शीशे में Padmavati की छवि देख अलाउद्दीन खिलजी बना था उनका दीवाना

Padmavati रानी को बेहद ही सुन्दर बताया जाता है। ऐसा कहा जाता है कि रानी Padmavati की शादी के लिए उनके पिता ने स्वयंवर करवाया था।
Updated:- 2018-02-27, 11:19 IST
padmavati fort big image

संजय लीला भंसाली की नई फिल्म Padmavati 1 दिसम्बर को रिलीज होने वाली है। इन दिनों Padmavati फिल्म का ट्रेलर लोगों के बीच काफी पॉपुलर हो चुका है जिसे 24 घंटे में 15 मिलियन (1.50 लाख) व्यूज़ मिले थे, पर क्या आप जानते हैं Padmavati कौन थीं और उनका चित्तौड़गढ़ का किला इतना फेमस क्यों था।

Padmavati रानी को बेहद ही सुन्दर बताया जाता है। ऐसा कहा जाता है कि रानी Padmavati की शादी के लिए उनके पिता ने स्वयंवर करवाया था। इस स्वयंवर में Padmavati की शादी चित्तौड़ के राजा रत्न सिंह के साथ हुई थी। Padmavati की सुन्दरता के बारे में सुनकर अलाउद्दीन खिलजी बेचैन हो उठा था इसलिए उसने Padmavati को पाने के लिए चित्तौड़ पर आक्रमण किया था। अलाउद्दीन खिलजी ने कई दिनों तक चित्तौड़ के किले को घेरे रखा था। उसके बाद उन्होंने राजा रत्न सिंह के पास संदेश भेजा कि वह Padmavati को देखना चाहते हैं। यह प्रस्ताव सुनकर राजा रत्न सिंह को बहुत गुस्सा आया था लेकिन इतनी छोटी सी बात के कारण वह चित्तौड़ के सैनिकों का खून बहाना नहीं चाहते थे इसलिए उन्होंने किले में लगे शीशे से खिलजी को Padmavati की छवि दिखाई थी। 

चित्तौड़गढ़ किला है UNESCO World Heritage Site

chittorgarh fort

Image Courtesy: Wikimedia

चित्तौड़गढ़ किला UNESCO World Heritage Site भी है। चित्तौड़गढ़ किले की कई ऐसी रोचक बातें हैं जिसे जानकर आप कहेंगे कि यह किला बहुत ही अनोखा किला है।  यह किला लगभग 700 एकड़ के क्षेत्र में फैला हुआ है और 500  फुट ऊंची पहाड़ी पर खड़ा है। इस किले के सात प्रवेश द्वार हैं और उनके नाम हैं भैरव पोल, राम पोल, सूरज पोल, हनुमान पोल, गणेश पोल, जोली पोल, लक्ष्मण पोल।

Read more: अगर राजस्थान गई हैं घूमने तो जयपुर के साथ उदयपुर की ये 5 जगहें देखना ना भूलें

एक रात में बना है चित्तौड़गढ़ किला

हर किसी के मन में यही सवाल आता है कि इतने बड़े किले को बनाने में कितने सालों का समय लगा होगा। कुछ लोग अनुमान भी लगाना शुरू कर देते हैं लेकिन ऐसा कहा जाता है कि यह किला एक रात में बना था। 'गीता प्रेस' किताब की माने तो पाण्डवों के दूसरे भाई भीम ने चितौड़गढ़ का किला बनाया था। जिसमें उनके चार भाइयों ने भी उनकी सहायता की थी। वैसे यहां आपको बता दें कि भीम की ताकत को हजार हाथियों के समान माना जाता था।

चित्तौड़गढ़ किला है हजारों साल पुराना

chittorgarh fort

Image Courtesy: Wallpapersdsc.net

हिंदू सभ्यता के अनुसार विभाजित किए गए चार युगों में से चित्तौड़गढ़ किला द्वापर युग से सम्बन्ध रखता है। इस किले को द्वापर युग में बनाया गया था। यह किला केवल सौ साल पुराना नहीं बल्कि हजारों साल पुराना है।

पारस पत्थर की शर्त के बदले बना चित्तौड़गढ़ किला

ऐसा कहा जाता है कि भीम ने एक योगी से पारस पत्थर मांगा था जिसके बाद योगी ने पारस पत्थर के बदले एक विशाल महल बनाने की शर्त रखी थी। जिसके बाद भीम ने योगी की शर्त के बदले चित्तौड़गढ़ किला बनाया।

Read more: सर्दियों में जयपुर ये 7 जगहें देखने जरूर जाएं

भीम-घोड़ी वो जगह है जहां भीम ने किया था विश्राम 

chittorgarh fort

Image Courtesy: Wikimedia

चित्तौड़गढ़ किला बेहद ही सुंदर और शानदार है। इस किले की रचना को देख हर कोई अचंभित हो जाता है। ऐसा कहा जाता है जिस जगह भीम ने विश्राम किया था, उस जगह का नाम भीम-घोड़ी पड़ा। ऐसे ही जिस तालाब पर मुर्गे ने बांग दी थी उस जगह को कुकड़ेश्वर कहा जाता है।

 

Disclaimer

हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, compliant_gro@jagrannewmedia.com पर हमसे संपर्क करें।