भारत में कई ऐसी जगहें हैं जो अपनी खास संस्कृति और प्राकृतिक खूबसूरती के लिए जानी जाती हैं। उन्हीं में से एक है ओडिशा राज्य, जहां पर्यटक स्थल होने के साथ-साथ कई ऐसे धार्मिक स्थल भी हैं, जहां लोग अक्सर जाना पसंद करते हैं। वहीं भुवनेश्वर को मंदिरों का गढ़ माना जाता है, माना जाता है कि एक समय था , जब यहां 2000 से भी ज्यादा मंदिर हुआ करते थे। ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर महानदी के किनारे स्थित है। वैसे तो इस बड़े शहर में मंदिर के अलावा झील, गुफा, और म्यूजियम जैसी कई खूबसूरत जगहें हैं, जिसकी वजह से यहां पर्यटकों का आना जाना लगा रहता है।

भुवनेश्वर में कई ऐसे धार्मिक स्थल हैं, लेकिन अगर आप शिव भक्त हैं तो परशुरामेश्वर मंदिर ज़रूर जाएं। प्राचीन होने के साथ-साथ यह मंदिर बेहद खास भी है। दरअसल इस मंदिर की दीवारों में 6 सशस्त्र देवी दुर्गा की नक्काशीदार छवि बनी हुई हैं। शिव को समर्पित इस मंदिर की मूर्तियां श्रद्धालुओं को काफी आकर्षित करती हैं। आइए जानते हैं इस मंदिर से जुड़ी कुछ खास बातें-

परशुरामेश्वर मंदिर का इतिहास

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भुवनेश्वर में स्थित परशुरामेश्वर मंदिर का निर्माण 7 वीं और 8 वीं शताब्दी ईस्वी के बीच किया गया था। इसका निर्माण शैलोद्भव राजवंश के काल में हुआ था। मंदिर वास्तुकला की नागर शैली के शुरुआती उदाहरणों में से एक है, जिसकी खूबसूरती देख तारीफ करने से खुद को रोक नहीं पाएंगे। मंदिर की बाहरी दीवार पर देवी पार्वती, गणेश, भगवान शिव आदि की मूर्तियां सुशोभित हैं, जो उस युग की महिमा को दर्शाती हैं। शैलोद्भव भगवान शिव की पूजा करते थे और शक्तिवाद में भी उनकी समान आस्था थी। परशुरामेश्वर उन कलिंग मंदिरों में से एक है जहा गर्भगृह और जगमोहन दोनों हैं। इस धार्मिक स्थल में परशुराष्टमी मनाया जाता है, जो यहां का मुख्य त्योहार है। जून और जुलाई के वक्त में लोगों की भीड़ यहां खूब देखने को मिलती है। यह मंदिर सुबह 5 बजे से लेकर शाम के 6 बजे तक खुला रहता है।

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परशुरामेश्वर मंदिर आने का सही समय

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वैसे तो लोग परशुरामेश्वर मंदिर त्योहार के वक्त यानी जून और जुलाई में अधिक आना पसंद करते हैं, लेकिन अगर आप अन्य जगहों को घूमना पसंद करती हैं तो अक्टूबर से लेकर मार्च के बीच तक समय बेस्ट है। दरअसल अप्रैल से लेकर सितंबर तक भुवनेश्वर में काफी ह्यूमिडिटी और गर्मी होती है, जिसकी वजह से लोग अच्छी तरह घूम नहीं पाते, लेकिन अगर आप सिर्फ परशुरामेश्वर मंदिर दर्शन के लिए आना चाहते हैं तो जून और जुलाई का महीना बेस्ट है। जुलाई में सावन भी आ जाता है, ऐसे में यहां अलग रौनक देखने को मिलती है।

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कैसे पहुंचे परशुरामेश्वर मंदिर

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अगर आप फ्लाइट से ट्रैवलिंग करती हैं तो आपको दिल्ली, हैदराबाद, मुंबई, कोलकाता से डायरेक्ट भुवनेश्वर की फ्लाइट मिल जाएगी। इसके अलावा ट्रेन भी बेस्ट ऑप्शन है, दरअसल यहां का रेलवे स्टेशन काफी बड़ा है जो अधिकांश प्रमुख शहरों से जुड़ा हुआ है। दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई, और हैदराबाद जैसे कई शहरों से आपको भुवनेश्वर के लिए ट्रेन आसानी से मिल जाएगी। आप फ्लाइट और ट्रेन दोनों की टिक ऑनलाइन बुक कर सकते हैं। इसके अलावा आप भुवनेश्वर कैब और पर्सनल गाड़ी से भी आ सकते हैं। दिल्ली से सफर कर रहे हैं तो आपको भुवनेश्वर पहुंचने में एक दिन से ज्यादा का समय लग जाएगा। भुवनेश्वर उतरने के बाद आपको परशुरामेश्वर मंदिर पहुंचने के लिए कई साधन मिल जाएंगे।

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