दुनिया में शिशु के लिए मां के दूध से बढ़कर पौष्टिक चीज और कुछ भी नहीं है। इसका महत्व इसी बात से समझा जा सकता है कि बच्चे के जन्म के तुरंत बाद उसे स्तनपान करवाने की सलाह दी जाती है। जन्म के एक घंटे के भीतर अगर बच्चे को स्तनपान करवाया जाए तो इससे उसका इम्युन सिस्टम काफी मजबूत होता है। साथ ही साथ उसे अन्य भी कई स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं। इतना ही नहीं, बच्चे के जन्म के बाद उसे सिर्फ और सिर्फ मां का दूध पिलाने की ही सिफारिश की जाती है। यहां तक कि बच्चे को पानी देने के लिए भी मना किया जाता है। मां के दूध से उसकी सभी पोषक संबंधी आवश्यकताएं पूरी हो जाती हैं। लेकिन बच्चे को यह सभी लाभ तभी मिलते हैं, जब मां शिशु को सही तरह से स्तनपान करवाएं। हालांकि नई मां को ठीक ढंग से स्तनपान करवाना नहीं आता। अगर आप भी पहली बार मां बनी हैं और यह जानना चाहती हैं कि आप अपने बच्चे को सही तरह से स्तनपान करवा रही हैं या नहीं तो इसके बारे में हम आपको आज इस लेख में बता रहे हैं। दरअसल, कुछ ऐसे संकेत होते हैं, जो यह बताते हैं कि आपके स्तनपान का तरीका बिल्कुल सही है-

दो-तीन डायपर का गीला होना

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अगर आप बच्चे को सही तरह से फीड करा रही हैं तो ऐसे में वह अपने जीवन के शुरूआती दिनों में दो-तीन डायपर गीला कर सकता है। जैसे-जैसे वह थोड़ा बड़ा होता है और आपके दूध की आपूर्ति बढ़ने लगती है तो हो सकता है कि वह दिन में चार-पांच या उससे अधिक डायपर यूज करे। वहीं बच्चे का यूरिन हल्का पीला होना चाहिए। वहीं, अगर आप सही तरह से ब्रेस्टफीड नहीं करवा रही हैं तो इससे वह दिन में एक या बमुश्किल दो डायपर गीला करेगा।

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बच्चे का रिलैक्स होना

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बच्चे की हरकतें भी आपको इशारा देती हैं कि आप सही तरह से ब्रेस्टफीड करवा रही हैं या नहीं। मसलन, स्तनपान के बाद बच्चा काफी रिलैक्स नजर आता है और फिर वह सोना या खेलना पसंद करता है तो यह बताता है कि आप सही तरह से ब्रेस्टफीड करवा रही हैं। वहीं अगर आपसे कुछ गड़बड़ होती है तो इस स्थिति में बच्चा भूखा रह जाएगा। हो सकता है कि ब्रेस्टफीड करवाने के बाद भी बच्चा रोए या फिर वह थोड़ा चिड़चिड़ा नजर आए।

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वजन का बढ़ना

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यह भी एक संकेत है। जब आप बच्चे को ठीक से ब्रेस्टफीड करवाती हैं तो जन्म के तीन सप्ताह के बाद उनका वजन बढ़ना शुरू हो जाता है। वजन बढ़ना एक धीमी प्रक्रिया होगी, लेकिन आप आसानी से अंतर देख पाएंगे। बस यह सुनिश्चित करें कि आप अपने बच्चे को दोनों स्तनों से दूध पिलाएं।

स्तनों का सॉफ्ट होना

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महिला खुद में होने वाले बदलावों के आधार पर भी स्तनपान के बारे में जान सकती है। मसलन, बच्चे को दूध पिलाने के बाद आपके स्तन नरम और हल्के हो जाएंगे। आपके कंधे और पीठ भी सहज महसूस करेंगे। (गर्दन और पीठ में हो रहा है दर्द, ये 5 स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करेंगी मदद) वहीं अगर आप सिर्फ एक स्तन से ही बच्चे को ब्रेस्टफीड करवाती हैं तो आपको एक स्तन में भारीपन व तेज दर्द का अहसास होगा। वहीं अगर आप सही तरह से स्तनपान नहीं करवाएंगी तो इससे भी स्तनों में भारीपन व दर्द का अहसास होता है।

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