कोंकण भारत में महाराष्ट्र राज्य का कोस्टल डिविजन है। यह 720 कि.मी लंबा समुद्र तट है। कोंकण में महाराष्ट्र और गोवा के तटीय जिले आते है। हालांकि, कोंकण केवल ट्रॉपिकल बीचेस के साथ मात्र एक टूरिस्ट एरिया नहीं है, बल्कि हरियाली, गहरी घाटियां, वॉटरफॉल्स आपको स्वर्ग में होने का अहसास करवाते हैं। सर्दियों के अलावा मानसून में भी यहां पर घूमना काफी अच्छा माना जाता है। कोंकण के हरे-भरे, खूबसूरत समुद्र तट, पहाड़ और झरने आपको एक अविस्मरणीय अनुभव करवाते हैं। वैसे तो आप कोंकण में कई बेहतरीन एक्टिविटीज का आनंद ले सकती हैं, लेकिन इसके आसपास भी एक्सप्लोर करने के लिए काफी कुछ है। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको कोंकण के करीब घूमने की कुछ बेहतरीन जगहों के बारे में बता रहे हैं-

गणपतिपुले

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मुंबई से लगभग 350 किलोमीटर की दूरी पर, गणपतिपुले पर्यटकों के घूमने के लिए एक बेहतरीन जगहों में से एक है। यहां पर बीच के अलावा, प्रमुख आकर्षण 400 साल पुराना प्रसिद्ध गणेश मंदिर है। यहां पाया गया स्वयंभु भगवान गणेश लगभग 1600 साल पुराना है। इस मंदिर के नाम से ही इस स्थान का नाम पड़ा। वैसे तो यहां पर सालभर टूरिस्ट आते हैं, लेकिन नवंबर से लेकर फरवरी तक अपेक्षाकृत अधिक पर्यटक यहां आते हैं, क्योंकि इस समय मौसम बेहद सुहावना होता है। इसके अलावा, आप यहां पर प्राचीन कोंकण म्यूजियम को देख सकती हैं, जो मंदिर से सिर्फ 1 किमी दूर है। संग्रहालय एक बड़े परिसर के भीतर है जहां वे कोंकण के जीवन को चित्रित करते हैं। यह कोंकण की सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक पृष्ठभूमि को दर्शाता है। यहां पर कुछ एडवेंचर्स वॉटरस्पोर्ट्स का आनंद भी लिया जा सकता है।

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सिंधुदुर्ग

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सिंधुदुर्ग महाराष्ट्र में सबसे कम आबादी वाले जिलों में से एक है। इसलिए यहां पर आपको कम भीड़-भाड़ देखने को मिलेगी। यह महान मराठा योद्धा छत्रपति शिवाजी थे जिन्होंने यूरोपीय और सिद्दी विजेता के दुश्मनों को खत्म करने के लिए इस किले को अपने किले के रूप में चुना था। सिंधुदुर्ग नाम सिंधु और दुर्ग शब्दों का मेल है। सिंधु का अर्थ समुद्र है, और दुर्ग एक किले में तब्दील होता है। इस सिंधुदुर्ग किले में लगभग 52 गढ़ हैं। यह इतनी अच्छी तरह से बनाया गया है कि बाहरी लोगों द्वारा इस किले के प्रवेश द्वार का पता लगाना लगभग असंभव है। यहां एक छोटी नाव की सवारी है जो आपको हर दिन किले में ले जाती है। समुद्री जल के कारण यहाँ खेती बहुत अधिक नहीं होती है। अन्य कोंकण क्षेत्रों के साथ, यह स्थान समुद्र तटों के लिए भी जाना जाता है। जब आप यहां हों तो सीफूड के व्यंजन ट्राई करना न भूलें। इसके अलावा आप स्कूबा डाइविंग सहित अन्य कई वाटर स्पोर्ट्स का आनंद भी ले सकती हैं।

 

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रत्नागिरी

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रत्नागिरी लोकमान्य तिलक की जन्मस्थली है, पूर्व में राजसी सह्याद्री पहाड़ियों और पश्चिम में अरब सागर के बीच स्थित है। यह मुंबई से महज 330 किमी ही दूरी पर है। अपने समुद्र तटों और किलों के कारण, यह महाराष्ट्र में सबसे अधिक देखी जाने वाली जगहों में से एक है। सहयाद्रि पहाड़ियों से निकलने वाली नदियां अरब सागर से मिलने से पहले कई सुंदर फॉटरवॉल्स बनाती हैं। रत्नागिरी पूरे विश्व में अल्फोंसा आमों के लिए प्रसिद्ध है। आप यहां पर हैं तो जयगढ़ के किले से लेकर लाइटहाउस आदि को देख सकती हैं।

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अम्बोली

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अम्बोली, भारत का इको हॉट-स्पॉट, गोवा के पास एक हिल स्टेशन है। गोवा के तटों में प्रवेश करने से पहले यह आखिरी हिल स्टेशन है। हरे-भरे पहाड़ियों से घिरे इस शहर में वनस्पतियों और जीवों की प्रचुर विविधता देखने को मिलती है। यहां पर नियमित और भारी वर्षा होती है जो उन असंख्य झरने का कारण है। अम्बोली झरना यहां का प्रसिद्ध झरना है, जो पूरे साल पर्यटकों को आकर्षित करता है। शाम को, अद्भुत सूर्यास्त का आनंद लेने के लिए आप अम्बोली के मेन बस स्टैंड के पास सनसेट बिंदु पर जरूर जाएं। स्थानीय किंवदंतियों के अनुसार, यहां लगभग 108 शिव मंदिर हैं, और उन्हें अभी भी हाल के वर्षों तक खोजा जा रहा है। वैसे तो यहां पर पूरे साल मौसम सुखद रहता है, लेकिन घूमने का सबसे अच्छा समय मार्च से जून तक का माना जाता है।

नोटः अभी कोरोना संक्रमण के कारण आप शायद इन जगहों को एक्सप्लोर ना कर पाएं, लेकिन एक बार स्थिति सामान्य होने के बाद आप यहां वेकेशन पर जरूर जाइएगा। 

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