क्या आप गर्भनिरोध के लिए कॉन्ट्रासेप्टिव इंजेक्शन के बारे में सोच रहे हैं? यहां हम आपको कुछ ऐसी बातें बताने जा रहे हैं जो आपके काम आएंगी अगर आप कॉन्ट्रासेप्टिव इंजेक्शन के बारे में सोच रही हैं तो। कॉन्ट्रासेप्टिव इंजेक्शन में progesterone हार्मोन्स होते हैं जिनसे प्रेग्नेंसी रुकती है। एक बार खून में प्रोजेस्टेरोन (progesterone) हार्मोन्स बढ़ गए तो ये प्रेग्नेंसी रोकने का काम करते हैं, दरअसल या तो इससे ओरवी से अंडाणु निकलना बंद हो जाते हैं या फिर ये सर्विकल म्यूकस को थोड़ा मोटा कर सकते हैं या फिर ये यूटरिन वॉल की परत को मजबूत बना देते हैं जिससे एम्ब्रियो न पनप पाए।

कॉन्ट्रासेप्टिव इंजेक्शन को लेने का सही समय क्या होता है?

आप इसे अपनी मेंस्ट्रुअल साइकल में कभी भी ले सकती हैं। इसे लगवाने के बाद ऊपर दिया हुआ कोई भी प्रोसेस हो सकता है और नतीजा यही होगा कि आपकी प्रेग्नेंसी रुक जाएगी। हालांकि, ये कहा जाता है कि मेंस्ट्रुअल साइकल शुरू होने के 5 दिन के अंदर ही इन शॉट्स को ले लेना चाहिए।

ये इंजेक्शन मिसकैरेज या अबॉर्शन के बाद भी लिया जा सकता है। यही नहीं अगर बच्चे को जन्म देने के बाद भी इस इंजेक्शन को लिया जाए तो भी ये ब्रेस्टफीडिंग पर असर नहीं डालता है। हालांकि, ये बेहतर होगा कि जन्म देने के कम से कम 6 हफ्ते बाद इसे लिया जाए।

different effects of contraseptive injection

कॉन्ट्रासेप्टिव इंजेक्शन के फायदे-

- जब ये समय पर लिया जाता है तो ये 99% असरदार साबित होता है।
- ये इंजेक्शन 8-13 हफ्तों तक अपना असर दिखाता है तो आपको सेक्शुअल एक्टिविटी के लिए डरने की जरूरत नहीं है। ये ध्यान रखता है कि प्रोटेक्शन लंबा चले और किसी को इसके लिए चिंता करने या हर रोज़ दवाइयां खाने की जरूरत न पड़े।
- ये उन लोगों के लिए बहुत अच्छा है जो कॉन्ट्रासेप्शन के तौर पर एस्ट्रोजन हार्मोन सप्लिमेंट नहीं ले सकते हैं।
-  अगर कोई भी अन्य तरीके की दवाई खाई जाए तो उसका भी कोई असर नहीं होता है इसपर। इसलिए इसे बिना डर के इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि, इसे शुरू करने से पहले आप अपने डॉक्टर से सलाह जरूर ले लें।
- ब्रेस्टफीड करवाने वाली महिलाओं के लिए गर्भनिरोध का ये सबसे सही तरीका है।

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कॉन्ट्रासेप्टिव इंजेक्शन में क्या हैं खामियां-

- पीरियड साइकल के बीच में कई बार ब्लड स्पॉट हो सकता है।
- आपके पीरियड्स फ्लचुएट हो सकते हैं कभी बहुत हेवी फ्लो और कभी बिलकुल कोई फ्लो नहीं। ऐसा भी हो सकता है कि कुछ लोगों का पीरियड मिस हो जाए।
- अगर आपकी फैमिली प्लानिंग में एक साल के अंदर प्रेग्नेंट होना तय किया गया है तो इसे लेना सही नहीं है।
- ये सेक्शुअली ट्रांसमिटेड बीमारियों से किसी तरह का कोई प्रोटेक्शन नहीं देता।
- अगर हार्ट स्ट्रोक, या दिल और लिवर से संबंधित कोई बीमारी है तो आप इस शॉट को लेने के लिए सही इंसान नहीं हैं।
- अगर आपको ब्रेस्ट कैंसर या किसी रीप्रोडक्टिव अंग का कैंसर रहा है तो इसे न लें।
- क्योंकि ये हार्मोनल इंजेक्शन है इसलिए ऐसा हो सकता है कि इसे लेने के कारण आपका वजन बढ़े या शरीर में कुछ जगह फैट इकट्ठा हो जाए।
- इमोशनल चेंज भी हो सकते हैं जैसे एंग्जाइटी, डिप्रेशन, भूख लगना, मूड में बदलाव होना आदि।



कॉन्ट्रासेप्टिव इंजेक्शन प्रेग्नेंसी रोकने में सहायक होता है और लॉन्ग टर्म प्रोटेक्शन देता है, लेकिन ये जरूरी है कि इसे लेने से पहले डॉक्टर से सलाह मश्वराह कर लिया जाए।