ मीठे होते हैं, तो कुछ खट्टे। कुछ आम का उपयोग किचन में अचार बनाने के लिए जाता है, तो कुछ का जैम बनाने के लिए। ऐसे में जब आम की इतनी ही चर्चा हो रही है, तो क्यों न आज आम की एक खास किस्म के बारे में जानें। इस बेहद खास आम को ‘नूरजहां’ के नाम से जाना जाता है। इस आम के अनोखे स्वाद और आकार के कारण इसे आमों की मल्लिका या रानी भी कहा जाता है। इस आम का नाम मुगल रानी 'नूरजहां' के नाम पर रखा गया है। भारत में यह आम दुर्लभ होने के कारण इस आम को सरकारी सरंक्षण भी दिया जा रहा है। साइज में बड़ा होने के साथ साथ यह आम खाने में भी बेहद स्वादिष्ट है।

नूरजहां को मिल रहा सरकारी संरक्षण

देश में इस आम की किस्म मध्य प्रदेश के अलीराजपुर जिले के कट्ठीवाड़ा में बस पाया जाता है। चूंकि यह किस्म धीरे-धीरे विलुप्त होते जा रही है, इसलिए इसे सरकार खास संरक्षण देकर बचा रही है। आम की इस किस्म की खेती अफगानिस्तान में हुई थी। इस पेड़ को पहले गुजरात में लगाया गया था, जिसके बाद इस आम के एक पेड़ को मध्य प्रदेश में लगाया गया। इस आम के पेड़ में जनवरी और फरवरी महीने में मंजर लग जाते हैं और जून तक बाजार में बिक्री के लिए तैयार हो जाता है। 

इसलिए है महंगा और दुर्लभ

noorjahan mango plant

आम की इस खास किस्म के स्वाद और मिठास के कारण इसकी डिमांड मार्केट में बहुत ज्यादा है। इस पेड़ की खास बात यह है कि यह मध्य प्रदेश के वातावरण में ही अच्छे से फलता-फूलता है, इसलिए बहुत कोशिशों के बाद भी इसे दूसरी जगहों पर नहीं लगाया जा सका है। नूरजहां आम इतना खास है कि इसे साल 1999 और 2010 में नेशनल अवॉर्ड और ‘किंग ऑफ मैंगो’ से सम्मानित किया जा चुका है।

इसे भी पढ़ें: आम की 12 किस्मों के बारे में जानें, कैसे रखें गए कुछ आमों के नाम

नूरजहां आम की खासियत

mango plant variety

नूरजहां आम हाथी झूल प्रजाति का आम है जो कि बुंदेलखंड और बघेलखंड के क्षेत्र में पाया जाता है। यह  अपने स्वाद और मिठास से कहीं ज्यादा अपने आकार और वजन के लिए प्रसिद्ध है। जहां आम के किस्मएक किलो तक होती  हैं, वहीं नूरजहां के एक फल का वजन साढ़े तीन से चार किलो तक होता है। इसके वजन को लेकर किसानों का कहना है कि ऐसा कट्ठीवाड़ा के खास वातावरण के कारण है।

नूरजहां के एक फल के दाम

mango varieties in india

खास होने के कारण इस आम की कीमत भी खास है। आम लोगों के बजट के बाहर इस आम के एक फल की औसतन कीमत 1000 से 1200 रुपये तक हो सकती है। गुजरात से सटे कट्ठीवाड़ा के क्षेत्र में मिलने वाले इस आम की डिमांड देश विदेश कई लोग करते हैं। यह आम 15 जून  के बाद पकना शुरू होता है और पकने के बाद यह जल्दी खराब हो जाता है। इसलिए इसका उपयोग जल्दी करना पड़ता है।

इसे भी पढ़ें: जर्मन एंबेसडर को खूब पसंद आईं ये आम की किस्में, आप भी जानें इनकी खासियत और लें भरपूर मजे

 

ये रही आमों की मल्लिका नूरजहां के बारे में कुछ खास जानकारी, यदि आपको इस आम के बारे में कुछ पता है तो हमें कमेंट कर बताएं। उम्मीद है आपको ये तरीके पसंद आए हों, इस लेख को लाइक और शेयर करें और ऐसे ही आर्टिकल पढ़ते रहने के लिए जुड़े रहें हर जिंदगी के साथ

Image Credit: Freepik, social media, amazon

FAQ
क्यों दुर्लभ है ये आम?
भारत में केवल 8 पेड़ होने के कारण है दुर्लभ।
भारत में कहां पाया जाता है नूरजहां आम?
मध्य प्रदेश के अलीराजपुर जिले के कट्ठीवाड़ा में पाया जाता है नूर जहां आम।
Disclaimer

हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, compliant_gro@jagrannewmedia.com पर हमसे संपर्क करें।