Glass Skywalk Visakhapatanam: भारत में खुला देश का सबसे लंबा 'ग्लास स्काईवॉक', 862 फीट की ऊंचाई पर जाने से पहले जान लें खास बातें

हमारे यहां भारत में घूमने-फिरने के लिए एक से एक जगहें मौजूद हैं। यहां की खूबसूरती ऐसी है कि विदेशों से भी लोग यहां खिंचे चले आते हैं। सिर्फ घूमना ही नहीं, बल्कि ये जगहें आपको रोमांच से भी देती हैं। अगर आपको ऊंचाई से डर लगता है, लेकिन एडवेंचर पसंद है, तो हमारी ये खबर आपके काम की हो सकती है। एक बार सोच कर देखिए कि आप कांच के पुल पर खड़ी हों और पैर के नीचे सिर्फ गहरी खाई दिख रही है, ठंडी हवाएं आपको छू रही हैं, ये सब सोच कर ही फिल्मी सीन जैसा मालूम पड़ता है।
हालांकि, अब ये सपना हकीकत बन चुका है। आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में भारत का सबसे लंबा कैंटिलीवर ग्लास स्काईवॉक लोगों के लिए खोल दिया गया है। नेचर, समुद्र और ऊंचाई, तीनों का रोमांच यहां एक साथ मिलेगा। फोटोग्राफी हो, घूमना-फिरना हो या सिर्फ एडवेंचर चाहिए, विजाग का ये ग्लास स्काईवॉक अब एडवेंचर लवर्स की बकेट लिस्ट में शामिल हो चुका है। यहां जाने से पहले आपको कुछ खास बातें जानना जरूरी है ताकि आपकी ट्रिप और भी मजेदार हो। आइए जानते हैं-
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कहां है भारत का सबसे लंबा ग्लास स्काईवॉक?
ये ग्लास स्काईवॉक विशाखापट्टनम (विजाग) में कैलासागिरी हिलटॉप पर बनाया गया है। ये जगह समुद्र के बेहद करीब है और पहाड़ी पर होने की वजह से ऊपर से शहर और समुद्र दोनों का शानदार नजारा देखने को मिलता है। एक दिसंबर को इसका उद्घाटन कर दिया गया है। अब यहां घूमने वालाें की तादाद बढ़ गई है। आपको बता दें कि इस Skywalk को तैयार करने में लगभग सात करोड़ की लागत आई। इसे खास डिजाइन के साथ तैयार किया गया है।
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क्या हैं इसकी खासियत?
- इसकी सबसे बड़ी खासियत इसकी ऊंचाई है। आप कांच के फ्लोर पर चलती हैं और नीचे गहरी खाई साफ दिखती है। ऐसा महसूस होता है जैसे पैरों के नीचे जमीन ही नहीं है।
- यहां का पूरा वॉकवे टेम्पर्ड लैमिनेटेड ग्लास से बनाया गया है। नीचे की गहराई दिखना ही इसकी असली पहचान है। दिन का समय हो या शाम का, रोशनी में कांच के पार दिखने वाला नजारा किसी 3D इफेक्ट की तरह लगता है।
- ऊपर खड़े होकर आप एक तरफ नीला समुद्र और दूसरी तरफ शहर की खूबसूरी देख सकती हैं। सनराइज या सनसेट का व्यू बहुत सुंदर नजर आता है। इंस्टाग्राम, ट्रैवल और व्लॉगिंग कंटेंट के लिए ये जगह परफेक्ट है।
- ये स्काईवॉक पहाड़ी से सीधे बाहर की ओर निकला हुआ है। आपको बता दें कि इसमें नीचे कोई सपोर्ट नहीं है। ऐसे में लगता है कि आप हवा में खड़ी हैं। यही डिजाइन इसे बाकी व्यू पॉइंट्स से अलग बनाता है।
ये भी जानें
- इसे बनाने में 40 एमएम का मोटा ट्रिपल-लेयर वाले हार्ड ग्लास का इस्तेमाल किया गया है।
- 40 टन स्टील का स्ट्रक्चर यूज हुआ है।
- तेज हवाओं और तटीय मौसम को ध्यान में इस ब्रिज को बनाया गया है।
एक बार में कितने लोग जा सकते हैं?
एक साथ भीड़ नहीं होती, इसलिए 20 से 40 लोगों के छोटे बैच को ही एंट्री दी जाती है। इससे फोटो, वीडियो और व्यू का मजा आराम से लिया जा सकता है। कोई धक्का-मुक्की या हड़बड़ी नहीं करने दिया जाता है।
फोटो और वीडियो के लिए है ड्रीम लोकेशन
आपको बता दें कि ये स्काईवॉक सिर्फ एडवेंचर नहीं, एक विजुअल ट्रीट भी है। कपल फोटोशूट करानी हो या ड्रोन शॉट्स, ट्रैवल व्लॉग, इंस्टाग्राम के ट्रेंडिंग रील्स बनाने हों, आपको यहां पर हर एक फ्रेम बहुत ही शानदार नजर आएगा।
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अभी ये ब्रिज नया है, इसलिए लोगों की एक्साइटमेंट भी कुछ ज्यादा ही है। आने वाले महीनों में ये विजाग की पहचान बनने वाला है। जैसे मनाली के अटल टनल या गोवा के बीच, वैसे ही आगे चलकर विजाग ग्लास स्काईवॉक के नाम से फेमस हो जाएगा।
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Image Credit- Instagram/life_on_wheelsbsp/andhra_soyagalu
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