गोवा का एक ऐसा गांव जो एक समय अपने पुर्तगाली घरों और अपने खूबसूरत नजारों के लिए प्रसिद्ध था वो गांव अब कुछ अन्य कारणों से टूरिस्ट का चहीता बना हुआ है। ये कारण है भी कुछ अनोखा। ये गांव साल में सिर्फ एक महीने के लिए ही दिखता है। उसके अलावा ये पानी के अंदर डूबा हुआ रहता है।  

एक समय इस गांव में करीब 3000 लोग रहते थे। यहां ऐसी जगह और खंडर थे जिन्हें छठवीं सदी का बताया जाता था। पर 1986 के बाद से ये जगह पानी के अंदर डूब गई। ये हुआ गोवा के सालालुइम (salaluim) डैम के कारण।  

अपने आप में अनोखा है ये डैम- 

ये डैम अपने डिजाइन के कारण अनोखा है और लोग इसे देखने आते हैं। यहां एक क्रेटर है जिसे देखकर ऐसा लगता है कि पानी जमीन के अंदर जा रहा है। ये गोल आकार में बना हुआ है।  

curdi goa history

ये देखने में काफी मनमोहक है और ये डैम अपने आप में एक आकर्षक पिकनिक स्पॉट है।  

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साल के 11 महीने रहता है पानी के अंदर- 

ये गांव डैम बनने के बाद से साल के 11 महीने पानी के अंदर रहता है। सिर्फ मई में जब पानी कम होता है तब ये गांव और यहां पर टूटे हुए पेड़, घर, मंदिर आदि दिखते हैं। इसके बाद मॉनसून की बारिश के साथ ही ये फिर से डूब जाता है। 

साल में एक बार होता है बड़ा जलसा- 

साल में एक बार यानी मई के महीने में यहां मौजूद बरसों पुराने मंदिर सोमेश्वर मंदिर में पूजा होती है। जिस समय ये गांव दिखता है उस समय इस गांव के निवासी यहां आते हैं और इसे देखते हैं। यहां के शिव मंदिर में पूजा करते हैं।  इस गांव में सिर्फ मंदिर ही नहीं बल्कि चर्च और मस्जिद भी था और यहां 600 परिवार बसा करते थे।  

curdi temple goa

अब यहां देसी और विदेशी टूरिस्ट अक्सर आते हैं।  

1976 से बनना शुरू हुआ था डैम-  

यहां के लोकल लोग बताते हैं कि ये डैम 1976 में बनना शुरू हुआ था जब गोवा के चीफ मिनिस्टर दयानंद बंडोडकर ने गांव में डैम के प्रोजेक्ट की शुरुआत की थी। इसके बाद साल दर साल ये जगह पानी में डूबती गई। 1986 में ये पूरी तरह से डूब गई और जो लोग यहां बचे थे उन्हें रातों-रात अपना सामान छोड़कर यहां से भागना पड़ा था।  

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इसके बाद लोग पास के ही गांव में जाकर बस गए थे। कहा जाता है कि इस डैम को साउथ गोवा के कई गांवों में पानी देने के लिए बनाया गया था, लेकिन उन गांवों तक पानी पहुंच ही नहीं सका जहां कुर्दी के लोग गए थे। अभी भी गर्मी के महीनों में उन्हें पानी की समस्या का सामना करना पड़ता है। 

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इसे कहा जाता है गोवा का एटलांटिस-

अगर आपको एटलांटिस के शहर की कथा के बारे में पता है तो आपको ये पता होगा कि ये पौराणिक शहर ग्रीक लोककथाओं के अनुसार जलमग्न हो गया था और इसे ढूंढने की कई बार कोशिश भी की जा चुकी है। कुछ ऐसा ही हाल कुर्दी का भी है। 

ये जगह पानी में डूबे होने के बाद भी काफी सुंदर है और अगर आप गोवा घूमने जाने की तैयारी कर रहे हैं तो एक बार यहां का प्लान बनाया जा सकता है। अगर मई में जा रहे हैं तब तो यकीनन कुर्दी को साक्षात देख पाएंगे, लेकिन अगर मई की जगह जल्दी जा रहे हैं तो भी निराशा नहीं होगी। यकीनन ये भारत के कुछ अनोखे टूरिस्ट स्पॉट्स में से एक है।