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    एक्सपर्ट से जानें मेनोपॉज के लक्षणों को आसान करने के तरीके

    आमतौर पर मेनोपॉज की प्रक्रिया 50 वर्ष की आयु के आस-पास होती है। इस प्रक्रिया में महिलाओं के शरीर में बहुत से बदलाव आते हैं। आइए जानें इस समय होने वाले...
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    Published -22 Sep 2020, 15:18 ISTUpdated -22 Sep 2020, 15:45 IST
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    मेनोपॉज  एक महिला के जीवन की एक ऐसी प्रक्रिया है जब उसका मासिक धर्म समाप्ति की ओर होता है। इस दौरान महिलाओं के शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं साथ ही मानसिक रूप से भी कई बदलाव महिलाओं में देखने को मिलते हैं जैसे ध्यान केंद्रित न कर पाना, चिढ़चिढ़ापन ,ज्यादा गुस्सा और स्ट्रेस। जब शारीरिक बदलाव की बात की जाए तो महिलाओं में वजन बढ़ना, सिरदर्द, योनि का सूखापन, जैसे लक्षणों को मेनोपॉज के दौरान देखा जाता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि एक महत्वपूर्ण हार्मोन के स्तर को जिसे एस्ट्रोजन के रूप में जाना जाता है, वह हार्मोन अन्य हार्मोन के सामान्य चक्रीय पैटर्न को भी बाधित करता है। यह आपके चयापचय, हड्डियों के घनत्व और कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकता है। कई महिलाओं को लक्षणों को कम करने के लिए पूरक आहार को शामिल करने की आवश्यकता होती है। लेकिन, ऐसे प्राकृतिक तरीके भी हैं जिनके जरिए आप मेनोपॉज की समस्याओं से आसानी से निपट सकते हैं। आइए जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट -

    आहार में  फलों और सब्जियों को शामिल करें

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    फल और सब्जियां विटामिन, खनिज, फाइबर और एंटीऑक्सिडेंट से भरपूर होती हैं। गोभी, केला, ब्रोकोली, स्प्राउट्स जैसे आहार गिरते हुए एस्ट्रोजेन के स्तर  को नियंत्रित करते हैं। स्ट्रॉबेरी और ब्लूबेरी जैसे फल रक्तचाप को कम करने में मदद कर सकते हैं। इसलिए हर दिन अपनी डाइट में कच्चे, ताजे, स्थानीय और मौसमी फल और सब्जियां जरूर शामिल करें।

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    कैल्शियम और विटामिन डी से भरपूर खाद्य पदार्थ खाएं

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    हार्मोन में बदलाव से हड्डियां कमजोर हो सकती हैं। इसलिए, कैल्शियम और विटामिन डी का सेवन बढ़ाना बहुत आवश्यक है। इससे मीनोपॉज़ के बादभी ऑस्टियोपोरोसिस के जोखिम से बचा जा सकता है । आपको चाहिए कि दही, दूध, पनीर, हरी पत्तेदार सब्जियां, टोफू और बीन्स जैसे खाद्य पदार्थों को डाइट में जरूर शामिल करें। विटामिन डी के लिए जरूरी है कि आप सुबह की घूप कम से कम 15 -20 मिनट के लिए लें।

    स्वस्थ वजन बनाए रखें

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    रजोनिवृत्ति के दौरान वजन बढ़ना एक आम बात है। यह बदलते हार्मोन, उम्र बढ़ने, जीवन शैली और आनुवंशिकी कारणों के संयोजन के कारण हो सकता है।शरीर की अतिरिक्त चर्बी, विशेषकर कमर के आस-पास होने से हृदय रोग और मधुमेह जैसी बीमारियाँ होने का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा, आपके शरीर का वजन आपके रजोनिवृत्ति के लक्षणों को प्रभावित कर सकता है। जिन महिलाओं का मेनोपॉज हो चुका है उन पर किये गए एक शोध में पाया गया किमेनोपॉज के बाद उनका वजन पहले की तुलना में ज्यादा बढ़ा हुआ था। इसलिए वजन नियंत्रण करना बहुत जरूरी है। 

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    प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ शामिल करें

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    अपने खाने में प्रोटीन को जरूर शामिल करें। जब आपके शरीर में  प्रोटीन के अच्छे स्रोत होते हैं, तो आप मेनोपॉज के समय मांसपेशियों के नुकसान को रोक सकती  हैं, जो उम्र के साथ होता है। साथ ही, प्रोटीन से भरपूर भोजन आपको पूर्ण महसूस कराता है इसलिए, आप दिन भर में कम कैलोरी का सेवन करते हैं। फलियां, बीज, नट्स, सोया, अंडे, मांस और मछली को अपने प्रतिदिन के आहार में जरूर शामिल करें। 

    पर्याप्त पानी पिएं

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    मेनोपॉज के दौरान, महिलाओं को अक्सर ड्राईनेस का अनुभव होता है। यह एस्ट्रोजन के स्तर में कमी के कारण होता है। दिन में 8-12 गिलास पानी पीने से इन लक्षणों में मदद मिल सकती है। पीने का पानी हार्मोनल परिवर्तनों के साथ होने वाली सूजन को भी कम कर सकता है। इसके अलावा, पानी आपको वजन कम करने और वजन नियंत्रण में सहायता करने में मदद कर सकता है ,ताकि आप पूर्ण रूप से स्वस्थ  महसूस कर सकें और थोड़ा चयापचय बढ़ा सकें। भोजन से 30 मिनट पहले लगभग 500 मिली पानी पिएं। ऐसा करने से आप भोजन के दौरान 13% कम कैलोरी का उपभोग कर सकती हैं। 

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    चीनी और कार्ब्स को अपनी डाइट से कम करें 

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    कार्ब्स और अधिक चीनी मेनोपॉज के समय में ब्लड शुगर में तेजी से वृद्धि और गिरावट का कारण बन सकता है, जिससे आप थका हुआ और चिढ़चिढ़ा महसूस करती हैं। वास्तव में, एक अध्ययन में पाया गया कि परिष्कृत कार्ब्स में उच्च आहार पोस्टमेनोपॉज़ल महिलाओं में अवसाद का खतरा बढ़ा सकते हैं।खाद्य पदार्थों में उच्च शर्करा आहार हड्डी के स्वास्थ्य को भी प्रभावित कर सकते हैं ।

    नियमित रूप से व्यायाम करें

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    एक अध्ययन में पाया गया कि एक वर्ष के लिए प्रति सप्ताह तीन घंटे व्यायाम करने से रजोनिवृत्त महिलाओं के समूह में शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य और जीवन की समग्र गुणवत्ता में सुधार हुआ। इसलिए उनके लिए व्यायाम करना बहुत जरूरी है जो मेनोपॉज की स्थिति में हैं। नियमित व्यायाम बेहतर स्वास्थ्य और कैंसर, हृदय रोग, स्ट्रोक, उच्च रक्तचाप, टाइप 2 मधुमेह, मोटापा और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी बीमारियों से बचाता है। 

    उपर्युक्त बातों को ध्यान में रखकर आप अपने मेनोपॉज के समय को आसान बना सकती हैं साथ ही पोस्ट मेनोपॉज शरीर और दिमाग में होने वाले नकारात्मक बदलावों से भी निजात पा सकती हैं। 

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    Image Credit: freepik

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