Sat Sep 12, 2026 | Updated 12:19 AM IST

श्री विरुपाक्ष शिव मंदिर: भारत के सबसे प्राचीन और विशाल मंदिरों में से एक

भारत के सबसे विशाल और प्राचीन मंदिरों में से एक श्री विरुपाक्ष शिव मंदिर के बारे में जानकर आपको भी अच्छा लगेगा, आइए जानते हैं।
Updated:- 2021-10-12, 11:18 IST
about sri virupaksha temple

प्राचीन काल में भारत की कई जगहों पर कुछ ऐसे मंदिर का निर्माण हुआ, जो आज किसी अद्भुत से कम नहीं है। खासकर दक्षिण भारत के केरल, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु राज्य में निर्मित कई मंदिर विश्व स्तर पर प्रसिद्ध हैं। इन्हीं विशाल और प्राचीन मंदिरों में से एक है श्री विरुपाक्ष मंदिर।

द्रविड़ स्थापत्य शैली से निर्मित विरुपाक्ष मंदिर सिर्फ दक्षिण भारत में भी नहीं बल्कि विश्व मंच पर भी प्रसिद्ध है। भगवान शिव को समर्पित यह मंदिर कई अनसुनी कहानियों के लिए भी प्रसिद्ध हैं। आज इस लेख में हम आपको श्री विरुपाक्ष मंदिर के बारे में करीब से बताने जा रहे हैं, तो आइए जानते हैं।

कहां है मंदिर?

interesting facts about sri virupaksha temple inside

उत्तरी कर्नाटक के बेल्लारी जिले में बेंगलुरु से लगभग 350 किमी की दूरी पर मौजूद है। आपको यह भी बता दें कि यह यह मंदिर हम्पी शहर से कुछ ही दूरी पर मौजूद है। माना जाता है कि हप्पी रामायण काल का किष्किंधा हुआ करता था। भगवान शिव को समर्पित इस मंदिर में स्थापित शिवलिंग की पूजा प्राचीन काल से होती आ रही है। एक अन्य तथ्य यह है कि इस मंदिर का इतिहास प्रसिद्ध विजयनगर साम्राज्य से जुड़ा है।

इसे भी पढ़ें:लखीमपुर खीरी: एक ऐसा मंदिर जहां होती है मेंढक की पूजा

क्या सच में भगवान शिव ने रावण को दिया था शिवलिंग?

facts about sri virupaksha temple inside

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यह मंदिर भगवान विरुपाक्ष और उनकी पत्नी देवी पंपा को समर्पित है। विरुपाक्ष, भगवान शिव का ही एक रूप है। पौराणिक कथाओं के अनुसार रावण जब शिव जी के दिए हुए शिवलिंग को लेकर लंका जा रहा था, तो यहां रुका हुआ था और उसने इसी जगह एक बूढ़े आदमी को शिवलिंग पकड़ने के लिए दिया था और उस बूढ़े आदमी ने शिवलिंग को जमीन पर रख दिया था, तब से शिवलिंग इसी जगह मौजूद है।(गोवा के प्राचीन और प्रसिद्ध मंदिर)

दीवार पर मौजूद चित्र भी है रोचक

interesting facts about sri virupaksha temple inside

शायद, आपको जानकारी हो, अगर नहीं है तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस मंदिर को 800 साल से भी अधिक प्राचीन मंदिर माना जाता है। कहा जाता है कि इस मंदिर की दीवारों पर उस प्रसंग के चित्र बने हुए हैं जिसमें रावण शिव से शिवलिंग उठाने की प्रार्थना कर रहा है और भगवान शिव इसे इंकार कर देते हैं। एक अन्य पौराणिक कथा यह कि इस मंदिर का निर्माण तैरने वाले पत्थरों से किया है।

इसे भी पढ़ें:ये हैं देवी के प्रसिद्ध मंदिर, दर्शन के लिए दूर-दूर से आते हैं लोग

द्रविड़ शैली का है बेहतरीन नमूना

interesting facts about sri virupaksha temple inside

द्रविड़ स्थापत्य शैली में ये मंदिर ईंट तथा चूने से बना है। इस मंदिर के पास मौजूद छोटे-छोटे मंदिर भी द्रविड़ स्थापत्य शैली के हैं। हेम कूट पहाड़ी की तलहटी पर श्री विरुपाक्ष मंदिर यूनेस्को की घोषित राष्ट्रीय धरोहरों में भी शामिल है।

अगर आपको यह लेख अच्छा लगा हो तो इसे शेयर जरूर करें और इसी तरह के अन्य लेख पढ़ने के लिए जुड़ी रहें आपकी अपनी वेबसाइट हरजिन्दगी के साथ।

Image Credit:(@vikipandit.com,wikimedia.or)

Disclaimer

हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, compliant_gro@jagrannewmedia.com पर हमसे संपर्क करें।