बालों और स्कैल्प से जुड़ी कई समस्याओं में से एक है डैंड्रफ। स्कैल्प में इन्फेक्शन, हेयर फॉल, बालों का डैमेज होना आदि बहुत कुछ डैंड्रफ से लिंक किया जा सकता है। जितनी आम डैंड्रफ की समस्या है उतना ही मुश्किल है उसे ठीक करना। गाहे-बगाहे हम कई तरीके अपनाते हैं और कई एंटी-डैंड्रफ शैम्पू भी इस्तेमाल करते हैं। अगर एंटी-डैंड्रफ शैम्पू की बात करें तो इससे जुड़ी कई भ्रांतियां हमारे मन में रहती हैं और कई लोगों को लगता है कि इससे बाल खराब हो जाएंगे। पर इसे इस्तेमाल करने से पहले इससे जुड़े कुछ फैक्ट्स हैं जो आपको जान लेना जरूरी है।

1. एंटी-डैंड्रफ शैम्पू हर रोज़ इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन..

एंटी-डैंड्रफ शैम्पू से जुड़ी सबसे बड़ी भ्रांति ये है कि इसे रोज़ाना इस्तेमाल नहीं किया जा सकता, ऐसा नहीं है। अगर आपका स्कैल्प ऑयली है और डैंड्रफ बहुत ज्यादा है तो आप एंटी-डैंड्रफ शैम्पू को लगातार 15 दिन तक इस्तेमाल कर सकती हैं। ड्राई स्कैल्प वालों के लिए ये अवधि 7 दिन है, लेकिन इसके साथ ही ये ध्यान रखना जरूरी है कि कैसे भी आपका स्कैल्प बहुत समय तक ड्राई न रहने पाए।

आप हर्बल एंटी-डैंड्रफ शैम्पू का भी इस्तेमाल कर सकती हैं जो बालों को ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचाते। ऐसे शैम्पू चुनें जिनमें zinc pyrithione मौजूद हो। इसी के साथ, ये ध्यान रखना जरूरी है कि अगर एंटी-डैंड्रफ शैम्पू से आपका स्कैल्प बहुत ज्यादा ही ड्राई हो रहा है तो इसे हफ्ते में तीन बार से ज्यादा न इस्तेमाल करें।

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2. स्कैल्प को शैम्पू की आदत नहीं लगती-

ये एक और भ्रांति एंटी-डैंड्रफ शैम्पू से जुड़ी हुई है। लोग समझते हैं कि उनके स्कैल्प को किसी एक तरह के शैम्पू की आदत पड़ जाएगी और फिर सिर्फ उसी से बाल धुलने पर असर दिखेगा, लेकिन ऐसा नहीं है। एंटी-डैंड्रफ शैम्पू को आप कभी भी लगाना शुरू कर सकती हैं और कभी भी इसे लगाना बंद कर सकती हैं। इसका असर आपके बालों पर बहुत ज्यादा नहीं पड़ेगा। अगर कोई शैम्पू सूट नहीं कर रहा है तो उसे इस्तेमाल करना तुरंत बंद कर दें और अगर कोई शैम्पू सूट कर रहा है तो उसे लगाती रहें। बालों को धोने का सही तरीका ये है कि उनमें ज्यादा कैमिकल्स का इस्तेमाल न किया जाए। शैम्पू चुनते समय इस बात का ध्यान जरूर रखें।

3. नेचुरल इंग्रीडियंट्स करते हैं ज्यादा असर-

एंटी-डैंड्रफ शैम्पू में कैमिकल्स जरूर होते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है कि नेचुरल इंग्रीडियंट्स का असर नहीं होता। अगर आप एंटी-डैंड्रफ शैम्पू का चुनाव करते समय नेचुरल इंग्रीडियंट्स का ध्यान रखेंगी जैसे टी-ट्री ऑयल और रोजमेरी आदि तो बेहतर होगा। अगर ऐसा नहीं है तो 1 कटोरी पानी में कुछ बूंदे एसेंशियल ऑयल की मिलाकर आप उसे अपने स्कैल्प पर इस्तेमाल कीजिए और उसके बाद एंटी-डैंड्रफ शैम्पू लगाइए। कुछ हद तक स्कैल्प के ड्राई होने की समस्या इससे भी हल की जा सकती है।

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4. कंडीशनर का भी होता है असर-

ऐसा नहीं है कि एंटी-डैंड्रफ शैम्पू का इस्तेमाल किया है तो एंटी-डैंड्रफ कंडीशनर काम नहीं करेगा या फिर उसे लगाने का कोई फायदा नहीं होगा। एंटी-डैंड्रफ शैम्पू के साथ-साथ कंडीशनर भी काफी काम करता है। सबसे पहले तो ये कि कंडीशनर के कारण बाल सॉफ्ट हो जाते हैं। एंटी-डैंड्रफ शैम्पू कई बार बहुत हार्ड होते हैं और कंडीशनर उनके असर को कम कर सकता है और बालों को डैमेज होने से बचा सकता है।

ध्यान रखने वाली बात ये है कि शैम्पू के जिस ब्रांड का इस्तेमाल कर रही हैं उसी ब्रांड का कंडीशनर भी लगाएं। हां, अगर आप बहुत ज्यादा मॉइश्चराइजिंग कंडीशनर का इस्तेमाल कर रही हैं तो उसे हफ्ते में तीन बार से ज्यादा न करें।

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5. ये शैम्पू काम तो करते हैं, लेकिन रामबाण नहीं हैं-

ये बात आपके लिए जाननी जरूरी है कि एंटी-डैंड्रफ शैम्पू काम करते हैं, लेकिन ये रामबाण नहीं है। अगर आपके स्कैल्प में बैक्टीरियल इन्फेक्शन हो रहा है या फिर स्कैल्प बहुत ज्यादा ड्राई हो रहा है, बालों का झड़ना रुक ही नहीं रहा तो डर्मेटोलॉजिस्ट की मदद लेना सही साबित होगा। जरूरी नहीं है कि कोई एंटी-डैंड्रफ शैम्पू आपकी समस्या का हल पूरी तरह से कर दे।

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