अगर आपको याद हो तो कुछ समय पहले मैगी नूडल्स पर विवाद शुरू हो गया था। रिसर्च में सामने आया था कि इसमें लेड (lead) था जो बच्चों के दिमाग पर असर कर सकता था। मैगी के कई पैकेट्स को जलाया गया था, देश भर में इसका विरोध हुआ था और नेस्ले को अरबों रुपए का नुकसान भी हुआ था। मैगी स्टोर्स में दिखना बंद हो गई थी और उसके बाद से पतंजलि ने भी अपने आटा नूडल्स लॉन्च कर दिए थे। अगर सिर्फ भारत की बात करें तो न जाने कितने ऐसे ब्रांड्स के इंस्टेंट नूडल्स यहां बिकते हैं जिन्हें अलग-अलग फ्लेवर और स्वाद में पसंद किया जाता है। 

इंस्टेंट नूडल्स बनाने का तरीका तो सभी को पता है जहां इसमें गर्म पानी डाला जाता है और फिर मसालों के साथ इसे 2-3 मिनट पकाया जाता है। लोग सब्जियों का इस्तेमाल भी इसमें बहुत करते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि आखिर ये इंस्टेंट नूडल्स फैक्ट्री में कैसे बनते हैं? जी हां, असल में इंस्टेंट नूडल्स में क्या होता है और इसे फैक्ट्री में कैसे बनाया जाता है ये जानकारी भी आपको होनी चाहिए। आखिर आपके शरीर के अंदर क्या जा रहा है ये तो आप जानेंगे ही न। 

क्या है नूडल्स के आविष्कार की कहानी?

इंस्टेंट नूडल्स के आविष्कार की कहानी भी बहुत ही दिलचस्प है। इसका आविष्कार दूसरे विश्व युद्ध के दौरान जापान में हुआ था जहां अमेरिका द्वारा भेजे गए गेहूं के आटे का इस्तेमाल करने की कोशिश जारी थी। मोमोफुकु एंडो ( Momofuku Ando) एक बिजनेसमैन था जो अभी तक असफल रहा था। उसे जापानी सरकार की इस पहल के जरिए एक नया आइडिया आया। दरअसल, उस दौर में जापान में अमेरिका से तेल और गेहूं का आटा सप्लाई हो रहा था और विश्व युद्ध के कारण लोग भुखमरी का शिकार हो रहे थे। जल्दी से बहुत सारा आटा इस्तेमाल करने की कवायद तेज़ थी और लोग आइडिया दे रहे थे। 

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एंडो को उसके सूत्रों से ये बात पता चली थी कि जापानी सरकार इस तरह के तरीके खोज रही है। ऐसा कहा जाता है कि ये सुनकर एंडो खुश हुआ और कई दिनों तक वो गायब हो गया। लगभग साल भर तक गायब रहने के बाद अचानक 1958 में वो सामने आया और तब उसने अपने आविष्कार 'चिकन रामेन' के बारे में बताया जिसे सबसे पहला इंस्टेंट नूडल्स माना जाता है। 

इसके बाद एंडो फेमस हो गए और लगातार इसपर काम करते रहे। सन 1971 में उन्होंने कप नूडल्स का आविष्कार किया जिसका आइडिया उन्हें अमेरिका की फील्ड ट्रिप के दौरान आया था। ये उनके लिए था जिनके पास काम करते समय कोई प्लेट या फिर कटोरी नहीं होती थी। एंडो को ये मालूम हो गया था कि उनका आविष्कार ग्लोबल हो गया है और इसलिए एंडो ने इसे पेटेंट भी करवा लिया। 

कैसे बनाए जाते हैं इंस्टेंट नूडल्स?

इंस्टेंट नूडल्स का प्रोडक्शन प्रोसेस उसके आविष्कार के बाद से ही बदला नहीं है। अधिकतर इंस्टेंट नूडल्स पहले से ही स्टीम और फ्राई किए हुए होते हैं। जी हां, आपके पास तक आने से पहले ही नूडल्स को 80% पकाकर पैकेट में बंद किया जाता है। इसीलिए ये सिर्फ 2 मिनट में पक जाते हैं- 

सबसे पहले सामग्री- 

इंस्टेंट नूडल्स बनाने का सबसे पहला स्टेप है सामग्री जिसमें गेहूं, चावल, ज्वार आदि लिया जाता है और उसे पीसकर आटा बनाया जाता है। अलग-अलग कंपनियों के हिसाब से ये अलग हो सकता है।  

noodles and process

अब बारी आती है आटा गूंथने की- 

ये ठीक वैसा ही है जैसा आप घर पर आटा गूंथते हैं। आटा गूंथने के लिए बड़ी-बड़ी मशीनें इस्तेमाल की जाती हैं और इसमें पानी मिलाया जाता है, लेकिन यहां पर हाइड्रेशन का ख्याल रखा जाता है क्योंकि अगर पानी और आटे का अनुपात 1% भी बिगड़ा तो नूडल्स की इलास्टिसिटी खत्म हो जाएगी। इसी प्रोसेस में आटे में नमक, Kansui (कानसुई- अल्कलाइन सॉल्यूशन जिसमें सोडियम कार्बोनेट शामिल होता है। इसके कारण ही नूडल्स में चिपचिपापन आता है और ये देखने में भी अच्छे होते हैं।) 

अब किया जाता है रोल- 

अब आटे में नमक मिलाकर उसे बड़ी-बड़ी मशीनों से रोल किया जाता है और वही मशीन इसे नूडल्स के आकार में काटती भी है। ये धीरे-धीरे नूडल्स का शेप ले लेता है। 

अब बारी आती है स्टीम और फ्राई करने की- 

अब इंस्टेंट नूडल्स को डिहाइड्रेट किया जाता है ताकि ये लंबे समय तक पैकेट में बंद रहें और इसमें प्रिजर्वेटिव्स भी मिलाए जा सकें। इसके लिए उन्हें कुछ देर स्टीम कर ऑयल से डीप फ्राई किया जाता है। अधिकतर मामलों में पाम ऑयल का इस्तेमाल होता है क्योंकि इसकी हीट स्टेबिलिटी ज्यादा है। यही स्टेप है जिसके कारण इंस्टेंट नूडल्स काफी अनहेल्दी माने जाते हैं क्योंकि यहीं इनमें फैट कंटेंट ज्यादा और मॉइश्चर कंटेंट कम हो जाता है। कुछ एक ब्रांड्स ही हैं जो नूडल्स को एयर ड्राई प्रोसेस (नॉन फ्राई प्रोसेस) के जरिए बनाते हैं, लेकिन वो काफी महंगे होते हैं। उनका फैट कंटेंट काफी कम हो जाता है।  

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स्टार्च किए जाते हैं एड- 

अब बारी आती है स्टार्च एड करने की जिससे नूडल्स की जेल प्रॉपर्टी बनी रहे और वो पकने पर एक दूसरे के साथ दिखें। अधिकतर आलू का स्टार्च नूडल्स में ऐड किया जाता है।  

नूडल्स होते हैं पैक- 

इसके बाद नूडल्स को काटकर पैक किया जाता है और एक मशीन इन्हें काटकर रोल करने से लेकर टेस्ट मेकर पैकेट में एड करने तक का सारा काम करती है।  

क्योंकि इंस्टेंट नूडल्स में बहुत सारे फैट्स, केमिकल्स, MSG (Monosodium glutamate) और फ्लेवर बढ़ाने वाली कई चीज़ें एड की जाती हैं इसलिए इन्हें बहुत ज्यादा अनहेल्दी माना जाता है।  

making noodles

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इंस्टेंट नूडल्स से जुड़े कुछ कॉमन मिथक- 

इंस्टेंट नूडल्स कैंसर पैदा करते हैं: आप दूध से लेकर कोल्ड ड्रिंक तक अगर आप जरूरत से ज्यादा खाते हैं तो वो नुकसानदेह हो सकता है, लेकिन एक पैकेट नूडल्स से आपको कैंसर नहीं होगा।  

इंस्टेंट नूडल्स प्रेगनेंसी के दौरान सेफ नहीं हैं: अगर आपको क्रेविंग हो रही है तो अपने डॉक्टर से इसके बारे में सलाह लें। एक-दो बार नूडल्स खा लेने से कोई फर्क नहीं पड़ता है।  

आटा नूडल्स ज्यादा हेल्दी हैं: ये एक मिथक है। सभी नूडल्स अगर वो पहले से फ्राई किए हुए हैं तो एक बराबर मात्रा में फैट कंटेंट लिए होते हैं फिर भले ही वो किसी भी ब्रांड के हों।  

इंस्टेंट नूडल्स से बाल झड़ेंगे: अगर आप जरूरत से ज्यादा इन्हें खा रहे हैं या हर रोज़ इसका सेवन कर रहे हैं तो पेट संबंधित दिक्कत होगी, लेकिन नूडल्स से बाल झड़ने का कोई ठोस लिंक अभी तक किसी रिसर्च में नहीं है।  

आपको ध्यान ये रखना चाहिए कि कोई भी चीज़ खाएं उसे लिमिटेड मात्रा में ही लें। अगर आप जरूरत से ज्यादा किसी चीज का सेवन करेंगे तो ये नुकसानदेह ही होगी। अगर आपको अपनी हेल्थ का ख्याल रखना है तो रिफाइंड और केमिकली प्रोसेस्ड चीज़ें कम खाने में ही भलाई है। अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़े रहें हरजिंदगी से।