मेहंदी के बारे में ऐसी मान्यता है कि मेहंदी लगाने से पति-पत्नी का रिश्ता मजबूत होता है। वहीं, मेहंदी के बारे में एक और मान्यता है कि जिसके हाथ की मेहंदी जितनी गहरी रचती है, उसको उतना ही अपने पति प्‍यार मिलता है। कुछ तीज-त्‍योहार जैसे की करवा चौथ, तीज में मेहंदी लगाना बहुत जरूरी होता है। वहीं, मेहंदी फेशन के लिए भी लगाई जाती है। अगर मेहंदी की बात करें तो शादी ब्‍याह से लेकर तीज-त्‍योहार इसके बिना अधूरे है।

use mehndi in sawan month inside

इसे जरूर पढ़ें: हाथों में मेहंदी लगवा रही हैं तो रखें इन 3 बातों का ध्‍यान, नहीं होगा कोई नुकसान

सावन का महीना शुरू होने वाला है और ऐसे में सबसे पहला ख्‍याल जो बात दिमाग में आता है वो है मेहंदी। सावन मेहंदी के बिना अधूरा है। सावन में मेहंदी लगाने को शुभ माना जाता है और इसलिए इस महीने महिलाएं मेहंदी जरूर लगाती हैं। सावन में मेहंदी लगाना एक परंपरा है और मेहंदी का अपना महत्व है। लेकिन क्‍या आपको पता है कि सावन में मेहंदी का क्‍या महत्व है और इसे क्‍यों लगाया जाता है। जानें, सावन में मेहंदी लगाने से दूर होने वाली बीमारियों के बारे में। सावन में शिवलिंग पर जरूर चढ़ाएं ये चीजें।  

Recommended Video

मेहंदी शरीर को ठंडा रखती है

ऐसा माना जाता है कि सावन के महीने में तेज बारिश होती है। जिसके कारण कई तरह की बीमारियां होने का खतरा बना रहता है। ऐसे में इन बीमारियों से बचने के लिए मेहंदी का इस्‍तेमाल किया जाता है। मेहंदी का इस्‍तेमाल शरीर की गर्मी को दूर करने के लिए किया जाता है। ऐसा माना जाता कि हरा रंग कई रोगों की रोक-थाम में कारगर होता है। मेहंदी की खुशबू शरीर को ठंडक देकर स्ट्रेस को कम करने का काम करती है। यहीं वजह है कि सावन में मेहंदी लगाने का चलन चला आ रहा है। सावन खत्म होने से पहले ये 3 काम जरूर करें

why use mehndi in sawan month inside

इसे जरूर पढ़ें: Beauty Mistakes: खूबसूरत स्किन और मजबूत बालों के लिए नहाते वक्त ना करें ये 5 गलतियां

मेहंदी दर्द से देती है राहत

ऐसा माना जाता है कि मेहंदी की तासीर ठंडी होती है और इस कारण इसे लगान से शरीर को ठंडक मिलती है। शरीर की गर्मी को दूर करने के लिए मेहंदी को पैरों के तलवों में भी लगाया जाता है। मेहंदी न सिर्फ हाथों की खूबसूरती को बढ़ाती है बल्कि तनाव और सिरदर्द की समस्या को भी दूर करती हैं। साथ ही, स्किन संबंधी बीमारी होने पर भी मेहंदी लगाने की सलाह दी जाती हैं। भोलेनाथ के वरदान के लिए करें इसका पाठ

Photo courtesy- (pinterest.com, My Blog, Jaipur Beat)