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भव्य ही नहीं काफी पुराना है भगवान विष्णु का ये मंदिर, जानें इससे जुड़ी रोचक बातें

दक्षिण भारत का यह मंदिर 156 एकड़ में फैला हुआ है। भगवान विष्णु को समर्पित इस मंदिर से जुड़ी कई ऐसी रोचक बातें हैं, जो जरूर जाननी चाहिए।
Updated:- 2021-08-03, 14:01 IST
the sri ranganathaswamy temple

दक्षिण भारत में एक नहीं कई प्रसिद्ध मंदिर हैं, जो अलग अनोखी खूबसूरती के लिए जाने जाते हैं। यही नहीं दक्षिण भारत में देवी और देवताओं के कई मशहूर मंदिर हैं, जहां देश और विदेश से लोग दर्शन के लिए आते हैं। यही वजह है कि साउथ को प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक माना जाता है। भगवान शिव, देवी लक्ष्मी के अलावा यहां भगवान विष्णु के भी मंदिर हैं। भारत में भगवान विष्णु के मंदिर गिनी-चुनी जगहों पर हैं, उन्हीं में से एक है श्री रंगनाथ स्‍वामी मंदिर, जो तमिल नाडु राज्य के तिरुचिरापल्ली शहर में स्थित है।

प्रचानी मंदिरों में से एक श्री रंगनाथस्‍वामी मंदिर की भव्यता देखते ही बनती है। यह मंदिर 631,000 मीटर स्क्वेयर में बना हुआ है। खास बात है कि इस मंदिर के प्रांगण में ना सिर्फ होटल है बल्कि यहां रेसिडेंशियल प्लेस और मार्केट भी लगते हैं। इस मंदिर के अंदर 49 धार्मिक स्थलों को और बनाया गया है जो भगवान विष्णु को ही समर्पित हैं। आइए जानते हैं इस मंदिर से जुड़ी महत्वपूर्ण और कुछ रोचक बातों के बारे में-

रंगनाथन के रूप में होती है पूजा

sri ranganathaswamy temple history

इस मंदिर में भगवान विष्णु की रंगनाथन के रूप में पूजा की जाती है। दरअसल रंगनाथन भगवान विष्णु का ही अवतार माना जाता है। इस प्राचीन मंदिर की खास बात है कि इसे द्रविण शैली में बनाया गया है, साथ ही इस मंदिर में 108 दिव्य दिसाम लिखे हुए हैं, जिन पर भगवान विष्णु को बनाया गया है। राजसी ढंग से निर्मित इस मंदिर से कई कहानियां और कथाएं जुड़ी हुई हैं। यही नहीं श्री रंगनाथस्‍वामी मंदिर शक्ति और साधना का प्रतीक माना जाता है। इंटरनेट पर दी गई जानकारी के अनुसार इस मंदिर का निर्माण विजयनगर काल यानी 1336-1565 के दौरान किया गया था।

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भारत का सबसे ऊंचा मंदिर

tallest temple

भारत का सबसे उंचा मंदिर है श्री रंगनाथस्‍वामी मंदिर। इसे मुख्य विष्णु मंदिरों में पहला और सबसे महत्वपूर्ण भी माना जाता है। 156 एकड़ में फैला यह मंदिर काफी बड़ा है। इस मंदिर पर डच पुर्तगाली और अंग्रेजों ने कई बार आक्रमण किया था। सबसे पहले इस मंदिर का निर्माण धर्म वर्मा चोल द्वारा करवाया गया था, लेकिन बाद में कावेरी नदी में बाढ़ आने की वजह से यह नष्ट हो गया था। इसके बाद इसे राजा किलिवलवन ने दोबारा से निर्मित करवाया। वहीं साल 2017 में इस मंदिर में बड़े पैमाने पर पुनर्निर्माण का कार्य किया गया। जिसके बाद इसे यूनेस्को एशिया प्रशांत पुरस्कार से भी नवाजा गया।

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कैसे जा सकते हैं श्री रंगनाथस्‍वामी मंदिर

famous temple

अगर आप साउथ घूमने का प्लान कर रही हैं तो इस मंदिर को एक बार जरूर विजिट करें। इसके लिए आप ट्रेन या फिर हवाई जहाज दोनों से यात्रा कर सकती हैं। तिरुचिरापल्ली में रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट दोनों तरह की सुविधाएं हैं। खास बात है कि अगर आप साउथ में हैं तो यहां आने के लिए आपको कई लोकल ट्रेनें भी मिल जाएंगी। रेलवे स्टेशन से आप इस मंदिर तक चलकर भी जा सकते हैं, इसके अलावा वहां ऑटो, कैब या फिर अन्य सुविधाएं भी आसानी से मिल जाएंगी। वहीं एयरपोर्ट से मंदिर लगभग 15 किलोमीटर दूर है, जिसके लिए आपको बस या फिर गाड़ी बुक करनी होगी। मंदिर में दर्शन के लिए आपको पूरा 1 दिन लग जाएगा, ऐसे में उस दिन किसी और जगह प्लानिंग ना करें। वहीं आप चाहें तो तिरुचिरापल्ली शहर में रुका भी जा सकता है। दरअसल मंदिर विजिट करते वक्त काफी थकान हो जाती है, ऐसे में आप वहां रुकना चाहें तो 2 हजार से लेकर 3 हजार रुपये तक में होटल रूम आसानी से मिल जाएंगे।

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