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    कूचबिहार पैलेस: भारतीय वास्तुकला का एक बेजोड़ नमूना, जानें इसके बारे में

    देश में ऐतिहासिक महत्व रखने वाला कूचबिहार पैलेस राजबाड़ी और विक्टर जुबली पैलेस के नाम से भी प्रसिद्ध है, जानें इसके बारे में।
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    Published -22 Feb 2021, 11:11 ISTUpdated -08 Jul 2021, 18:00 IST
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    cooch behar palace

    भारत की प्रथम राजधानी यानि पश्चिम बंगाल में प्राचीन काल से लेकर मध्य काल तक ऐसे कई ऐतिहासिक मंदिर, इमारत और महल का निर्माण हुआ, जो आज भी पूरे विश्व भर में प्रसिद्ध है। प्राचीन और मध्य काल में कुछ राजाओं और मध्य काल में ब्रिटिश हुकूमत द्वारा कई ऐतिहासिक भवन का निर्माण करवाया गया, जहां हर साल हजारों सैलानी घूमने के आते हैं। इन्हीं ऐतिहासिक महल में से एक है 'कूचबिहार पैलेस' जिसे कई लोग राजबाड़ी के नाम से भी जानते हैं।

    विश्व प्रसिद्ध इस पैलेस को विक्टर जुबली पैलेस के रूप में भी जाना जाता है। इस पैलेस के बारे में कहा जाता है कि लंदन में स्थित बकिंघम पैलेस से प्रेरित होकर इस पैलेस का निर्माण करवाया गया था। आज इस लेख में हम आपको इस कूचबिहार पैलेस के बारे में कुछ रोचक तथ्य बताने जा रहे हैं, जिससे शायद आप भी अभी तक अंजान होंगे। तो चलिए जानते हैं इस पैलेस के बारे में।

    कूचबिहार पैलेस का इतिहास 

    cooch behar palace history inside

    कहा जाता है कि प्रसिद्ध कूचबिहार पैलेस का निर्माण उस समय के राजा महाराजा नृपेंद्र नारायण ने साल 1887 में करवाया था। साल 1887 के बाद महाराजा नृपेंद्र नारायण के बाद उनके बेटे राजेंद्र नारायण और जितेंद्र नारायण ने साल 1970 के आसपास तक इस महल पर राज किया और बाद में इस पैलेस को भारतीय सर्वेक्षण विभाग ने अपने अधिकार में कर लिया। भारतीय सर्वेक्षण विभाग द्वारा अपने अधिकार में लेने के बाद इसे पर्यटकों के लिए खोल दिया गया, जहां हर साल हजारों देशी और विदेशी सैलानी घूमने के लिए आते हैं।

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    पैलेस की वास्तुकला 

    cooch behar palace history inside

    कहा जाता है कि इस महल का निर्माण इतालवी वास्तुकला में किया है, जो एक भव्य भवन है। बलुआ पत्थर और संगमरमर से तैयार कूचबिहार पैलेस के कमरों की दीवारों और छत पर बेहद ही सुंदर पेंटिंग हैं, जिसे देखने के बाद सबकी निगाहें टिक जाती है। कहा जाता है कि साल 1987 के आसपास पश्चिम बंगाल में आये भूकंप के कारण इस महल को काफी नुकसान पहुंचा, जिसके बाद इस महल के कई हिस्सों को पर्यटकों के लिए बंद कर दिगा। ये भी कहा जाता है कि इस पैलेस का मुख्य दरवाजा रोम में स्थित सेंट पीटर चर्च से मिलता जुलता है। (रामबाग पैलेस)

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    प्रोग्राम और महल के अंदर 

    cooch behar palace history inside

    पश्चिम बंगाल के पर्यटक विभाग द्वारा इस महल में शनिवार और रविवार को लाइट एंड साउंड शो प्रोग्राम का आयोजन किया जाता है। यहां आप भी शाम 6 बजे से लेकर 8 बजे के बीच कभी भी घूमने के लिए जा सकते हैं। इस पैलेस में बिलियर्ड रूम, लाइब्रेरी और म्यूजियम आदि ऐसे कई प्रमुख आकर्षण के केंद्र है, जिसे देखने और घूमने के लिए जा सकते हैं। कहा जाता है कि इस महल में लगभग पच्चास से अधिक कमरे मौजूद है। (लक्ष्मी विलास पैलेस)

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    पैलेस के आसपास घूमने के लिए जगह    

    about cooch behar palace history inside

    ऐसे नहीं है कि इस पैलेस के आसपस घूमने के लिए कोई जगह नहीं है। अगर आप यहां घूमने के लिए जा रहे हैं, तो आप मदन मोहन मंदिर, झील और स्वादिष्ट स्थानीय भोजन का भी लुत्फ़ उठा सकते हैं। कहा जाता है कि यहां हर साल रश मेला और हुजूर साहेब मेला भी आयोजित होता है, जिसमें आप शामिल होने के लिए जा सकते हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कूचबिहार पैलेस में घूमने के लिए प्रति व्यक्ति दस रुपये है और बच्चों के लिए कोई टिकट नहीं है।     

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    Image Credit:(@upload.wikimedia.org,photos.gurushots.com)

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