भारत के इन फेमस स्टैच्यू को देखकर हर कोई रह जाता है अंचभित, जानिए इनके बारे में

भारत अपनी भौगोलिक विविधता, सांस्कृतिक विविधता, सर्वधर्म समभाव व अनेकता में एकता जैसी विशेषताओं के लिए ही विश्व में नहीं जाना जाता। बल्कि यहां पर ऐसी कई चीजें हैं जो इसे अन्य सभी देशों से काफी अलग व महत्वपूर्ण बनाती हैं। भारत में कई ऐतिहासिक स्मारक स्थित हैं। इतना ही नहीं, दुनिया के सात अजूबों में शामिल ताजमहल भारत में स्थित है। इसके अलावा विश्व की सबसे बड़ी मूर्ति स्टैच्यू ऑफ यूनिटी भी भारत के गुजरात राज्य में स्थित है। सरदार वल्लभभाई पटेल का यह स्टैच्यू विश्व आकर्षण है। वैसे सिर्फ स्टैच्यू ऑफ यूनिटी ही नहीं, भारत में अन्य भी कई स्टैच्यू स्थित है, जो काफी फेमस हैं और इन्हें देखने के लिए लोगों के बीच एक खासा क्रेज रहता है। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको भारत में स्थित कुछ ऐसे ही प्रसिद्ध स्टैच्यू के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें आपको भी जानना चाहिए-
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी, गुजरात

जब भारत के फेमस स्टैच्यू की बात हो तो इस लिस्ट में सबसे पहला नाम स्टैच्यू ऑफ यूनिटीका ही आता है। भारत के प्रथम उप प्रधानमन्त्री तथा प्रथम गृहमन्त्री वल्लभभाई पटेल को समर्पित यह स्टैच्यू विश्व का सबसे बड़ा स्टैच्यू है। बता दें कि इससे पहले चीन की स्प्रिंग टेंपल बुद्धा को दुनिया की सबसे ऊंची मूर्ति का कहा जाता था। जहां तक बात स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की है तो यह बेमिसाल स्टैच्यू महज 33 महीने में तैयार किया गया। इसकी ऊंचाई 522 फिट यानी 182 मीटर है और इसका कुल वजन 1700 टन है। यह स्टैच्यू सरदार सरोवर बांध से 3.2 किमी की दूरी पर साधू बेट नामक स्थान पर है।
तिरुवल्लुवर स्टैच्यू, तमिलनाडु

तिरुवल्लुवर स्टैच्यू तमिल कवि और फिलॉसोफर वल्लुवर की एक 41-मीटर ऊंची अर्थात् 133 फीट ऊंची पत्थर की मूर्ति है। जिन्होंने तमिल क्लासिक संगम जिसे तिरुक्कुरल कहा जाता है, लिखा था। यह स्टैच्यू तमिलनाडु के कन्याकुमारी में एक छोटे से द्वीप पर स्थित है। यहाँ पर बंगाल की खाड़ी और हिंद महासागर का संगमभी देखा जा सकता है। ऐसा माना जाता है कि इस स्टैच्यू को एक भारतीय मूर्तिकार वी गणपति स्थपति ने बनाया था, जिन्होंने इरावन मंदिर भी बनाया था। इसका अनावरण 1 जनवरी 2000 को तत्कालीन मुख्यमंत्री एम करुणानिधि द्वारा किया गया था।
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तथागत त्सल, सिक्किम

दक्षिण सिक्किम में रवंगला के पास बुद्ध पार्क में भगवान बुद्ध की 130 फीट ऊंची मूर्ति स्थित है। इसे भारत में भगवान बुद्ध की सबसे ऊंची मूर्ति कहा जाता है। इसे बनाने में करीबन 6 साल लगे। बता दें कि इस मूर्ति का निर्माण 2006 और 2013 के बीच हुआ था। यह मूर्ति सिक्किम सरकारऔर उसके लोगों के संयुक्त प्रयासों के माध्यम से बनाई गई थी। इस स्टैच्यू को बनाने के पीछे का मुख्य उद्देश्य तीर्थयात्रियों को आकर्षित करना व पर्यटन को बढ़ावा देना है। बुद्ध पार्क में प्रवेश के लिये प्रतिव्यक्ति शुल्क 50 रूपये है। यह सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक खुला रहता है।
बसवा स्टैच्यू, कर्नाटक

बसवा स्टैच्यू कर्नाटक के बीदर जिले में स्थित है और इसकी कुल ऊँचाई 33 मीटर यानी करीबन 108 फीट है। इस प्रतिमा को विश्व में भगवान बसवा की सबसे ऊंची प्रतिमा के रूप में मान्यता प्राप्त है। इस मूर्ति का निर्माण अक्टूबर 2012 में हुआ था।
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हनुमान मूर्ति, हिमाचल प्रदेश

108 फीट ऊंची हनुमान मूर्तिहिमाचल प्रदेश में शिमला के पास जाखू पहाड़ी पर स्थित है। इसका अनावरण साल 2010 में किया गया था। आज यह शिमला के प्रमुख आकर्षण स्थलों में से एक है। ऐसा कहा जाता है कि इस मूर्ति के निर्माण में करीबन 1.9 करोड़ रूपए का खर्च आया था।
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